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Sarkari Yojana : पीएम मोदी का बड़ा ऐलान, महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए बनेगा विशेष ऑनलाइन प्लेटफॉर्म.

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए बड़ा ऐलान किया है। पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार अब बहनों के स्वयं सहायता समूहों के लिए विशेष ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बनाने वाली है। उक्त घोषणा पीएम मोदी ने हिमाचल प्रदेश के लोगों से वैक्सीन संवाद के दौरान कही.

पीएम मोदी ने कहा कि इस योजना से हिमाचल की बहनें सेब, संतरा, किन्नु, मशरूम, टमाटर, ऐसे अनेक उत्पादों को देश के कोने-कोने में पहुंचा पाएंगी। साथ ही पीएम ने कहा, हाल में देश ने एक और फैसला लिया है, जिसे मैं विशेषतौर पर हिमाचल के लोगों को बताना चाहता हूं।

ये है ड्रोन टेक्नोलॉजी से जुड़े नियमों में हुआ बदलाव अब इसके नियम बहुत आसान बना दिए गए हैं। इससे हिमाचल में हेल्थ से लेकर कृषि जैसे अनेक सेक्टर में नई संभावनाएं बनने वाली हैं। सशक्त होती कनेक्टिविटी का सीधा लाभ पर्यटन को भी मिल रहा है, फल-सब्ज़ी का उत्पादन करने वाले किसान-बागबानों को भी मिल रहा है। गांव-गांव इंटरनेट पहुंचने से हिमाचल की युवा प्रतिभाएं, वहां की संस्कृति को, पर्यटन की नई संभावनाओं को देश-विदेश तक पहुंचा पा रहे हैं।

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वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान पीएम मोदी ने कहा, 100 वर्ष की सबसे बड़ी महामारी के विरुद्ध लड़ाई में हिमाचल प्रदेश, चैंपियन बनकर सामने आया है। हिमाचल भारत का पहला राज्य बना है, जिसने अपनी पूरी eligible आबादी को कोरोना टीके की कम से कम एक डोज़ लगा ली है। वर्चुअल कार्यक्रम में शिमला से मुख्यमंत्री व जिलों से अधिकारी भी मौजूद रहे। पीएम मोदी ने कहा, हिमाचल प्रदेश ने आज एक प्रधानसेवक के नाते ही नहीं बल्कि एक परिवार के सदस्य के नाते भी मुझे गर्व का अवसर दिया है।

मैंने छोटी-छोटी सुविधाओं के लिए संघर्ष करते हुए हिमाचल को भी देखा है और आज विकास की गाथा लिख रहे हिमाचल को भी देख रहा हूं। ये सब कुछ देवी देवताओं के आशीर्वाद से हिमाचल सरकार की कर्मकुशलता से और हिमाचल के जन जन की जागरूकता से संभव हो पाया है।

भारत आज एक दिन में सवा करोड़ टीके लगाकर रिकॉर्ड बना रहा है। जितने टीके भारत आज एक दिन में लगा रहा है, वो कई देशों की पूरी आबादी से भी ज्यादा है। भारत के टीकाकरण अभियान की सफलता, प्रत्येक भारतवासी के परिश्रम और पराक्रम की पराकाष्ठा का परिणाम है।

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जिस ‘सबका प्रयास’ की बात मैंने 75वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से कही थी, ये उसी का प्रतिबिंब है। हिमाचल के बाद सिक्किम और दादरा नगर हवेली ने शत प्रतिशत पहली डोज का पड़ाव पार कर लिया है और अनेक राज्य इसके बहुत निकट पहुंच गए हैं।

हिमाचल में हर प्रकार की मुश्किलें थी, जो टीकाकरण में बाधक सिद्ध हुईं। पहाड़ी प्रदेश होने के नाते लॉजिस्टिक की दिक्कत रहती है, कोरोना टीके की स्टोरेज और ट्रांसपोर्टेशन की और भी दिक्कत होती है।

मुझे खुशी है कि लाहौल स्पीति जैसा दुर्गम जिला हिमाचल में भी शत-प्रतिशत पहली डोज़ देने में अग्रणी रहा है। ये वो क्षेत्र है जो अटल टनल बनने से पहले, महीनों-महीनों तक देश के बाकी हिस्से से कटा रहता था।

हिमाचलवासियों ने किसी भी अफवाह को, किसी भी अपप्रचार को टिकने नहीं दिया। हिमाचल इस बात का प्रमाण है कि देश का ग्रामीण समाज किस प्रकार दुनिया के सबसे बड़े और सबसे तेज़ टीकाकरण अभियान को सशक्त कर रहा है।

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सशक्त होती कनेक्टिविटी का सीधा लाभ पर्यटन को भी मिल रहा है, फल-सब्ज़ी का उत्पादन करने वाले किसान-बागबानों को भी मिल रहा है। गांव-गांव इंटरनेट पहुंचने से हिमाचल की युवा प्रतिभाएं, वहां की संस्कृति को, पर्यटन की नई संभावनाओं को देश-विदेश तक पहुंचा पा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने शिमला के डोडरा क्वार में कार्यरत डा. राहुल, ऊना से स्वास्थ्य कार्यकर्ता कर्मो देवी, कुल्लू के मलाणा से आशा वर्कर निरमा देवी, मंडी से वैक्सीन लाभार्थी दयाल सिंह, हमीरपुर से वैक्सीन लाभार्थी निर्मला देवी व लाहुल स्पीति के शाशुर गोंपा प्रमुख से संवाद किया


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