Bihar News : दरभंगा घराने के प्रख्यात ध्रुपद गायक पं. अभय नारायण मलिक का निधन, 86 साल की उम्र में ली आखिरी सांस.

Bihar News  : दरभंगा घराने के प्रख्यात ध्रुपद गायक पं. अभय नारायण मलिक का निधन हो गया. पं. नारायण काफी दिनों से बीमार थे. उनका निधन दिल्ली स्थित आवास पर हुआ है.

 

Bihar News : दरभंगा घराने के प्रख्यात ध्रुपद गायक पं. अभय नारायण मलिक का 86 साल की उम्र में निधन हो गया. पं. नारायण काफी दिनों से बीमार थे. उनका निधन दिल्ली स्थित आवास पर हुआ. दिवंगत गायक बहेरी प्रखंड के अमता गांव के रहने वाले थे. उनके निधन से कला जगत में शून्यता का प्रसार हुआ है.

पं. मलिक देश-विदेश में अपने गायिकी से लोगों का दिल जीत चुके थे. पंडित अभय नारायण मल्लिक ऑल इंडिया रेडियो के ‘ए’ क्लास के गायकों की सूची में भी शामिल थे. बता दें कि उस समय में भी लोग उनके गायिकी प्रोग्राम को अपने कामकाज को छोड़कर सुनते थे. उनके निधन की खबर से उनके चाहने वालों के साथ-साथ संगीत जगत में शोक की लहर है। फैंस उनके जाने का दुख जताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं.

ध्रुपद के अग्रणी गायकों में से एक थे पं. अभय नारायण मलिक :

पं. अभय नारायण मलिक ध्रुपद के अग्रणी गायकों में से एक थे. पूरे भारत में जहां भी ध्रुपद की चर्चा होती है. वहां पं. अभय नारायण मलिक के नाम को बड़े ही आदर के साथ लिया जाता है. पंडित जी ने अपना सारा जीवन ध्रुपद को समर्पित कर दिया था . उन्होंने ध्रुपद को ऐसे समारोहों में प्रस्तुत किया था, जिसने ध्रुपद गायकी को वैश्विक स्तर पर स्थापित किया. वे नामी संगीतज्ञ के साथ ही कर्मयोगी भी थे.

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कालिदास अलंकरण से किया गया था विभूषित :

पं. अभय नारायण मलिक को बीते साल संगीत की नगरी ग्वालियर में आयोजित तानसेन समारोह में कालीदास अलंकरण से विभूषित किया गया था. पं. अभय नारायण मलिक ऑल इंडिया रेडियों के ‘ए’ क्लास के गायकों की सूची में भी शामिल थे. कहा जाता है कि जब रेडियो पर उस दौर में जब उनकी गायकी कार्यक्रम प्रसारित होता था. तो लोग अपने दैनिक कामकाज को छोड़कर उनकी गायकी को सुनते थे.

संगीत में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए बिहार सरकार, मध्य प्रदेश सरकार और यूपी सरकार द्वारा राजकीय सम्मान से भी नवाजे जा चुके थे. बिहार सरकार से पंडित अभय नारायण मल्लिक ने ‘बिहारी हो तो ऐसा’ अवॉर्ड हासिल किया था 1984 में गायक छत्तीसगढ़ के इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में बतौर रीडर जुड़े थे. 1998 में वो शास्त्रीय संगीत के हेड ऑफ डिपार्टमेंट और डीन के पद से रिटायर हुए थे.