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DA में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को कितना मिलेगा महंगाई भत्ता?

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DA Hike 2022 : केंद्रीय कर्माचारियों और पेंशनर्स के लिए हर साल दो बार महंगाई भत्ता में बदलाव किया जाता है. जनवरी और जुलाई के महीने में यह प्रक्रिया पूरी की जाती है. अगर इस फैसले में देरी भी होती है तो सरकार जनवरी और जुलाई से लाभ को जोड़कर ही लाभार्थियों को देती है.

DA Hike 2022 : केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi Government) ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ता (DA-Dearness Allowance) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है. भारत सरकार (Government of India) के इस फैसले का लाभ 48 लाख सरकारी कर्मियों और 68 लाख पेंशनर्स को मिलेगा. इस बढ़ोतरी के साथ ही अब जनवरी 2022 से कर्मचारियों और पेंशनर्स को 34 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा. डीएम में बढ़ोतरी को 2021 के महीनों के CPI डेटा के हिसाब से कलकुलेट किया जाएगा.

 

केंद्रीय कर्माचरियों का महंगाई भत्ता पहले 2001 के सीपीआई के आधार पर कलकुलेट होता था यानी 2001 को बेस ईयर माना जाता था. बाद में मोदी सरकार ने इसमें बदलाव कर दिया. सितंबर 2020 से महंगाई भत्ता के लिए 2016 को बेस ईयर तय कर दिया गया. तब से उस साल की सीपीआई के आधार पर ही महंगाई भत्ता कलकुलेट किया जाता है. सीपीआई की नई सीरीज को पुरानी से पाटने के लिए 2.88 प्रतिशत का लिंकिंग फैक्टर है. इसी लिंकिंग फैक्टर का इस्तेमाल कर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स का डीए निर्धारित किया जाता है.

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प्रत्येक साल दो बार होता है DA में बदलाव :

केंद्रीय कर्माचारियों और पेंशनर्स के लिए हर साल दो बार महंगाई भत्ता में बदलाव किया जाता है. जनवरी और जुलाई के महीने में यह प्रक्रिया पूरी की जाती है. अगर इस फैसले में देरी भी होती है तो सरकार जनवरी और जुलाई से लाभ को जोड़कर ही लाभार्थियों को देती है. उदाहरण के लिए डीए बढ़ाने की घोषणा 30 मार्च को हुई है, लेकिन लाभ जनवरी से ही दिया जाएगा.

 

विश्व युद्ध के दौरान शुरू हुई थी यह व्यवस्था :

दुनिया में महंगाई भत्ते की शुरुआत दूसरे विश्व युद्ध के दौरान हुई थी. उस वक्त इसे खाद्य महंगाई भत्ता या डियरनेस फूड अलाउंस कहते थे. अगर भारत की बात करें तो मुंबई में साल 1972 में सबसे पहले महंगाई भत्ता देने की शुरुआत हुई थी. इसके बाद केंद्र सरकार की तरफ से सभी सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता दिया जाने लगा.


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