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PIB Fact Check : सावधान ! इंडेन गैस डीलरशिप के नाम पर हो रही है ठगी, रजिस्ट्रेशन फीस चुकाने में खाली हो सकता है बैंक खाता.

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PIB Fact Check : इंडेन के नाम पर लोगों से पैसे ऐंठने के लिए अकाउंट का नाम और आईएफएससी कोड भी दिया गया है. इसी अकाउंट में केवाईसी रजिस्ट्रेशन फीस जमा करने को कहा गया है जो कि रिफंडेबल है. यानी कि एजेंसी या डीलरशिप नहीं मिलने पर आवेदक को पैसे लौटा दिए जाएंगे.

 

PIB Fact Check : सोशल मीडिया पर एक कंफर्मेशन लेटर वायरल हो रहा है जिसे इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) का बताया जा रहा है. इस पत्र में लिखा गया है कि फलां व्यक्ति को इंडेन गैस डीलरशिप (Indane Gas Dealership) या डिस्ट्रीब्यूटरशिप दी गई है. पत्र में कहा गया है कि इंडेन गैस डीलरशिप की अरजी को मंजूर कर लिया गया है जिससे कि गैस एजेंसी खोलने का रास्ता साफ हो गया है. यह पत्र 20 अप्रैल 2022 को जारी किया गया है. इस लेटर में कथित तौर पर डिजिटल इंडिया कैंपेन के तहत केवाईसी (KYC) रजिस्ट्रेशन फीस मांगी गई है जो कि रिफंडेबल होगी. इसके लिए अकाउंट नंबर और आईएफएससी कोड भी दिया गया है.

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सोशल मीडिया पर अगर आपको भी यह लेटर दिखे तो सावधान हो जाएं. सरकार ने लोगों को आगाह किया है कि यह पत्र पूरी तरह से फर्जी है और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने ऐसा कोई पत्र जारी नहीं किया है. सरकारी एजेंसी प्रेस इनफॉरमेशन ब्यूरो (PIB) ने इस पत्र का विश्वेषण किया और और इसकी सच्चाई बताई है. पीआईबी ने अपने फैक्ट चेक में इस पत्र को फर्जी पाया है. पीआई ने अपने फैक्ट चेक हैंडल पर इस पत्र के बारे में बताया है.

क्या है ट्वीट में

पीआईबी फैक्ट चेक के ट्वीट में लिखा गया है कि कथित तौर पर इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन का कंफर्मेशन लेटर जारी किया गया है जिसमें दावा है कि इंडेन गैस एजेंसी डीलरशिप या डिस्ट्रीब्यूटरशिप का आवेदन मंजूर कर लिया गया है. पीआईबी ने कहा है कि यह कंफर्मेशन लेटर फर्जी है और इंडियन ऑयल ने ऐसा कोई पत्र जारी नहीं किया है.

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इस पत्र पर एक फोटो भी लगा है जिसे आवदेक का बताया गया है. पत्र पर इंडेन का नकली लोगो लगा है. पत्र पर ‘इंडेन गैस एजेंसी अप्रूवल’ लिखा गया है ताकि लोगों को झांसे में डाला जा सके. पत्र में आवेदक का नाम, पिता का नाम भी लिखा गया है. आवेदक से कई तरह के दस्तावेज मांगे गए हैं जैसे पैन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, बैंक पासबुक और स्टेटमेंट, पासपोर्ट साइज फोटो, क्वालिफिकेशन सर्टिफिकेट और जिस नाम से एजेंसी खोली जानी है, उसकी जानकारी देनी है.

 

इंडेन के नाम पर लोगों से पैसे ऐंठने के लिए अकाउंट का नाम और आईएफएससी कोड भी दिया गया है. इसी अकाउंट में केवाईसी रजिस्ट्रेशन फीस जमा करने को कहा गया है जो कि रिफंडेबल है. यानी कि एजेंसी या डीलरशिप नहीं मिलने पर आवेदक को पैसे लौटा दिए जाएंगे. सरकार की तरफ से पीआईबी ने इस पत्र को फर्जी करार दिया है और बताया है कि इंडेन ने ऐसा कोई लेटर जारी नहीं किया है.

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