Follow Us On Goggle News

Viral Video : डॉक्टर और नर्स ने कोविड कंट्रोल रूम में फिल्मी गाने पर जमकर लगाए ठुमके, वीडियो हुआ वायरल.

इस पोस्ट को शेयर करें :

दरभंगा में डॉक्टरों ने फिल्मी गाने पर एएनएम, आशा कार्यकर्ता और दूसरे स्वास्थ्य कर्मियों (Health Workers) के साथ जमकर ठुमके लगाए. वीडियो फिलहाल जिले भर में चर्चा का विषय बना हुआ है. लोग स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहे हैं.

बिहार के दरभंगा जिले के हायाघाट पीएचसी (Hayaghat PHC) में बने कोविड कंट्रोल रूम (Covid Control Room) में पीएचसी के डॉक्टरों ने फिल्मी गाने पर एएनएम, आशा कार्यकर्ता और दूसरे स्वास्थ्य कर्मियों (Health Workers) के साथ जमकर ठुमके लगाए. इस दौरान सरकार की ओर से निर्धारित कोरोना गाइडलाइंस (Corona Guidelines) की पूरी तरह से धज्जियां उड़ाई जाती रही. नाच-गाना करते डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों ने चेहरे पर मास्क भी नहीं लगाया था, साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) की भी धज्जियां उड़ाई गईं. अब इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है.

वाकया बीते 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के दिन का बताया जा रहा है. जानकारी के अनुसार ध्वजारोहण के बाद ये डांस पार्टी आयोजित की गई थी. बहेड़ी के सामाजिक कार्यकर्ता और आरटीआई एक्टिविस्ट प्रेमनाथ सिंह ने इसको लेकर मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है.

यह भी पढ़ें :  Big Breaking : टल सकता है यूपी चुनाव? चुनाव टालने को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने की अपील.

 

( वीडियो साभार : etvbharat.com )

प्रेमनाथ सिंह ने अपने आवेदन में कहा है कि वायरल वीडियो में पीएचसी के कोविड कंट्रोल रूम का बैनर दिख रहा है. बैनर के सामने पीएचसी प्रभारी डॉ. पंचानन, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं के साथ फिल्मी गीत ‘बड़ी मस्तानी है, मेरी महबूबा..’ पर नाचते-गाते दिख रहे हैं.

उन्होंने लिखा कि इस डांस प्रोग्राम में पीएचसी के कई स्वास्थ्यकर्मी भी नजर आ रहे हैं. इसमें शायद ही किसी ने चेहरे पर मास्क लगाया है. सभी लोग सोशल डिस्टेसिंग की धज्जियां उड़ा रहे हैं. प्रेमनाथ सिंह ने आवेदन में कहा है कि उन्होंने दरभंगा के सिविल सर्जन से इस मामले की लिखित शिकायत की थी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई.

ये वीडियो फिलहाल जिले भर में चर्चा का विषय बना हुआ है. लोग स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहे हैं. जिन डॉक्टरों और कर्मियों पर कोविड-19 के प्रति लोगों को जागरूक करने की जवाबदेही है, अगर वे ही इस तरह की हरकत करेंगे तो समाज में इसका क्या संदेश जाएगा.


इस पोस्ट को शेयर करें :

You cannot copy content of this page