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Rail Madad App : ट्रेन में यात्रा के दौरान हुई कोई परेशानी? रेल मदद ऐप के जरिए झटपट करें शिकायत

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Rail Madad App : भारतीय रेल विश्व का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है,जिस पर प्रतिदिन लगभग दो करोड़ यात्री यात्रा करते हैं। इतने बड़े नेटवर्क पर यात्रियों की समस्याओं और शिकायतों को सुलझाने के लिए ‘रेल मदद’ प्लेटफॉर्म बनाया गया है।

 

Rail Madad App : भारतीय रेलवे (Indian Railways) सफर के दौरान यात्रियों की सहूलियत के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। अब यात्रा के दौरान कोई परेशानी होने पर आपको यहां-वहां भटकना नहीं पड़ेगा। रेल मंत्रालय ने यात्रियों की सहायता के लिए 24×7 मल्टीपल चैनल ग्राहक सहायता सेवा ‘रेल मदद’ शुरू की है।

Rail Madad App : इस सेवा को ऐप, वेबसाइट, ई-मेल, पोस्ट, सोशल मीडिया और हेल्पलाइन सर्विस के माध्यम से एक्सेस किया जा सकता है।

 

 

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रेल मदद (RailMadad) यात्रियों की सहायता के लिए समर्पित एक चौबीसों घंटे सेवा देने वाला मल्टी चैनल इंटरफेस है। यह सभी समस्याओं के लिए एकीकृत समाधान प्रस्तुत करता है। उपयोगकर्ता को एक वैध ईमेल आईडी या मोबाइल नंबर के साथ पोर्टल में लॉग इन करना होता है। इसके बाद ओटीपी वेरिफिकेशन होता है और सेवाएं शुरू कर दी जाती हैं।

यह पोर्टल यात्रियों को शिकायतों की लाइव स्थिति को ट्रैक करने के अलावा उनका समाधान प्रस्तुत करेगा। ग्राहक इन पर अपना फीडबैक भी दे सकेंगे। रेल मदद वेबसाइट के अनुसार, पोर्टल का उद्देश्य शिकायतों का जल्द और संतोषजनक समाधान कर यात्रियों के लिए यात्रा के अनुभव शानदार बनाना है।

क्या हैं रेल मदद की खूबियां

रेल मदद से यात्री किसी भी ट्रेन के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं। साथ ही यहां टाइमटेबल और यात्री एवं पार्सल सेवाओं से संबंधित जानकारी भी मिलेगी। यात्री वेबसाइट के अलावा रेल मदद मोबाइल एप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड भी किया जा सकता है। एक तरह से देखें तो ‘रेल-मदद’ सफर के अलावा पार्सल से संबंधित सभी तरह की पूछताछ के लिए एक सिंगल विंडो सुविधा है।

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शिकायत दर्ज होने के बाद क्या होता है

ट्रेन ऑनबोर्ड स्टाफ यानी आरपीएफ एस्कॉर्ट, इलेक्ट्रिकल और हाउसकीपिंग को उनकी संबंधित शिकायतों के लिए एसएमएस अलर्ट मिलता है।

टीटीई को हर शिकायत के लिए अलर्ट मिलता है।

प्रारंभिक असाइनमेंट डिवीजन कंट्रोल सेल को जाता है।

कंट्रोल रूम आपकी शिकायत को ट्रैक करता रहता है।

एक यूनीक पंजीकरण संख्या (आरआरएन) शिकायत दर्ज होने के बाद साझा की जाती है।

शिकायत की स्थिति को आरआरएन से ट्रैक किया जा सकता है।

शिकायत का समाधान होने के बाद शिकायतकर्ता को एक एसएमएस मिलता है, जहां वे शिकायत निपटान की गुणवत्ता का मूल्यांकन कर सकते हैं।

शिकायत दर्ज करने के अलावा टिकट बुकिंग, ट्रेन पूछताछ, आरक्षण पूछताछ, रिटायरिंग रूम बुकिंग, यूटीएस टिकटिंग, फ्रेट बिजनेस पूछताछ शामिल है।


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