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PM Kisan Yojana : पीएम किसान योजना पर बड़ा खुलासा ! बड़ी संख्या में इनकम टैक्स पेयर और फ़र्ज़ी लोग ले रहे योजना का लाभ, होगी कार्रवाई.

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PM Kisan Yojana : प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ लाखों अपात्र लोग भी ले रहें हैं. इनमे बड़ी संख्या आयकर दाताओं की हैं. यह जानकारी तब सामने आयी जब केंद्र सरकार ने भुगतान किए जाने वाले बैंक खातों को आधार से लिंक किया, नियमानुसार इन लोगों को इस योजना का लाभ नहीं मिल सकता.

 

PM Kisan Yojana : देश भर में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ लाखों अपात्र लोग भी ले रहें हैं। इनमें उन किसानों की भरमार है जो आयकर दाता हैं, साथ ही मृतक किसानों व गलत खाते में भुगतान के भी कई प्रकरण सामने आए हैं। सरकार ने ऐसे लाभार्थियों को पैसे वापस करने के लिए तीन माह का समय तय किया है। इसके बाद एफआइआर सहित अन्य सख्त कदम भी उठाए जा सकते हैं।

 

आपको बता न कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि ( PM Kisan Yojana ) योजना दिसंबर 2018 में लागू की गयी थी। इसके तहत किसानों को एक साल में 6000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। हर चार माह में 2000 रुपये की किस्त किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है। इस योजना में करीब 12.5 करोड़ किसान लाभ उठा रहे हैं।  जनवरी 2022 से पहले तक प्रदेश के किसानों को 42,565 करोड़ का भुगतान हो चुका है।

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जब केंद्र सरकार ने भुगतान किए जाने वाले बैंक खातों को आधार से लिंक किया तो यह बात सामने आया कि बड़ी संख्या में लाभ लेने वाले किसान आयकर दाता हैं। नियमानुसार उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सकता, ज्ञात हो कि पेंशन धारक व आयकरदाता आदि किसानों को इसमें शामिल नहीं किया गया है।

 

वहीं सरकार ने जिलावार योजना का सत्यापन कराया तो यह भी सामने आया कि जो किसान मृत हो चुके हैं उनके खाते में भी भुगतान जा रहा है। साथ ही कई ऐसे भी लोग हैं जो योजना का लाभ पाने की पात्रता नहीं रखते, लेकिन गलती से उनके खाते में भुगतान हो गया है।

इन सभी को अपात्र किसान की श्रेणी में रखा गया है और उनसे धन की तीन माह में वसूली करने के निर्देश दिए गए हैं। अपर मुख्य सचिव कृषि डा. देवेश चतुर्वेदी ने अपात्र किसानों का नाम सूची से हटाने यानी डिलीट करने और मृत की जगह नए किसानों का शामिल करने और अपात्रों से धन वसूलने का आदेश दिया है।

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किसानों को 31 मई तक करानी होगी e-KYC : 

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने के लिए सरकार ने e-KYC अनिवार्य कर दिया है । सरकार ने इसके लिए 31 मई की डेडलाइन भी तय की है। इस दिन से पहले जिन भी किसानों का e-KYC पूरा नहीं होगा, वह 11वीं किस्त से वंचित रह जाएंगेसरकार ने लाभार्थी किसानों को 31 मई तक ई-केवाईसी यानी खाता आधार से जोड़ने और अपडेट कराने के निर्देश दिए हैं। इसमें आधार कार्ड के साथ मोबाइल नंबर भी दर्ज करना होगा।

 

पोर्टल पर फिर से बहाल हुआ e-KYC का विकल्प : 

किसानों के लिए एक और राहत की खबर है कि अब आप फिर ओटीपी के जरिए आधार बेस्ड e-KYC पूरी कर सकते हें। कुछ दिनों पहले पोर्टल से यह सुविधा हटा दी गई थी। e-KYC पूरा कराने के लिए किसानों को नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर जाने का निर्देश दिया गया था, लेकिन किसानों की मांग को देखते हुए वेबसाइट पर फिर से ये सुविधा बहाल कर दी गई है।

 

ऑनलाइन कैसे करें e-KYC :

  • सबसे पहले पीएम किसान वेबसाइट https://pmkisan.gov.in/ पर जाएं.
  • ‘फार्मर्स कॉर्नर’ के तहत e-KYC टैब पर क्लिक करें.
  • सामने एक पेज खुलकर आएगा, वहां आधार नंबर की जानकारी देकर सर्च टैब पर क्लिक करें.
  • फिर आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा.
  • ‘सबमिट ओटीपी’ पर क्लिक करें और ओटीपी डालकर सबमिट करें.
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बता दें किसान ऑफलाइन भी इस प्रकिया को पूरी करा सकते हैं. इसके लिए उन्हें नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर बॉयोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के जरिए ये प्रकिया पूरी करानी पड़ेगी.

 

तेजी से होगा डाटा सत्यापन और सुधार : 

योजना का लाभ लेने वाले ऐसे भी किसान बहुतायत में हैं जिनका डाटा दुरुस्त नहीं है। कृषि विभाग नाम मिस मैच व इनवैलिड आधार के 5,90,108 किसानों का डाटा सुधारने जा रहा है। इसके अलावा पंजीकृत 2,28,739 किसानों डाटा सत्यापन भी कराएगा।

 

ऐसे वापस कर सकते धन : 

यदि आप पीएम किसान योजना का धन वापस करना चाहते हैं तो जिले के उप कृषि निदेशक से संपर्क करें। साथ ही bharatkosh.gov.in पोर्टल के माध्यम से भी धन वापस कर सकते हैं। फर्जी लाभार्थी अपने बैंक में धन वापस करने की अर्जी दे सकते हैं।


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