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मोदी सरकार का बड़ा ऐलान ! BSNL में होगा इस कंपनी का मर्जर, बीएसएनएल के रिवाइवल पैकेज को मिली मंजूरी.

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Govt  approves revival of BSNL : मोदी सरकार सरकारी टेलीकाॅम कंपनी BSNL में नई जान फूंकने की तैयारी में जुट गई है. केन्द्रीय कैबिनेट ने आज BSNL के रीस्ट्रक्चरिंग के लिए 1.64 लाख करोड़ रुपये के पैकेज को मंजूरी दी. इसके अलावा, कैबिनेट ने भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) और भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड (BBNL) के मर्जर को मंजूरी दी.

 

BSNL Revival Package : केन्द्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi Government) सरकारी टेलीकाॅम कंपनी बीएसएनएल (BSNL) में नई जान फूंकने की तैयारी में जुट गई है. केन्द्रीय कैबिनेट ने आज बीएसएनएल के रीस्ट्रक्चरिंग के लिए 1.64 लाख करोड़ रुपये के पैकेज को मंजूरी दी. साथ ही सरकार ने बीएसएनएल और भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड (BBNL) के विलय को मंजूरी दे दी है. सरकार की तरफ से टेलीकाॅम मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने इसकी जानकारी दी है. बता दें, इस तरह के स्पेशल पैकेज का ऐलान आखिरी बार सरकार तरफ से 2019 में किया गया था.

 

केंद्रीय मंत्री ने दी जानकारी :

कैबिनेट बैठक के फैसलों की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की अध्यक्षता में बुधवार (27 जुलाई 2022) को हुई. इस बैठक में कई बड़े मुद्दे पर फैसला हुआ. कैबिनेट और कैबिनेट कमिटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) को लेकर भी बड़ा फैसला हुआ है. अश्विनी वैष्णव ने कहा कि –  ‘सरकार ने बीएसएनएल के रिवाइवल के लिए 1,6,4 156 करोड़ रुपये का रिवाइवल पैकेज की मंजूरी दी गई है. इसके अलावा, कैबिनेट ने भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) और भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड (BBNL) के मर्जर को मंजूरी दी.’

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BBNL-BSNL के मर्जर से क्या बदलेगा?

इस मर्जर से BSNL को यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड के जरिए 1.85 लाख गांवो में बिछाई गई 5.67 लाख किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर की सुविधा का भी लाभ मिलेगा. मौजूदा समय में बीएसएनएल के पास 6.8 लाख किलोमीटर का ऑप्टिकल फाइबर चेन उपलब्ध है. मंत्री ने कहा, ‘अभी तक ज़िले से ब्लॉक तक का नेटवर्क BSNL प्रबंधित करता है और ब्लॉक से पंचायत तक का नेटवर्क BBNL प्रबंधित करता है. दोनों में समन्वय में दिक्कत ना आए और BSNL के पुनरुद्धार के लिए BBNL और BSNL के विलय को मंजूरी दी.’

 

जानिए आपको क्या मिलेगा फायदा?

गौरतलब है कि इस मर्जर से अब देशभर में बिछे BBNL के 5.67 लाख किलोमीटर के ऑप्टिकल फाइबर का पूरा कंट्रोल बीएसएनएल हाथों में आ जाएगा. इसके लिए सरकार अगले तीन साल में BSNL के लिए 23,000 करोड़ रुपये का बॉन्ड जारी करेगी. वहीं सरकार MTNL के लिए 2 साल में 17,500 करोड़ रुपये का बॉन्ड जारी करेगी. केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया, ‘सरकार ने बीएसएनएल के रिवाइवल के लिए 1,6,4 156 करोड़ रुपये का रिवाइवल पैकेज को मंजूरी दी. इससे टेलीकॉम कंपनी को 4G में अपग्रेड करने में मदद मिलेगी.’

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क्या है सरकार की तैयारी?

BSNL के पास 6.80 लाख किलोमीटर से ज्यादा ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क है. वहीं, BBNL देश के 1.85 लाख ग्राम पंचायतों में 5.67 लाख किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर बिछा रखा है. BSLN को BBNL द्वारा बिछाए गए फाइबर का कंट्रोल यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (USOF) के जरिए मिलेगा. 

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि बीएसएनएल के 33,000 करोड़ रुपये के वैधानिक बकाये को इक्विटी में बदला जाएगा. साथ ही कंपनी इतनी ही राशि (33,000 करोड़ रुपये) के बैंक कर्ज के भुगतान के लिये बॉन्ड जारी करेगी. उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल ने बीएसएनएल और भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड (BBNL) के विलय को भी मंजूरी दी है.

 

JIo-एयरटेल जैसी कंपनियों ने बिगाड़ा BSNL का खेल!

बता दें कि एक समय बीएसएनएल का टेलीकाॅम सेक्टर पर राज था. लेकिन जैसे-जैसे प्राइवेट कंपनियों ने इस सेक्टर में एंट्री मारी उसके बाद ही BSNL अपना ग्राहक खोने लगा. रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया ने 4G नेटवर्क के जरिए जिस रणनीति को अपनाया उसने BSNL का खेल और बिगाड़ दिया. 


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