Bihar Politics : विवादित बयान पर मंत्री अलोक मेहता का यूटर्न, कहा -‘मैंने शोषक बोला है किसी जाति पर आरोप नहीं लगाया…’.

Bihar Minister Alok Mehta’s U-turn on controversial statement : मंत्री आलोक मेहता ने भागलपुर में आरक्षण को लेकर दिए अपने बयान पर अपनी सफाई दी है. उन्होंने फेसबुक पर एक वीडियो जारी कर कहा कि मेरे बयान का गलत तरीके से पेश किया जा रहा है.

Bihar Politics : बिहार सरकार के राजस्व – भूमि सुधार एवं गन्ना उधोग मंत्री आलोक मेहता ने भागलपुर में आरक्षण को लेकर दिए अपने बयान पर अपनी सफाई दी है। उन्होंने फेसबुक पर एक वीडियो जारी कर कहा कि मेरे बयान का गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि – ‘जगदेव बाबू ने कहा था कि 100 में 90 शोषित है, 90 भाग हमारा है और 90 पर 10 प्रतिशत का शासन 90 पर नहीं चलेगा, नहीं चलेगा’ ।

100 में से 90 शोषित :

मैंने यह भी कहा था कि जमाने के हिसाब से शोषित और शोषक वर्ग बदलते हैं, अंग्रेजो का जमाना था तो अंग्रेज शोषक थे और भारत के सभी लोग शोषित थे। लेकिन जब अंग्रेज चले गए तो अंग्रेजों के पिठुओं ने – अंग्रेजो के दलालों ने शोषकों की सत्ता संभाल ली और लोगों को शोषित होने पर मजबूर करते रहे। जगदेव बाबू ने ऐसे ही शोषकों के खिलाफ आवाज उठाई थी और उठाकर संघर्ष करते हुए शहीद हो गए ।

मैंने यह भी कहा कि इस 10 प्रतिशत की बात जगदेव बाबू ने किया है और हमारा जो विचार है 10% कोई स्थिर किसी जाति पर आक्षेप बिल्कुल नहीं है, बल्कि यह ऐसा वर्ग है जो शोषके की भूमिका में रहा है और वो समय के साथ बदलता रहता है।

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मंत्री आलोक मेहता अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि पूरा राज्य जनता है कि हमारे इस बयान को तोड़ मरोड़ कर मीडिया में पेश किया गया है। मैं सभी वर्गों के साथ अच्छा संबंध बनाकर रखता हूं। सभी के लिए बराबर का काम करता हूं। सियासत हो या व्यक्तिगत संबंध हो। इसलिए इस पर कोई सवाल नहीं है। मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि मेरे मन में सभी वर्ग के लिए एक जैसा सम्मान हैं। 100 में 90 शोषित हैं। इसमें मैंने पिछड़ी जाति या दलित नहीं कहा। अगर कहा भी है तो यह सच्च है।अम्बेदकर साहब ने इन चीजों को बताया था। लेकिन मैंने किसी के प्रति असम्मान का भाव व्यक्त नहीं किया। सौ में दस अंग्रेज शोषक थे। मैंने तो अंग्रेजो को कहा था, उसे घूमा कर कुछ पार्टी के लोग जो भ्रम फैला दिए है। कुछ लोग आरक्षण समाप्त करने के फिराक में है।

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दस प्रतिशत वाले को हमने दलाल नहीं कहा :

दस प्रतिशत आरक्षण वालों को दलाल मैंने नहीं कहा है। इसी बात को गलत ढ़ंग से प्रचारित किया जा रहा है। ईडब्ल्यूएस के समर्थन में हम लोगों ने प्रस्ताव दिया था।अगर इस बात को कोई कहता है। तो गलत कहता है। मैंने सिर्फ इतना कहा कि पिछड़े और दलित जाति के आरक्षण का कट ऑफ उपर जा रहा है। इसके कारण को जानने की जरूरत है।