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LIC IPO Rules : एलआईसी पॉलिसी होल्डर रिटेल और कोटा दोनों तरह के रिजर्वेशन का उठा सकते हैं लाभ, जानिए क्या है नियम.

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LIC IPO में रिटेल निवेशकों के लिए 35 फीसदी और पॉलिसी होल्डर्स के लिए 10 फीसदी सुरक्षित रखा गया है. रिटेल और पॉलिसी होल्डर्स के लिए मैक्सिमम इन्वेस्टमेंट लिमिट 2-2 लाख रुपए रखी गई है. अब सवाल उठता है कि क्या एक पॉलिसी होल्डर दोनों तरह के रिजर्वेशन का फायदा उठा सकता है.

LIC IPO Rules : देश के सबसे बड़े आईपीओ की तैयारी जोर-शोर से जारी है. LIC IPO का सब्सक्रिप्शन 4 मई से खुल रहा है जो 9 मई तक चलेगा. यह पूरी तरह ऑफर फॉर सेल होगा. सरकार अपनी 3.5 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी जिसके लिए 22.13 करोड़ शेयर जारी किए जाएंगे. इसके जरिए सरकार 20557 करोड़ का फंड इकट्ठा करना चाहती है. इस आईपीओ के लिए इश्यू प्राइस 902-949 रुपए फिक्स किया गया है. 15 शेयरों का एक लॉट होगा.

 

इस आईपीओ के लिए पॉलिसी होल्डर्स को प्रति शेयर 60 रुपए का डिस्काउंट मिलेगा. पॉलिसी होल्डर्स के लिए प्राइस बैंड 842-889 रुपए का होगा. रिटेल निवेशकों और एंप्लॉयी को 45 रुपए प्रति शेयर का डिस्काउंट मिलेगा. रिटेल निवेशकों के लिए प्राइस बैंड 857-904 रुपए रखा गया है. नॉन रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए मिनिमम इन्वेस्टमेंट 14235 रुपए होगा जिसके लिए प्राइस बैंड 949 रुपए की अपर लिमिट है. पॉलिसी होल्डर्स के लिए मिनिमम इन्वेस्टमेंट 13335 रुपए का होगा. रिटेल निवेशकों के लिए मिनिमम इन्वेस्टमेंट 13560 रुपए का होगा.

 

दोनों कैटिगरी में छूट का फायदा :

पेटीएम मनी के सीईओ वरुण श्रीधर ने कहा कि पॉलिसी होल्डर्स दोनों कैटिगरी में छूट का फायदा भी उठा सकते हैं और 2-2 लाख का अलग-अलग निवेश भी कर सकते हैं. इस तरह पॉलिसी होल्डर्स के पास 4 लाख तक निवेश का मौका है.

अगर कोई पॉलिसी होल्डर एलआईसी का एंप्लॉयी है तो वह इस कैटिगरी में भी 2 लाख रुपए तक का निवेश कर सकता है. एंप्लॉयी के लिए इश्यू प्राइस में 45 रुपए की छूट दी गई है. इस तरह अगर कोई रिटेल निवेशक LIC पॉलिसी होल्डर के साथ-साथ एंप्लॉयी भी है तो वह अधिकतम 6 लाख तक निवेश कर सकता है.

अगर कोई इन्वेस्टर 2 लाख से अधिक इस आईपीओ में लगाना चाहता है तो उसे NII यानी नॉन इंस्टीट्यूशल इन्वेस्टर्स कैटिगरी में बोली जमा करने की सलाह दी गई है. एक निवेशक रिटेल और NII सेगमेंट में एकसाथ बोली जमा नहीं कर सकता है. ऐसे में उसकी बोली को अस्वीकार्य कर दिया जाएगा. पॉलिसी होल्डर्स होने के नाते वह निवेशक 2-2 लाख दो अलग-अलग कैटिगरी में जरूर निवेश कर सकता है.

 

IPO में पॉलिसीधारक अप्लाई करने से पहले जानिए ये बातें  :

एलआईसी के कर्मचारियों (employees) और पॉलिसीहोल्डर्स (lic policyholders) के लिए भी कुछ हिस्सा रिजर्व रखा गया है. पॉलिसीहोल्डर्स को सस्ते में शेयर दिए जाएंगे. लेकिन इसके लिए उन्हें कुछ शर्तों को पूरा करना होगा. आइए आईये जानते हैं एलआईसी आईपीओ की 15 बातें जो रिटेल इनवेस्टर्स, कर्मचारियों और पॉलिसीहोल्डर्स को जाननी चाहिए :  

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1. LIC IPO के लिए अप्लाई करने के लिए डीमैट अकाउंट होना अनिवार्य है :

SEBI के वर्तमान दिशानिर्देशों के तहत, कोई भी कैश मार्केट इन्वेस्टमेंट, चाहे वह IPO में हो या सेकंडरी मार्केट में, केवल रजिस्टर्ड डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट (DP) के साथ डीमैट अकाउंट के माध्यम से ही किया जाना चाहिए. ऐसे DPs या तो NSDL या CDSL से जुड़े हो सकते हैं. LIC IPO के शेयर्स फिजिकल रूप में जारी नहीं किए जाएंगे, इसलिए आपके पास डीमैट अकाउंट होना अनिवार्य है.

2. क्या डीमैट अकाउंट पर्याप्त है या ट्रेडिंग अकाउंट भी ज़रूरी है?

वर्तमान में, ट्रेडिंग अकाउंट का उपयोग इक्विटी, फ्यूचर्स और ऑप्शन्स में ऑर्डर निष्पादित करने के लिए किया जाता है, जबकि डीमैट अकाउंट में आपके एसेट जैसे IPO, सेकेंडरी मार्केट इक्विटी, ETF, बॉन्ड आदि होल्ड किए जाते हैं. IPO के लिए अप्लाई करने के लिए, केवल डीमैट अकाउंट अनिवार्य है, ट्रेडिंग अकाउंट नहीं. हालांकि, आपको शेयर बेचने के लिए ट्रेडिंग अकाउंट की आवश्यकता होती है. आजकल, ब्रोकर ट्रेडिंग कम डीमैट अकाउंट खोलते हैं, इसलिए दोनों अकाउंट एक साथ खोले जाते हैं.

3. पॉलिसीधारक की पात्रता और लॉक-इन अवधि की शर्तें :

LIC पॉलिसीधारक कोटा में अप्लाई करने के लिए पात्र होने के लिए, व्यक्तिगत इन्वेस्टर को नियमित रूप से भुगतान किए गए सभी प्रीमियम के साथ ऐक्टिव LIC पॉलिसी का मौजूदा पॉलिसीधारक होना चाहिए. यह कोटा केवल LIC के व्यक्तिगत पॉलिसीधारकों पर लागू होगा. यह कोटा किसी भी लॉक-इन अवधि के साथ नहीं आता है, इसलिए इन्वेस्टर लिस्टिंग के दिन भी बेचने के लिए स्वतंत्र होते हैं.

4. LIC IPO के लिए न्यूनतम और अधिकतम इन्वेस्टमेंट साइज़ :

ऑफर के तहत सभी कैटेगरी में न्यूनतम इक्विटी शेयर लागू होंगे और LIC IPO पॉलिसीधारक कोटा के लिए भी रिटेल लॉट साइज़ लागू होगी. न्यूनतम लॉट साइज़ में और उसके गुणक में एप्लीकेशन की जा सकेगी. रिटेल कोटा के लिए अधिकतम इन्वेस्टमेंट वर्तमान में ₹ 2,00,000 है.

5. क्या पॉलिसीधारक ₹ 2 लाख से अधिक के NII / RIB कोटा के तहत अप्लाई कर सकते हैं?

पॉलिसीधारक कोटा के लिए अधिकतम बिड राशि ₹ 2,00,000 तक सीमित है. हालांकि, पात्र पॉलिसीधारक ₹ 2,00,000 तक की अतिरिक्त राशि या उससे अधिक की राशि के लिए नॉन-इंस्टीट्यूशनल बिडर्स कैटेगरी के तहत इक्विटी शेयर्स के लिए भी अप्लाई कर सकते हैं. पॉलिसीधारक को दिया जाने वाला डिस्काउंट अभी तक निर्धारित नहीं हुआ है.

6. जॉइंट पॉलिसी के मामले में LIC IPO के लिए अप्लाई करने की पात्रता :

जॉइंट पॉलिसी के मामले में, जॉइंट एप्लीकेंट में से कोई भी एक, पॉलिसीधारक आरक्षण कैटेगरी के तहत इक्विटी शेयर के लिए अप्लाई कर सकते हैं. हालांकि, इससे पहले, ऑफर में बिड करने वाले एप्लीकेंट का PAN नंबर पॉलिसी रिकॉर्ड में अपडेट होना चाहिए. एप्लीकेंट के पास डीमैट अकाउंट भी होना चाहिए और जॉइंट अकाउंट के मामले में, एप्लीकेंट पहला होल्डर होना चाहिए. IPO के समय केवल भारत में रहने वाले व्यक्ति ही इस कोटा में इन्वेस्ट कर सकते हैं.

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7. लैप्स हो चुकी पॉलिसी और IPO में पॉलिसीधारक कोटा के तहत पात्रता :

पॉलिसीधारक की मेच्योरिटी, सरेंडर या मृत्यु जैसे सामान्य कारणों से LIC के रिकॉर्ड से बाहर नहीं होने वाली कोई भी पॉलिसी, पॉलिसीधारक आरक्षण कोटा के तहत आरक्षण का लाभ उठा सकती है. हालांकि, लैप्स हो चुकी पॉलिसी के मामले में, आपको पहले LIC ऑफिस से चेक करना होगा कि पॉलिसी अभी भी रिकॉर्ड में है या इसे हटा दिया गया है. नई पॉलिसी के मामले में, ऐसी पॉलिसी DRHP फाइल करने की तिथि से पहले जारी की जानी चाहिए.

8. LIC पॉलिसी से PAN लिंक करना :

LIC IPO के लिए पॉलिसीधारक कोटा में अप्लाई करने के लिए पात्र होने के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण चरण है. LIC ने LIC वेबसाइट पर PAN अपडेट करने के लिए एक आसान और आकर्षक विकल्प https://linkpan.licindia.in/UIDSeedingWebApp/ प्रदान किया है. आपको इंटरफेस पर PAN नंबर, पॉलिसी नंबर, मोबाइल नंबर और ईमेल ID अपडेट करना होगा. अगर आप इसे ऑनलाइन नहीं कर पा रहे हैं, तो आप अपने PAN नंबर के साथ रिकॉर्ड अपडेट करने के लिए नज़दीकी LIC ऑफिस से भी संपर्क कर सकते हैं. सुनिश्चित करें कि PAN और IPO में अप्लाई करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाले PAN एक समान है. यह सुविधा कैप्चा आधारित है और OTP वेरिफिकेशन के आधार पर भी है.

9. LIC पॉलिसी में KYC विवरण अपडेट करें :

पॉलिसीधारक कोटा के तहत, आसान एप्लीकेशन और अलॉटमेंट के लिए पात्र होने के लिए, LIC पॉलिसी के KYC विवरण अपडेट किए जाने चाहिए. इसमें एड्रेस, कॉन्टैक्ट नंबर, ईमेल ID आदि को अपडेट करना शामिल है. LIC वेबसाइट यानी https://licindia.in के माध्यम से भी अपनी LIC पॉलिसी से संबंधित KYC विवरण में अपडेट किया जा सकता है. ऐसे मामलों में, KYC अपडेट को सपोर्ट करने के लिए लेटेस्ट डॉक्यूमेंट भी अपलोड करने होते हैं. LIC द्वारा डॉक्यूमेंट वेरिफाई करने के बाद, LIC पॉलिसी मास्टर में विवरण अपडेट हो जाता है.

10. निश्चित नहीं हैं कि आपने LIC पॉलिसी और PAN को लिंक किया है या नहीं :

IPO के लिए अप्लाई करने से पहले, यह यह वेरिफाई कर लेना अच्छा रहेगा कि आपके PAN और आपके पॉलिसी डॉक्यूमेंट को पहले से ही लिंक किया जा चुका है. इस स्टेटस को LIC वेबसाइट पर https://linkpan.licindia.in/UIDSeedingWebApp/getPolicyPANStatus पर चेक किया जा सकता है. स्टेटस चेक करने के लिए आपको पॉलिसी नंबर, जन्मतिथि, PAN नंबर और कैप्चा कोड जैसे बुनियादी विवरण सबमिट करने होंगे. एक बार वेरिफाई हो जाने के बाद, आप निश्चिंत रह सकते हैं कि आप पॉलिसीधारक कोटा के तहत LIC IPO के लिए PAN आधारित एप्लीकेशन लगा पाएंगे.

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11. अगर आपके पास PAN नहीं है, तो LIC पॉलिसीधारक कोटा में अप्लाई करने के लिए ये उपाय करें :

LIC IPO के लिए पॉलिसीधारक कोटा के तहत अप्लाई करने के लिए पात्र होने के लिए PAN कार्ड होना अनिवार्य है. इसलिए, अगर आपने अभी तक PAN कार्ड के लिए अप्लाई नहीं किया है, तो आप UTITSL या NSDL लिंक पर जाकर ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं. अगर आपको PAN की जल्द आवश्यकता है, तो आप E-PAN के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं. कृपया ध्यान दें कि मान्य 10-अंकों का PAN नंबर अपडेट नहीं किए जाने पर LIC एप्लीकेशन स्वीकार नहीं करेगी. इन सभी प्रयासों में, आप अपने LIC एजेंट की भी मदद ले सकते हैं

12. पॉलिसीधारक कोटा के लिए ग्रुप पॉलिसी की पात्रता :

ग्रुप पॉलिसी के अलावा सभी व्यक्तिगत पॉलिसीज़, पॉलिसीधारक आरक्षण कोटे के तहत बिड लगाने के लिए पात्र होंगी. यह DRHP फाइल करने की तिथि के अनुसार पहले से ही शुरू होने वाली एन्यूटी पर भी लागू होता है. हालांकि, अगर आप पॉलिसीधारक की मृत्यु के बाद केवल पॉलिसी के लाभार्थी हैं, तो आप पॉलिसीधारक कोटा में अप्लाई करने के लिए पात्र नहीं हैं.

13.पॉलिसीधारक कोटा में अलॉटमेंट की गारंटी :

पॉलिसीधारक कोटा में अलॉटमेंट की कोई गारंटी नहीं है. DIPAM ने बताया है कि पात्र पॉलिसीधारकों के लिए कुल ऑफर साइज़ का लगभग 10% आरक्षित किया जाएगा. हालांकि, इस पॉलिसीधारक कोटा के अंदर अलॉटमेंट प्रतिस्पर्धी बिडिंग के अधीन होगा और बिडिंग प्रोसेस की डिमांड पर निर्भर करेगा. ओवरसब्सक्रिप्शन होने पर आनुपातिक अलॉटमेंट किया जाएगा

14.न्यूनतम पॉलिसी साइज़, IPO पात्रता के लिए न्यूनतम प्रीमियम आवश्यकता :

LIC IPO के लिए फाइल किए गए DRHP के अनुसार, सभी पात्र पॉलिसीधारकों को समान माना जाएगा, चाहे प्रीमियम राशि या सम अश्योर्ड या होल्ड की गई पॉलिसी की संख्या कुछ भी हो. एकल पॉलिसी वाला व्यक्ति जो कम प्रीमियम का भुगतान कर रहा है और बहुत सी पॉलिसीज़ वाला व्यक्ति जो बहुत अधिक प्रीमियम का भुगतान कर रहा है, दोनों को समान माना जाएगा. दोनों मामलों में, पॉलिसीधारक कोटा के तहत इक्विटी शेयर केवल प्रतिस्पर्धी बिडिंग के आधार पर अलॉट किए जाएंगे.

15. पॉलिसी रिकॉर्ड में PAN अपडेट करने की अंतिम तिथि :

पॉलिसी डॉक्यूमेंट में PAN नंबर अपडेट करने के लिए कोई अंतिम तिथि नहीं दी गई है. हालांकि, आपको यह सुझाव दिया जाता है कि आप यह काम जल्द से जल्द कर लें, क्योंकि अंतिम समय में अपडेट करने का प्रयास करने पर सर्वर की समस्याएं और ट्रैफिक से संबंधित समस्याएं आपके PAN अपडेट में देरी कर सकती हैं.


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