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GST Registration : छोटे व्यवसायी GST रजिस्ट्रेशन कैसे करें? नियम व शर्तों के साथ जानिए पूरी प्रक्रिया.

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GST Registration Rules : जीएसटी नियमों के मुताबिक, जिन लोगों के बिज़नेस का टर्नओवर 40 लाख रु. से ज़्यादा है, उनके लिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराना ज़रूरी होता है. यहां हम चर्चा करेंगे कि ऑनलाइन जीएसटी रजिस्ट्रेशन कैसे करें (Online GST Registration Kaise kare) जीएसटी रेजिस्ट्रेशन के लिए कौन-सा दस्तावेज चाहिए ( Documents for GST Registration ) और आप जीएसटी नंबर कैसे ले सकते हैं (How to get GST Number ) आदि.

 

GST Registration online : किसी भी व्यवसाय के लिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन (GST Registration) का एक खास नियम है. इस नियम के तहत बिजनेस करने वाले व्यक्ति को जीएसटी रजिस्ट्रेशन लेना होता है. अगर आप बिना रजिस्ट्रेशन कराए बिजनेस करते हैं ,तो फंसने की संभावना होती है. जीएसटी अधिकारी आपको पकड़ सकते हैं और सवाल-जवाब कर सकते हैं. इसका अर्थ ये नहीं हुआ कि गली-कूचे में छोटी दुकान चलाने वाले या बिजनेस करने वाले को भी जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है. जिन लोगों का सालाना टर्नओवर 40 लाख रुपये या इससे अधिक होता है, उनके लिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराकर GSTIN लेना जरूरी होता है. कुछ राज्यों में टर्नओवर की यह सीमा 20 लाख रुपये से अधिक है. वहीं उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए 10 लाख रुपये टर्नओवर की सीमा रखी गई है. इसलिए, अगर आप इस टर्नओवर के दायरे में आते हैं, तो आपको जीएसटी का रजिस्ट्रेशन कराना होगा.

 

जीएसटी के लिए कौन रजिस्ट्रेशन ( GST Registration) कर सकता है?

  • वे लोग जिन्होंने GST लागू होने से पहले ही टैक्स सेवाओं के तहत रजिस्टर किया हुआ था.
  • जिनके बिज़नेस का टर्नओवर 40 लाख रु. से ज़्यादा है (अगर आप उत्तर- पूर्वी राज्यों, जम्मू- कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड राज्य से हैं तो टर्नओवर न्यूनतम 10 लाख तक होना चाहिए).
  • मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का टर्नओवर अगर 40 लाख से ज्यादा है तो रजिस्ट्रेशन जरूरी है. सर्विस सेक्टर के लिए टर्नओवर 20 लाख रुपये निर्धारित है. इसी लिमिट में ई-कॉमर्स को भी रखा गया है.
  • सभी ई- कॉमर्स एग्रीगेटर.
  • वे व्यक्ति जो ई- कॉमर्स एग्रीगेटर के ज़रिए सामान सप्लाई करते हैं.
  • रजिस्टर्ड टैक्सेबल व्यक्ति के अलावा वह व्यक्ति जो विदेश से डेटाबेस एक्सेस और ऑनलाइन जानकारी को भारत में किसी व्यक्ति को ट्रांसफर करता है.
  • वे व्यक्ति जो रिवर्स चार्ज़ मैकेनिज़्म के अंतर्गत टैक्स का भुगतान करते हैं.
  • इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्युटर और सप्लायर के एजेंट.

 

जीएसटी रजिस्ट्रेशन ( GST Registration) के प्रकार :

जीएसटी अधिनियम के अंतर्गत, जीएसटी रजिस्ट्रेशन (GST Registration) अलग- अलग प्रकार का होता है जिनकी जानकारी नीचे दी गई है:

1. सामान्य टैक्सपेयर :

भारत में अधिकांश बिज़नेस इसी कैटेगरी के अंतर्गत आते हैं। आपको एक सामान्य टैक्यपेयर बनने के लिए कोई डिपॉज़िट प्रदान करने की ज़रूरत नहीं है.

2. कैज़ुअल टैक्सेबल व्यक्ति :

जो व्यक्ति दुकान या स्टॉल लगाना चाहता है, वह इस कैटेगरी को चुन सकता है. इसके लिए आपको एडवांस में कुछ राशि जमा करानी होगी जो कि स्टाल या दुकान के चालू होने के दौरान अपेक्षित जीएसटी लायबिलिटी के बराबर होनी चाहिए. इस कैटेगरी के तहत GST रजिस्ट्रेशन 3 महीनों के लिए मान्य रहेगा और बाद में इसे बढ़ाया भी जा सकता है.

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3. कंपोज़िशन टैक्सपेयर :

अगर आप जीएसटी कंपोजिशन स्कीम (GST Composition Scheme) लेना चाहते हैं तो इसके लिए अप्लाई करें. इस कैटेगरी के तहत आपको फ्लैट डिपॉज़िट करना होगा. इस कैटेगरी के तहत इनपुट टैक्स क्रेडिट प्राप्त नहीं किया जा सकता है.

4. नॉन- रेज़िडेंट टैक्सेबल व्यक्ति :

यदि आप विदेश में रहते हैं, लेकिन भारत में रहने वाले व्यक्तियों को सामान सप्लाई करते हैं, तो इस प्रकार के GST रजिस्ट्रेशन का विकल्प चुनें. इसमें भी आपको जीएसटी रजिस्ट्रेशन एक्टिव होने के दौरान अपेक्षित जीएसटी लायबिलिटी के बराबर जमा राशि का भुगतान करना होगा. इस प्रकार के जीएसटी रजिस्ट्रेशन की अवधि आमतौर पर 3 महीने होती है (GST Registration Validity Period) , लेकिन इसे एक्सपायरी के प्रकार पर बढ़ाया जा सकता है.

 

क्यों जरूरी है जीएसटी रजिस्ट्रेशन( GST Registration )  :

जीएसटी ने पहले के तमाम टैक्स की जगह ली है. पहले अलग-अलग प्रकार के टैक्स लगते थे जिन्हें जीएसटी में समेट दिया गया है. अगर आपका सालान टर्नओवर 40 लाख, कुछ स्थिति में 20 लाख से अधिक है तो आप जीएसटी की नजर में टैक्सपेयर हैं. इसके लिए आपको अपने बिजनेस में टैक्स चुकाना पड़ता है. इस टैक्स को चुकाने के लिए ही रजिस्ट्रेशन कराना होता है. अगर बिना रजिस्ट्रेशन आप बिजनेस करते हैं तो यह अपराध की श्रेणी में आएगा. अगर आप पकड़े गए तो भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है.

 

छोटे बिजनेस का रजिस्ट्रेशन ( GST Registration ) कैसे करें :

अगर आप कोई छोटा बिजनेस चलाते हैं और ऊपर बताए गए टर्नओवर में आते हैं तो आपको जीएसटी का रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा. इसके लिए ऊपर बताए गए सभी कागजात अपने पास रखें और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर दें. इसके लिए आप जीएसटी के पोर्टल https://www.gst.gov.in/ पर जाएं और वहां बताए गए स्टेप को फॉलो करें. यहां सबसे पहले आपको खुद का रजिस्ट्रेशन करना होगा. उसके बाद अपनी पर्सनल जानकारी जैसे कि बिजनेस डिटेल, एचएसएन कोड या एसएसी के साथ माल और सेवा की जानकारी, बैंक की डिटेल दर्ज करनी होगी.

अगर आपकी दी गई जानकारी सही है औऱ उसमें कोई खामी नहीं है तो कुछ ही देर में आपको जीएसटी नंबर मिल जाएगा. यही नंबर आपके जीएसटी रजिस्ट्रेशन का नंबर होगा. आप दुकानदारों के बोर्ड पर या बिल पर अकसर GSTIN लिखा देखते हैं. यही नंबर जीएसटी नंबर कहलाता है. 

 

gst 1 GST Registration : छोटे व्यवसायी GST रजिस्ट्रेशन कैसे करें? नियम व शर्तों के साथ जानिए पूरी प्रक्रिया.

 

 

जीएसटी रजिस्ट्रेशन ( GST Registration ) ऑनलाइन कैसे करें?

जीएसटी का रजिस्ट्रेशन (Online GST Registration Kaise kare) आप खुद भी कर सकते हैं और यह काम पूरी तरह से ऑनलाइन होता है. इसके लिए आपको https://www.gst.gov.in/ वेबसाइट पर जाना होगा. इस वेबसाइट के होमपेज पर https://www.gst.gov.in/help/enrollmentwithgst पर क्लिक करें तो आपको रजिस्ट्रेशन की पूरी जानकारी मिलेगी. यहां से आप अपने बिजनेस के लिए आसानी से रजिस्ट्रेशन कर पाएंगे. 

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स्टेप 1: जीएसटी पोर्टल पर जाएं – https://www.gst.gov.in
स्टेप 2: ‘Register Now’ लिंक पर क्लिक करें जो ‘Taxpayers’ टैब के अंतर्गत होती है.
स्टेप 3: ‘New Registration’ का विकल्प चुनें.
स्टेप 4: नीचे दी गई जानकारी भरें:

  •  ‘I am a’ ड्रॉप-डाउन मेनू के अंतर्गत, ‘Taxpayer’ का विकल्प चुनें.
  • संबंधित राज्य और जिले का चयन करें.
  • बिज़नेस का नाम दर्ज़ करें.
  • बिज़नेस का पैन दर्ज़ करें.
  • संबंधित बॉक्स में ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर दर्ज़ करें। दर्ज़ की गई ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर एक्टिव होना चाहिए क्योंकि उन पर ओटीपी भेजा जाएगा.
  • वह कैप्चा-कोड दर्ज करें जो स्क्रीन पर दिखाया गया है और ‘Proceed’ पर क्लिक करें.

स्टेप 5: अगले पेज पर, संबंधित बॉक्स में ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर पर भेजे गए ओटीपी को दर्ज करें.
स्टेप 6: जानकारी दर्ज करने के बाद, ‘Proceed’ पर क्लिक करें.
स्टेप 7: आपको स्क्रीन पर अस्थायी रेफरेंस नंबर (TRN) दिखाया जाएगा. टीआरएन को नोट कर लें.
स्टेप 8: फिर से जीएसटी पोर्टल पर जाएं और ‘Taxpayers’ मेनू के तहत ‘Register’ पर क्लिक करें.
स्टेप 9: ‘अस्थायी रेफरेंस नंबर (TRN)’ चुनें.
स्टेप 10: टीआरएन और कैप्चा संबंधी जानकारी दर्ज करें.
स्टेप 11: ‘Proceed’ पर क्लिक करें.
स्टेप 12: आपको अपनी ईमेल आईडी और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी प्राप्त होगा. अगले पेज पर ओटीपी दर्ज करें और ‘Proceed’ पर क्लिक करें.
स्टेप 13: आपकी एप्लीकेशन का स्टेटस अगले पेज पर दर्शाया जाएगा. दायीं तरफ ‘Edit’ वाले सेक्शन पर क्लिक करें.
स्टेप 14: अगले पेज पर 10 सेक्शन होंगे. सभी में प्रासंगिक जानकारी भरें, और ज़रूरी दस्तावेज जमा करें. अपलोड किए जाने वाले दस्तावेजों की लिस्ट नीचे दी गई है:

  • फोटो
  • बिज़नेस एड्रेस प्रूफ
  • बैंक स्टेटमेंट जैसे अकाउंट नंबर, बैंक का नाम, बैंक शाखा और IFSC कोड.
  • ऑथराइज़ेशन फॉर्म
  • टैक्सपेयर का कॉन्स्टिट्यूशन

स्टेप 15: ‘वेरिफिकेशन’ पेज़ पर जाएं और डिक्लेरेशन चेक करें, इसके बाद नीचे दिए गए किसी तरीके का उपयोग करके आवेदन सबमिट करें:

  • इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन कोड (EVC) के ज़रिए. कोड रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा.
  • ई-साइन के ज़रिए. आधार कार्ड से जुड़े मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा जाएगा.
  • यदि कंपनियां रजिस्ट्रेशन कर रही हैं, तो डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (डीएससी) का उपयोग करके एप्लीकेशन सबमिट करनी होगी.

स्टेप 16: इसके बाद स्क्रीन पर एप्लीकेशन सबमिट होने का मैसेज दिखाया जाएगा। एप्लीकेशन रेफरेंस नंबर (एआरएन) रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी पर भेजा जाएगा.
स्टेप 17: आप जीएसटी पोर्टल पर ARN का स्टेटस चेक कर सकते हैं.

 

ऑनलाइन जीएसटी रजिस्ट्रेशन फीस :

यदि आप ऑनलाइन जीएसटी रजिस्ट्रेशन (GST Registration) करते हैं, तो आपसे कोई फीस नहीं ली जाएगी. एक बार संबंधित दस्तावेज अपलोड हो जाने के बाद, रजिस्ट्रेशन कंफर्म करने के लिए SMS और ईमेल के ज़रिए एप्लीकेशन रेफरेंस नंबर (ARN) भेजा जाएगा.

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जीएसटी ( GST Registration ) के तहत रजिस्ट्रेशन न करने या देर से रजिस्ट्रेशन करने पर जुर्माना :

यदि आप टैक्स का भुगतान नहीं करते हैं या दी जाने वाली राशि से कम राशि का भुगतान करते हैं, तो जो जुर्माना लगाया जाता है वह देय राशि का 10% होता है. हालांकि, न्यूनतम जुर्माना 10,000 रुपये का होता है.

यदि आपने जीएसटी के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है और जान बूझकर टैक्स से बचने की कोशिश कर रहे हैं, तो आपसे जुर्माने के रूप में देय टैक्स राशि का 100% वसूला जाता है.

 

GST Registration के लिए ज़रूरी दस्तावेज :

जीएसटी रजिस्ट्रेशन ( GST Registration)  का प्रक्रिया पूरी करने के लिए ज़रूरी दस्तावेज नीचे दिए गए हैं:

  • पैन कार्ड
  • आधार कार्ड
  • बिज़नेस पता प्रमाण
  • डिज़िटल साइन
  • बैंक अकाउंट स्टेटमेंट और कैंसल किया गया चेक
  • इनकॉर्पोरेशन सर्टिफिकेट या बिज़नेस रजिस्ट्रेशन प्रमाण
  • निदेशक या प्रमोटर का पहचान प्रमाण, पता प्रमाण और फोटो
  • अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता से बोर्ड रिजॉल्यूशन और लैटर ऑफ ऑथराइज़ेशन.

 

जीएसटी रजिस्ट्रेशन (GST Registration)  के लाभ :

जीएसटी रजिस्ट्रेशन के कुछ लाभ नीचे बताए गए हैं :

  • सामान ऑनलाइन बेचा जा सकता है.
  • देश भर में सामान बेचा जा सकता है.
  • मल्टीनेशनल कॉर्पोरेशन (MNC) से बड़े प्रोजेक्ट को मंज़ूरी मिल सकती है.
  • जब कोई सामान या सेवाएं खरीदी जा रही हों तो इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाया जा सकता है.
  • जीएसटी रजिस्ट्रेशन वैध प्रमाण के रूप में कार्य करता है क्योंकि यह एक लीगल इकाई का रजिस्ट्रेशन है.
  • GSTIN की मदद से करंट बैंक अकाउंट खोला जा सकता है.
  • GSTIN से बिज़नेस की ब्रांड वैल्यू भी बढ़ सकती है.

 

GST रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट डाउनलोड कैसे करें?

जीएसटी रजिस्ट्रेशन (GST Registration)  सर्टिफिकेट डाउनलोड करने की प्रक्रिया नीचे दी गई है:

  • स्टेप- 1: https://www.gst.gov.in/ पर जाएं.
  • स्टेप- 2: ‘Login‘ पर क्लिक करें.
  • स्टेप- 3: अगले पेज पर यूजर नेम और पासवर्ड डालें.
  • स्टेप- 4: ‘Login‘ पर क्लिक करें.
  • स्टेप- 5: इसके बाद ‘Services’ पर क्लिक करें.
  • स्टेप- 6: ‘User Services’ पर क्लिक करें.
  • स्टेप- 7: View/ Downolad Certificates’ का विकल्प चुनें.
  • स्टेप- 8: अगले पेज पर ‘Downolad’ पर क्लिक करें.

 

 

GST Registraion का स्टेटस कैसे चेक करें?

  • जीएसटी के ऑफिशियल पोर्टल https://www.gst.gov.in/ पर जाएं.
  • ‘Services’> ‘Registration’> ‘Track Application Status’ पर क्लिक करें.
  • अपना ARN नंबर और कैप्चा कोड दर्ज़ करें। इसके बाद ‘Search’ बटन पर क्लिक करें.
  • अंत में, आपको अपनी स्क्रीन पर निम्नलिखित में से कोई एक जीएसटी रजिस्ट्रेशन का स्टेटस प्राप्त होगा:
  1. प्रोविज़नल स्टेटस
  2. पेंडिंग फॉर वेरिफिकेशन स्टेटस
  3. वैलिडेशन अगेंस्ट एरर स्टटेस
  4. माइग्रेटेड स्टटेस
  5. कैंसल्ड स्टेटस

 


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