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PM Fasal Bima Yojana : किसानो के लिए बड़ी खबर ! प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, जल्दी करें आवेदन.

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PM Fasal Bima Yojana : प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ फसलों की पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. संबंधित किसान अपनी फसलों का पंजीकरण 31 जुलाई 2022 तक करवा सकते हैं. खरीफ फसलों की बुवाई के बीच सरकार की तरफ से यह पहल की गई है. इस योजना का उद्देश्य किसानों की फसलों की प्राकृतिक आपदाओं से रक्षा करना और प्रीमियम के बोझ को कम करना है.

 

PM Fasal Bima Yojana : किसानों की मदद के लिए सरकार कई तरह की स्कीम चलाती है. आप चाहें तो इनसे खेती में काफी मदद ले सकते हैं. कुछ स्कीम वित्तीय मदद भी पहुंचाती हैं. आप अगर अब तक इन योजनाओं से नहीं जुड़े हैं तो बिना देरी अप्लाई कर स्कीम्स का फायदा उठा सकते हैं. सरकार एक और खास स्कीम है प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना. इसमें अगर किसानों को किसी प्राकृतिक आपदा के चलते फसल को नुकसान पहुंचता है तो वक्त रहते फसल बीमा योजना (Pradhanmatri Fasal Bima Yojana) किसानों के काम आती है. लेकिन इसके लिए किसानों को बीमा कराना बेहद जरूरी है, जिसके लिए उनके पास 31 जुलाई 2022 तक का समय है.

 

सरकार इस योजना का फायदा अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचने के लिए जुलाई के पहले सप्ताह से विशेष अभियान शुरू कर रही है. सरकार की कोशिश है किसान इस योजना का लाभ लेकर अपनी फसल को प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान से बचा सकें. योजना के तहत किसानों (Farmers) को बेहद कम प्रीमियम पर बीमा की सुविधा दी जाती है. अगर उनकी फसल को प्राकृतिक आपदा से नुकसान पहुंचता है तो किसानों को दावे के रूप में राशि दी जाती है. इसका उदेश्य उन्हें कर्ज के बोझ से बचाना है.

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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना क्या है :

किसानों के फसल की सुरक्षा के लिए मोदी सरकार ने “प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना” का आरंभ 13 जनवरी 2016 को किया था. इस योजना के तहत किसानों को किसी भी प्राकृतिक आपदा के कारण फसल में हुई हानि पर बीमा कवर देने का प्रावधान किया गया है, यानि किसानों की फसल को प्राकृतिक आपदाओं के कारण खराब होने पर प्रीमियम का भुगतान देकर एक सीमा तक हुई हानि कम करायेगी. प्रीमियम राशि को प्रत्येक किसान की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए काफी कम रखा गया है. खरीफ पर 5 फीसदी व रबी पर मात्र 1.5 फीसदी प्रीमियम राशि है. फसल बीमा योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच के समान बताई जाती है. सरकार की कोशिश है किसान इस योजना का लाभ लेकर अपनी फसल को प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान से बचा सकें.

 

बता दें कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत यूपी सरकार ने पिछले दिनों  27.59 लाख से अधिक किसानों को रू० 3074.60 करोड़ क्षतिपूर्ति का भुगतान किया है. इस योजना का मकसद किसानों की फसलों की प्राकृतिक आपदाओं से रक्षा करना और प्रीमियम के बोझ को कम करना है. अब  सरकार का फोकस उन क्षेत्रों पर है, जहां पर किसानों ने इस योजना के तहत सबसे कम पंजीकरण कराया है. उत्तर प्रदेश कृषि विभाग की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, पीएमएफबीवाई से किसानों को जोड़ने के लिए हम 1 जुलाई से लेकर 7 जुलाई के बीच एक बड़ा अभियान चलाने जा रहे हैं. सरकार उन विकास खंडों पर सबसे अधिक ध्यान दे रही है, जहां के किसानों ने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी फसल बीमा योजना में कम दिलचस्पी दिखाई है.

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कम पंजीकरण वाले क्षेत्रों पर रहेगा फोकस :

उत्तर प्रदेश कृषि विभाग ने कहा है कि यह योजना किसानों के हित में है और बड़ी संख्या में वे इसका लाभ भी ले रहे हैं. विभाग की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 27.5 लाख किसानों को 3074 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया गया है. इसमें 2021 खरीफ सीजन के लिए 7 लाख किसानों को 655 करोड़ और रबी सीजन 2021-22 के लिए करीब 20 लाख किसानों को मुआवजा देना शामिल है.

अतिरिक्त मुख्य सचिव (कृषि) ने देवेश चतुर्वेदी ने बताया कि फसल बीमा के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान में बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, फतेहपुर, चित्रकूट और चंदौली जिले के कुछ ब्लॉक को विशेष रूप से कवर किया जाएगा. विभाग की तरफ से बताया गया है कि किसान इस योजना का बड़े पैमाने पर लाभ ले रहे हैं. यहीं कारण है कि 2018-19 के मुकाबले 2019-20 में लाभार्थियों की संख्या करीब दोगुना हो गई. वहीं बीमा दावों के भुगतान में भी बढ़ोतरी देखी गई है.

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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से किसानों को जोड़ने के लिए चलाए जा रहे अभियान को सफल बनाने के लिए कृषि विभाग की तरफ से जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा, साथ ही योजना का लाभ लेने वाले किसानों की सफलता की कहानी भी सोशल मीडिया के जरिए दिखाई जाएगी.

 

फसल बीमा योजना के तहत इन फसलों का बीमा किया जाएगा :

फसल बीमा योजना के अंतर्गत  सरकार ने खरीफ फसल सत्र-2022 के लिये आठ और रबी मौसम 2022-23 में नौ फसलों को ‘फसल बीमा योजना’ के तहत लाने का फैसला लिया है, योजना के तहत किसान खरीफ सत्र 2022 के दौरान इन आठ फसलों मूंगफली, मक्का, अरहर, रागी, धान, हल्दी, कपास और अदरक का बीमा कर सकेंगे. तो वहीं रबी सत्र 2022-23 के लिए धान, मूंगफली, काला चना, हरा चना, सरसों, सूरजमुखी, गन्ना, आलू और प्याज समेत कुल नौ फसलों का बीमा किया जाएगा. विशेष सचिव ने कहा कि आम तौर पर ग्राम पंचायत और शहरी स्थानीय निकाय धान के लिए बीमा इकाई होगी. धान के अलावा अन्य फसलों के लिए ब्लॉक बीमा इकाई होगी. खरीफ बीमा के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 31 जुलाई होगी.


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