Follow Us On Goggle News

Bihar Fasal Sahayata Yojana : किसानों को फसल नुकसान होने पर सरकार से मिलेगी आर्थिक मदद, जानिए कैसे करें आवेदन.

इस पोस्ट को शेयर करें :

Bihar Fasal Sahayata Yojana : बिहार सरकार ने  राज्य के किसानों को फसल नुकसान की भरपाई करने के लिए फसल सहायता योजना चला रखी है. इस योजना में किसान की फसल का बीमा किया जाता है और प्राकृतिक आपदा से नुकसान होने पर उसे मुआवजा प्रदान किया जाता है.

 

Bihar Fasal Sahayata Yojana : सरकार की ओर से किसानों के लिए कई लाभकारी योजनाएं चलाई जा रही है जिससे किसानों को लाभ हो रहा है। वहीं प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए भी सरकार की ओर से योजना चलाई जा रही है। जैसा कि भारत में हर साल अति बारिश, बाढ़ और ओलावृष्टि के कारण किसानों की फसल को नुकसान पहुंचता है। इसे देखते हुए बिहार राज्य सरकार की ओर से किसानों को प्रति हेक्टेयर के हिसाब से फसल नुकसान का मुआवजा दिए जाने निर्णय लिया गया है। इस योजना के तहत किसानों को प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई की जाएगी। इस योजना का नाम फसल सहायता योजना है। आइए आज हम आपको ट्रैक्टर जंक्शन के माध्यम से इस योजना की जानकारी दे रहे ताकि राज्य के किसान इस योजना का लाभ उठा सकें। 

 

क्या है फसल सहायता योजना ( Bihar Fasal Sahayata Yojana ) ?

किसानों के लिए फसल बीमा योजना देश में लागू की गई है जिसके तहत किसानों को फसल नुकसान की भरपाई की जाती है। इसी तर्ज पर बिहार सरकार ने अपने स्तर पर राज्य के किसानों को फसल नुकसान की भरपाई करने के लिए फसल सहायता योजना चला रखी है। इस योजना में किसान की फसल का बीमा किया जाता है और प्राकृतिक आपदा से नुकसान होने पर उसे मुआवजा प्रदान किया जाता है। बता दें कि जिन राज्यों ने पीएम फसल बीमा योजना से दूरी बना रखी है वे अपने स्तर पर संचालित बीमा योजना के अनुरूप किसानों को फसल नुकसान की भरपाई करते हैं। ऐसे राज्यों में बिहार भी शामिल है जो किसानों को फसल नुकसान मुआवजा देता है। इसके लिए किसानों को अपने खेत में बोई गई फसल का पंजीयन करना होता है। 

यह भी पढ़ें :  PM Kisan Yojana : करोड़ों किसानों के लिए खुशखबरी ! 12वीं किस्त से पहले मिलेगा एक और बड़ा फायदा, जल्दी करलें ये काम.

 

 

फसल नुकसान होने पर कितना मिलेगा अनुदान :

बिहार फसल सहायता योजना के तहत राज्य के किसानों को पंजीकृत फसलों के लिए प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान की भरपाई के लिए अनुदान/मुआवजा राशि प्रदान जाएगी। राज्य द्वारा निर्धारित अनुदान राशि के अनुसार प्राकृतिक कारणों से 20 प्रतिशत तक फसल नुकसान होने पर 7,500 रुपए प्रति हेक्टेयर तथा 20 प्रतिशत से अधिक फसल नुकसानी होने पर पर 10,000 रुपए प्रति हैक्टेयर किसानों को क्षतिपूर्ति की राशि प्रदान की जाएगी।  

 

फसल सहायता योजना (Bihar Fasal Sahayata Yojana ) में निशुल्क होगा फसलों का बीमा :

रैयत और गैर-रैयत दोनों तरह के किसान फसल सहायता योजना के तहत अपना पंजीयन करा सकते हैं। योजना के तहत किसानों को किसी तरह का कोई प्रीमियम शुल्क नहीं देना होता है। यह नि:शुल्क है। योजना के तहत किसानों को अधिकतम 2 हैक्टेयर तक नुकसान की भरपाई की जाती है। 

 

 

bihar fasal sahayata Bihar Fasal Sahayata Yojana : किसानों को फसल नुकसान होने पर सरकार से मिलेगी आर्थिक मदद, जानिए कैसे करें आवेदन.

 

फसल सहायता योजना की पात्रता / शर्तें ( Bihar Fasal Sahayata Yojana  ) :

  • फसल सहायता योजना बिहार के लिए के लिए बिहार राज्य के किसान ही आवेदन कर सकते हैं। यानि किसान बिहार राज्य का मूल निवासी होना चाहिए।
  • फसल सहायता योजना के तहत रैयत और गैर रैयत दोनों तरह के किसान पात्र होंगे। 
  • रैयत किसानों से तात्पर्य उन किसानों से है जो अपनी स्वयं की भूमि पर खेती करते हैं। जबकि गैर रैयत किसान वे होते हैं जो किसी अन्य की भूमि पर खेती का काम करते हैं। 
  • फसल सहायता योजना में मुआवजा राशि पाने के लिए किसान को अपना पंजीकरण करना होगा।
  • फसल सहायता योजना के तहत अधिकतम 2 हैक्टेयर तक की क्षति के लिए सहायता राशि प्रदान की जाएगी। 
  • सहायता राशि का निर्धारण फसल कटनी के आधार पर और राशि का भुगतान डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खाते में किया जाएगा।
यह भी पढ़ें :  LPG Cylinder Subsidy : रसोई गैस सिलेंडर पर सब्सिडी अब किसको मिलेगी? सरकार ने साफ की तस्वीर

 

बिहार फसल सहायता योजना की विशेषताएं और लाभ ( Bihar Fasal Sahayata Yojana ):

  • फसल सहायता योजना में रबी और खरीफ दोनों प्रकार की फसलों को शामिल किया गया है। खरीफ की सभी फसलों को इस योजना में शामिल किया गया है। 
  • फसल सहायता योजना के तहत दी जाने वाली सहायता अनुदान राशि का राज्य सरकार अपने तय किए गए मानकों के अनुसार देती है। रबी और खरीफ के लिए राज्य सरकार ने मानक तय किए हुए है। इसी अनुसार सहायता राशि का भुगतान किया जाता है। 
  • फसल सहायता योजना में औसत से एक प्रतिशत भी कम उत्पादन होने पर किसानों को हरियाणा सरकार सहायता राशि के रूप में नकदी देती है।
  • इस योजना के तहत किसान को फसल की एक से 20 प्रतिशत तक हुई क्षति के लिए मुआवजा राशि प्रदान की जाती है। इसके तहत प्रति हेक्टेयर साढ़े सात हजार रुपए की सहायता राशि किसान को दी जाती है।
  • यदि फसल में क्षति 20 प्रतिशत से अधिक हुई है तो सहायता राशि 10 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर दी जाती है।
  • किसानों को अधिकतम दो हेक्टेयर रकबे की क्षतिपूर्ति हेतु इस योजना का लाभ दिया जाता है। 
  • फसल सहायता योजना के तहत उन्हीं किसानों को सहायता राशि अनुदान का लाभ दिया जाएगा जिनकी फसल प्राकृतिक आपदा जैसे- आंधी, तूफान, ओलावृष्टि, बाढ़ आदि से नष्ट हुई हो। इसके अलावा अन्य प्रकार से नुकसान होने पर कोई मुआवजा राशि नही दी जाएगी। 
यह भी पढ़ें :  Central Govt Scheme : केंद्र सरकार इन लोगों को दे रही 50,000 से लेकर 10 लाख रुपये, जानें कैसे आप भी ले सकते हैं फायदा?

 

किसान कैसे करें फसल सहायता योजना में रजिस्ट्रेशन :

किसान सहायता योजना के तहत राज्य के किसान फसलों का बीमा ऑनलाइन करा सकते हैं। इसके लिए किसान पास सीएससी सेंटर या खुद से भी आवेदन कर सकते हैं। यदि आप स्वयं ऑनलाइन आवेदन करना चाहते हैं तो आपको इसकी अधिकारिक वेबसाइट https://pacsonline.bih.nic.in/fsy/ जाकर आपको आवेदन करना होगा। रजिस्ट्रेशन से पहले किसान के पास 13 नंबर का पंजीयन संख्या होना जरूरी है जो कि किसान https://dbtagriculture.bihar.gov.in/ पर पंजीकरण कर प्राप्त कर सकते हैं।  

 

fasal bima Bihar Fasal Sahayata Yojana : किसानों को फसल नुकसान होने पर सरकार से मिलेगी आर्थिक मदद, जानिए कैसे करें आवेदन.

फसल सहायता योजना में आवेदन हेतु आवश्यक दस्तावेज :

फसल सहायता योजना बिहार के तहत रैयत तथा गैर रैयत दोनों प्रकार के किसान फसलों का बीमा करा सकते हैं। इसके लिए रैयत तथा गैर रैयत किसानों को निम्न अनुसार दस्तावेज की आवश्यकता होगी।
•    आवेदन करने वाले किसान का आधार कार्ड
•    आवेदन करने वाले का रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर 
•    आवेदन करने वाले किसान का बैंक खाता का विवरण 
•    आवेदन करने वाले किसान का फोटो

1. रैयत किसान  के लिए :

  • भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र 
  • स्वघोषणा प्रमाण पत्र
  • रैयत भूस्वामी का प्रमाण पत्र अथवा राजस्व रसीद (31 मार्च 2022 के पश्चात निर्गत) https://pacsonline.bih.nic.in/fsy/Public/FarmerSelfDeclaration.pdf यहां से घोषणा पत्र के लिए फार्म डाऊनलोड करें। 
  • स्व- घोषणा-पत्र (चयनित फसल एवं बुवाई का रकबा का सही और पूर्ण विवरण) 

2. गैर रेयत किसान के लिए”

स्व- घोषणा प्रमाण पत्र


इस पोस्ट को शेयर करें :

You cannot copy content of this page