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Gold Jewellery Tips : अगर आप सोने के गहने खरीदने की सोच रहे हैं ,तो पहले पढ़ें यह खबर.

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इस महीने में 9 सितंबर को तीज है. दुर्गा पूजा, दिवाली और धनतेरस भी दूर नहीं हैं. इन मौकों पर ज्वेलरी खरीदना शुभ माना जाता है. अगर आप भी सोने के गहने खरीदने जा रहे हैं तो सावधान रहें क्योंकि छोटी सी चूक आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है. सोने के गहने खरीदते वक्त आपको इन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

क्या आपको अपने ज्वैलर्स पर पूरा भरोसा है? क्या आपका वर्षों पुराना ज्वैलर्स आपको वाजिब रेट में सोने के आभूषण देता है? अगर इसका उत्तर हां है तो आप लकी हैं, लेकिन लाखों लोग आप जैसे भाग्यशाली नहीं होते। जूलरी खरीदते समय वो ठगे जाते हैं। ज्वैलर्स बड़ी आसानी से 18 कैरेट सोने से बनी ज्वैलरी का दाम 22 कैरेट के सोने से बनी ज्वैलरी के बराबर वसूलते हैं। ऊपर से मेकिंग चार्ज में भी दबाते हैं। नग जड़े आभूषणों में तो ये नगों का पैसा भी सोने के रेट पर काटते हैं। हालांकि, जरूरी नहीं सभी ऐसा करते हों।

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उदाहरण के लिए ऐसे समझें आज सर्राफा बाजार में 22 कैरेट गोल्ड जूलरी का रेट 4567 रुपये प्रति ग्राम है। वहीं 18 कैरेट सोने से बनी जूलरी की कीमत 3782 रुपये प्रति ग्राम है। इस पर मेकिंग चार्ज और जीएसटी नहीं लगा है। गहने की कीमत = एक ग्राम सोने की कीमत x सोने के गहने का वजन + मेकिंग चार्ज प्रति ग्राम + जीएसटी के आधार पर निकाली जाती है। सोने की जूलरी खरीदने पर इसकी कीमत और मेकिंग चार्ज पर 3 फीसदी का गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) लगता है।

ठाकुर जी पत्नी के साथ अपने ज्वैलर्स के यहां जाते हैं और उन्हें 18 कैरेट सोने से बना 20 ग्राम का हार पसंद आता है। अगर आज के रेट से जोड़ें तो सोने की कीमत 75640 रुपये हुआ। मेकिंग चार्ज की बात करें तो 20 ग्राम X 300 रुपये प्रति ग्राम यानी 6000 रुपये हुआ। यानी कुल कीमत 81640 रुपये हुई। इस पर अगर 3 फीसद जीएसटी जोड़ें तो 2,449.20 रुपये और बढ़ जाएंगे। दरअसल खेल यहीं शुरू होता है। इस समय अपने ज्वैलर्स से 18 कैरेट सोने का रेट पूछें तो वह 42000 रुपये प्रति 10 ग्राम से कम नहीं बताएगा। जब आप IBJA के रेट का हवाला देंगे तो वो कहेगा यह रेट KDM का है या बिस्कुट का है।

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ज्वैलरी के मेकिंग चार्ज पर ज्यादा जीएसटी : सोने पर जीएसटी और सोने के मेकिंग चार्ज पर जीएसटी अलग-अलग है। सोने के गहनों के मेकिंग चार्ज पर पांच फीसदी जीएसटी की दर है। इसलिए सोने के गहने खरीदते वक्त यह ध्यान रखें कि सोने के गहने पर अलग जीएसटी और सोने के मेकिंग चार्ज पर अलग जीएसटी की रसीद आपको मिले। यदि ज्वैलर्स ऐसा नहीं करते हैं तो आप इसकी शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं।

कभी-कभी हम ऐसे आभूषण खरीदते हैं, जिनमें नग (पत्थर) जड़े होते हैं। कुछ बेईमान ज्‍वेलर पूरे नग का वजन करते हैं और इसे सोने की कीमत के साथ जोड़ देते हैं यानी सोने के मूल्य के बराबर इनका दाम लगा दिया जाता है। इसे वापस बेचने पर सामान्य रूप से पत्थर के वजन और अशुद्धता को कुल मूल्य से घटा दिया जाता है। सोने की शुद्धता सोने की ज्वैलरी अलग-अलग कैरेट में आती है।

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कैरेट सोने की शुद्धता का पैमाना है और सबसे शुद्ध सोना 24 कैरेट का होता है। ज्वैलरी अमूमन 22 कैरेट में आती है। इसमें 91.6 फीसदी सोना होता है। सोने का दाम सोने के गहनों का दाम दो चीजों पर निर्भर करता है। पहला ज्‍वेलरी में सोने का हिस्सा यानी वह 22 कैरेट की है या 18 कैरेट की अैर दूसरा गहने बनाने के लिए सोने में मिलाए जाने वाली धातु।


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