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Agnipath Yojana: अग्निवीरों को ट्रेनिंग देगा IGNOU, शुरू होने वाला है 3 साल का डिग्री कोर्स

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Agnipath Yojana: अग्निपथ योजना के तहत होने वाली अग्नीवीर भर्ती के मद्देनजर युवाओं को ट्रेनिंग देने की तैयारी है. इसके लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और इग्नू ने मिलकर 3 साल के डिग्री कोर्स का प्लान तैयार किया है. पढ़िए डीटेल…

 

Agnipath Yojana: अग्निपथ योजना के तहत भर्ती होने वाले अग्निवीरों (Agnipath Agniveer Recruitment) के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने तीन वर्षीय स्नातक कौशल डिग्री देने का प्लान तैयार किया है. ये डिग्री इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय यानी इग्नू के जरिए दी जाएगी. जल्द ही तीनों सेनाओं (आर्मी, नेवी और एयरफोर्स) और इग्नू के बीच एमओयू साइन किया जाएगा. यह फैसला आज, बुधवार 15 जून 2022 को ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया है.

 

मंगलवार, 14 जून को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय युवाओं के लिए अग्निपथ भर्ती योजना को मंजूरी दी थी. अग्निपथ योजना के तहत चार साल कि सेवा समाप्त होने के बाद युवाओं के भविष्यके मद्देनजर शिक्षा मंत्रालय एक विशेष प्रोग्राम शुरू करेगा. यह तीन वर्षीय कौशल आधारित स्नातक डिग्री कार्यक्रम होगा. मंत्रालय का कहना है कि यह स्किल बेस्ड बैचलर डिग्री प्रोग्राम अग्निवीरों के कार्यकाल के अनुभव और कौशल को एक पहचान देगा.

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अग्निवीरों का ट्रेनिंग कैसा होगा?

इस कार्यक्रम के तहत डिग्री प्रोग्राम इग्नू द्वारा डिजाइन किया गया है. बैचलर डिग्री के लिए 50% अंक कौशल प्रशिक्षण से प्राप्त होंगे. ये कार्यकाल के दौरान अग्निवीरों के तकनीकी अथवा गैर-तकनीकी अनुभव के आधार पर तय किए जाएंगे. जबकि शेष 50% पाठ्यक्रम के विषयों से तय होंगे.इसमें भाषा, अर्थशास्त्र, इतिहास, राजनीति विज्ञान, लोक प्रशासन, समाजशास्त्र, गणित, शिक्षा, वाणिज्य, पर्यटन, व्यावसायिक अध्ययन, कृषि और ज्योतिष जैसे विविध विषयों को शामिल किया गया है. साथ ही अंग्रेजी में पर्यावरण अध्ययन और कम्युनिकेशन स्किल को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है.

राष्ट्रीय शिक्षा नीति और यूजीसी मानदंडों पर बेस्ड होगा कोर्स

यह कोर्स यूजीसी मानदंडों के साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (National Education Policy 2022) के तहत अनिवार्य रूप से राष्ट्रीय क्रेडिट फ्रेमवर्क / राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (NSQF) के साथ संरेखित है. इसमें कई निकास बिंदुओं यानी एग्जिट का प्रावधान भी है. प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रमों के सफल समापन पर स्नातक प्रमाणपत्र के साथ कोर्स से एग्जिट ले सकते हैं.प्रथम और द्वितीय वर्ष के पाठ्यक्रमों के सफल समापन पर स्नातक डिप्लोमा यानी यूजी डिप्लोमा, और तीन वर्ष की समय सीमा में सभी पाठ्यक्रमों के पूरा होने पर बैचलर (यूजी) की डिग्री मिलेगी.

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अग्निवीरों कोर्स : मान्यता प्राप्त है कोर्स

करिकुलम को अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE), राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा व प्रशिक्षण परिषद (NCVTE) और यूजीसी द्वारा विधिवत मान्यता दी गई है. डिग्री इग्नू द्वारा यूजीसी के मानक के आधार पर बीए, बीकॉम, बीए (व्यावसायिक), बीए (पर्यटन प्रबंधन) के अनुसार प्रदान की जाएगी. रोजगार और शिक्षा के लिए भारत और विदेश सभी जगह इसकी मान्यता होगी. योजना के कार्यान्वयन के लिए सेना, नौसेना और वायु सेना (IAF) इग्नू के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करेंगे.


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