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Bihar Politics: भोला राम तूफानी पर बिहार की राजनीति में मचा ‘तूफान’, कौन था यह शख्स? जानें पूरा किस्सा.

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Bihar Politics: लालू यादव ने मंगलवार को भोला राम तूफानी को लेकर बयान दिया था जिसके बाद बवाल मचा है. सत्ता में बैठी पार्टी लालू यादव पर हमलावर है.

Bihar Politics: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की ओर से आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर मंगलवार को समाप्त हो गया. इस दौरान आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) भी वर्चुअल तरीके से शामिल हुए. अपने संबोधन में लालू यादव ने मंगलवार को भोला राम तूफानी को लेकर ऐसी बात कह दी कि बिहार की राजनीति में अब उसपर तूफान मच गया है. सत्ता में बैठी पार्टी लालू यादव पर हमलावर है. जानें कौन था भोला राम तूफानी और उनसे जुड़े किस्से जिसको लेकर बिहार की सियासत में बवाल मच गया है.

कौन थे भोला राम तूफानी, क्यों हो रही उनकी बात? : सबसे पहले यह जान लीजिए कि बीते मंगलवार से ही भोला राम तूफानी पर चर्चा हो रही है. वह इसलिए, क्योंकि मंगलवार को लालू यादव ने वर्चुअल मीटिंग में कहा कि उन्होंने ही भोला राम तूफानी को पहली बार हेलिकॉप्टर की सैर कराई थी. इसपर भोला राम तूफानी ने हेलिकॉप्टर से लौट कर बताया था कि लोग कह रहे हैं, ललुआ बना देलस, अब ऊपर से मुतवावता. बता दें कि नेता भोला राम तूफानी दलित नेता थे. लालू यादव और राबड़ी देवी की सरकार में वे पशुपालन मंत्री थे. चारा घोटाला में भी उनका नाम था.

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‘भोला राम ने की थी आत्महत्या करने की कोशिश’ : लालू यादव की ओर से मंगलावर को दिए गए बयान के बाद अब जेडीयू ने हमला बोला. जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा कि भोला राम तूफानी मुसहर समाज के नेता थे. वे बहुत ही सज्जन व्यक्ति थे. उनके मन में छल और प्रपंच नहीं था. लालू यादव ने जो भोला राम तूफानी के बारे में कहा है उससे आश्चर्य होता है. उन्होंने इसकी चर्चा तो कर दी कि उन्होंने भोला राम को हेलिकॉप्टर से गांव में भेजा था लेकिन भोला राम को पशुपालन मंत्री बनाकर और अपने घर में बुलाकर चारा घोटाले की फाइल में सीधे आदमी से हस्ताक्षर करवाते थे ये नहीं बताया. इसका परिणाम यह हुआ कि जब सीबीआई की ओर से चारा घोटाला मामले की जांच हुई तो भोला राम भी बिचारे अभियुक्त बन गए.

ललन सिंह ने कहा कि भोला राम का कोई गुनाह नहीं था. आत्मग्लानी से उस व्यक्ति ने आत्महत्या करने का प्रयास किया. ये सारी बातें लालू यादव नहीं बताएंगे. वर्चुअल सम्मेलन में भी अपने नेताओं को यह बात बतानी चाहिए थी. दलितों के साथ इस तरह से करने का लालू यादव का स्वभाव है. अपने प्रवासी को भी बताएं कि वो यही सब काम करते थे.

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‘बउआ और बिहार के लोगों को बताइए सारी बातें’ : इस बयान के अलावा ललन सिंह ने ट्वीट करके भी लालू यादव पर महादलित समाज का मजाक उड़ाने का लगाया. उन्होंने कहा, “हेलिकॉप्टर में चढ़ाने के बदले में भोले-भाले तूफानी जी से फर्जी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवा बिहार का खजाना लूटे और खुद के लिए बिहार व देश-विदेश में अथाह संपत्ति बनाए. आपकी साजिश व सदमा में भोला राम जी दिवंगत भी हो गए. अपने बउआ व बिहार के लोगों को सारी बातें भी बताइए श्रीमान जी!”

जीतन राम मांझी ने कहा- ये डर अच्छा है : वहीं, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने भी लालू यादव पर निशाना साधा. जीतन राम मांझी ने ट्वीट कर लिखा, “लालू यादव जी जब आप बिहार के अघोषित सीएम थे तब मैंने माउंटेनमैन दशरथ मांझी जी को सम्मान दिलाने के लिए कई बार आपसे अनुरोध किया और आपका जवाब था-मुसहर कुर्सी पर बईठे ला हो मांझी जी, खैर आज जीतन के डर से ही सही पर अब आपने मुसहर को सम्मान देना तो शुरू किया. ये डर अच्छा है.”

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