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PM Gati Shakti Yojana : जानिए क्या है PM गति शक्ति योजना? आम आदमी को इससे क्या होगा फायदा?

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 PM Gati Shakti Yojana : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने आज ‘पीएम गति शक्ति’ योजना को लॉन्च किया है. यह केंद्र सरकार का मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी के लिए नेशनल मास्टर प्लान है. सरकार के मुताबिक, यह योजना भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए गेमचेंजर साबित होगी.

PM Gati Shakti Yojana: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने आज ‘पीएम गति शक्ति’ योजना को लॉन्च किया है. यह केंद्र सरकार का मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी के लिए नेशनल मास्टर प्लान है. सरकार के मुताबिक, यह योजना भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए गेमचेंजर साबित होगी. इस प्रोग्राम में सरकार 107 लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी. आइए इसके बारे में डिटेल में जानते हैं.

 

क्या है सरकार की यह नई योजना ?

सरकार ने बताया कि गति शक्ति योजना मंत्रालयों के सभी मौजूदा और योजनाबद्ध पहलों को कवर करने वाला मास्टर प्लान है. इसमें इकॉनोमिक जोन और कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा. सरकार के मुताबिक, इससे इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी में क्षेत्रीय और सेक्टोरल असंतुलन को दूर करने में मदद मिलेगी. इसके साथ मुख्य सेक्टर्स की तेज ग्रोथ के साथ रोजगार पैदा होगा.

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गति शक्ति योजना में सरकार के सभी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का इंटिग्रेशन किया जाएगा. सरकार के मुताबिक, इस योजना से इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में सभी बाधाएं दूर हो जाएंगी.

लोगों की जिंदगी कैसे होगी आसान?

सरकार के मुताबिक, इस योजना के तहत बिना किसी योजना के किए जाने वाले कंस्ट्रक्शन की वजह से होने वाली रूकावटें दूर होंगी. इससे देश में बिना किसी रूकावट के आवाजाही हो सकेगी. लोगों का सफर का समय घटेगा. इसके साथ सरकार ने कहा है कि इससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.

इसके अलावा सरकार ने कहा कि इससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में भी सुधार होगा. बेहतर प्लानिंग से प्रोडिक्टिविटी बढ़ेगी. इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को लागू करने में लागत और देरी कम होगी. इससे निवेश और प्रतिसपर्धा को भी प्रोत्साहन मिलेगा.

योजना के तहत सरकार क्या-क्या करेगी?

गति शक्ति योजना के तहत कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए नेशनल हाइवे का दो लाख किलोमीटर का इंटिग्रेटेड नेटवर्क बनाया जाएगा. इसके साथ भारतीय रेलवे व्यापार में ज्यादा सुविधा देने के लिए 1600 मिलियन टन की कार्गो हैंडलिंग करेगा. इसके अलावा वन सिटी, वन ग्रिड के लक्ष्य को हासिल करने के लिए 35 हजार किलोमीटर में गैस पाइपलाइन नेटवर्क बिछाया जाएगा.

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इस योजना में भारतमाला, सागरमाला, पोर्ट्स, उड़ान, इकोनॉमिक जोन, रेलवे जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर की योजनाएं कवर होंगी. योजना के अगले चरण में सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे अस्पताल, यूनिवर्सिटी का इंटिग्रेशन किया जाएगा.

साथ में, एयर कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए 220 एयरपोर्ट, एयरड्रोम और एयरस्ट्रिप बनाए जाएंगे. सरकार के मुताबिक, इस योजना के तहत 11 इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर की स्थापना की जाएगी, जो कुल 25 हजार एकड़ के क्षेत्र में बनेंगे. सरकार का इस कदम से लक्ष्य मेक इन इंडिया को और मजबूती देना है. इस योजना के तहत, सरकार का 1.7 लाख करोड़ रुपये का रक्षा क्षेत्र में उत्पादन करने का लक्ष्य है. इससे देश की सेना मजबूत होगी. देश भर में कुल 38 इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग कलस्टर बनाए जाएंगे. सरकार के मुताबिक, इससे भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स का बड़ा निर्यातक बनने में मदद मिलेगी.

गति शक्ति योजना के अंदर, पूरे देश में सरकार कुल 109 फार्मा कलस्टर विकसित करेगी. इससे देश में हेल्थकेयर मजबूत बनेगा. इसके अलावा 90 टेक्सटाइल कलस्टर या मेगा टेक्सटाइल पार्क बनाने का भी लक्ष्य रखा गया है.


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