Follow Us On Goggle News

PM Kisan Yojana : किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी ! अब माल बेचने के लिए नहीं जाना पड़ेगा बाजार, सरकार की बड़ी योजना.

इस पोस्ट को शेयर करें :

e-NAM Registration : देश में मोदी सरकार की ओर से किसानों के लिए कई प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही है. इन योजनाओं के जरिए किसानों को लाभ प्रदान किए जा रहे हैं. साथ ही उनकी आय बढ़ाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं.इसी क्रम में सरकार ने राष्ट्रीय कृषि बाजार यानी E-National Agriculture Market (e-NAM) योजना शुरू किया है, आईये जानते क्या है यह योजना :

 

PM Kisan Yojana : किसानों के लिए सरकार की ओर से समय-समय पर कुछ न कुछ बेहतर जरूर किया जाता है. अब केंद्र सरकार की ओर से एक बार फिर से किसानों की ओर से बढ़ा कदम उठाया जा रहा है. सरकार की ओर से कहा गया है कि केंद्र इ-नाम (राष्ट्रीय कृषि बाजार) यानी E-National Agriculture Market (eNAM) को बेहतर बनाने के लिए काम कर रहा है. केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा कि केंद्र इ-नाम (राष्ट्रीय कृषि बाजार) को बेहतर बनाने के लिए काम कर रहा है. यह एक ऑनलाइन कारोबार मंच है. सरकार का यह प्रयास भारत में कृषि जिंसों, कृषि व्यवसाय को और अधिक पारदर्शी बनाने के लक्ष्य से प्रेरित है.

यह भी पढ़ें :  LPG Price Hike : फिर महंगा होगा LPG सिलेंडर, बजट में सब्सिडी घटने से 20 करोड़ उपभोक्ताओं पर पड़ेगा असर.

 

परियोजना से जोड़ा :

 

 

डिजिटल कृषि को बढ़ावा देने का इरादा :

तोमर ने कहा कि सरकार ‘डिजिटल’ कृषि को बढ़ावा देना चाहती है ताकि किसानों को बाजार न जाना पड़े और बिचौलियों पर निर्भर न होना पड़े. इस संबंध में उन्होंने एक विशेष क्षेत्र में उगाई जाने वाली कृषि उपज की निगरानी के लिए प्रौद्योगिकी की भूमिका पर जोर दिया. मंत्री ने कहा, ‘‘यदि हम किसी विशेष क्षेत्र में फसलों का डेटाबेस बनाते हैं, तो आपदाओं के कारण फसल के नुकसान की स्थिति में हम तुरंत मुआवजा प्रदान कर सकते हैं.

 

क्या है सरकार की तैयारी :

केंद्रीय कृषि मंत्रालय के तहत काम करने वाला ‘लघु कृषक कृषि व्यापार संघ’ (एसएफएसी) ई-नाम को लागू करने वाली सबसे बड़ी संस्था है. सरकार की योजना इस साल 200 एवं अगले साल 215 और मंडियों को इससे जोड़ने की है. देशभर में करीब 2,700 कृषि उपज मंडियां और 4,000 उप-बाजार हैं. पहले कृषि उपज मंडी समितियों के भीतर या एक ही राज्य की दो मंडियो में कारोबार होता था. हाल ही में पहली बार दो राज्यों की अलग-अलग मंडियो के बीच ई-नाम से व्यापार किया गया.

यह भी पढ़ें :  Old Pension Scheme: बड़ी खुशखबरी! इन कर्मचारियों के लिए भी पुरानी पेंशन योजना लागू करने का आदेश जारी.

 

मिशन के रूप में हो रहा काम :

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए मिशन के रूप में काम कर रही है. मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार मोटे अनाज को लोकप्रिय बनाना चाहती है. इस संदर्भ में प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र से दुनियाभर में बाजरे को लोकप्रिय बनाने के लिए एक पूरा साल समर्पित करने का आग्रह किया था. इसके बाद संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय ‘मिलेट’ वर्ष घोषित किया था.

 

क्या है e-Nam Yojana ?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के इस सबसे बड़े दर्द समझा और फसलों की ऑनलाइन बिकवाली के लिए देश भर में कृषि बाजार (ई-मंडी) खोल दी. इसका मतलब है राष्ट्रीय कृषि बाजार. इंटरनेट से जोड़ी गई हैं देश की 585 मंडियां-ई-नाम के तहत देश के विभिन्‍न राज्‍यों में स्थित कृषि उपज मंडी को इंटरनेट के जरिए जोड़ा गया है. इसका टारगेट यह है कि पूरा देश एक मंडी क्षेत्र बने.

यह भी पढ़ें :  LPG Subsidy : रसोई गैस सिलेंडर पर फिर शुरू हुई सब्सिडी ! खाते में आने लगे हैं पैसे, ऐसे करें चेक.

अगर बिहार का कोई किसान अपनी उपज दिल्ली में बेचना चाहता है तो कृषि उपज को लाने-ले जाने और मार्केटिंग करना आसान हो गया है.

 

किसान ई-नाम के साथ कैसे जुड़े :

सबसे पहले आपको सरकार की ओर से जारी की गई वेबसाइट www.enam.gov.in पर जाना होगा.  इसके बाद रजिस्ट्रेशन टाइप करना होगा. वहां किसान (Farmer) का एक ऑप्शन दिखाई देगा. फिर आपको अपनी ई-मेल आईडी देना होगी. इसमें आपको ई-मेल के जरिए लोगिन आईडी ओर पासवर्ड का मेल आएगा.

इसके बाद आपको टैंपरेरी ई-मेल आईडी और पासवर्ड भेजा जाएगा. फिर आप www.enam.gov.in की वेबसाइट पर लॉगिन कर डैशबोर्ड पर आप अपने KYC डॉक्युमेंट से रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. जैसे ही APMC आपके KYC को अप्रूव करेगा. वैसे ही आप अपना कारोबार शुरू कर पाएंगे.

 

अधिक जानकारी के लिए आप https://enam.gov.in/web/resources/registration-guideline पर जानकर जानकारी ले सकते हैं.


इस पोस्ट को शेयर करें :

You cannot copy content of this page