Follow Us On Goggle News

Sahara India Refund: सहारा इंडिया पर अब तक हुई ये कार्रवाई! सहारा के करोड़ों न‍िवेशकों के ल‍िए नया अपडेट.

इस पोस्ट को शेयर करें :

Sahara India Refund : अगर आप भी सहारा इंडिया में पैसे फंसे होने से परेशान हैं तो आपके लिए खुशखबरी है. दरअसल, सहारा इंडिया के रिफंड को लेकर सरकार एक्शन में आ गई है. सरकार की तरफ से कई बड़ी कार्रवाई भी की गई है. मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने सहारा ग्रुप (Sahara Group) की दो कंपनियों, सुब्रत रॉय और तीन अन्य लोगों पर 12 करोड़ रुपये का भारी भरकम जुर्माना भी लगाया है. इससे पहले सरकार की तरफ से जानकारी दी गई क‍ि सहारा इंडिया के न‍िवेशकों को पैसा कब वापस म‍िलेगा.

Sahara India Refund: अगर आपने सहारा इंड‍िया (Sahara India) में न‍िवेश क‍िया हुआ है तो आपका इस खबर से अपडेट रहना जरूरी है। सहारा में इनवेस्‍ट करने वाले अध‍िकतर लोगों का पैसा अभी तक नहीं म‍िला है। सहारा ने प‍िछले द‍िनों अपनी स्‍थ‍ित‍ि साफ करते हुए कहा क‍ि उसने न‍िवेशकों का पैसा सेबी (SEBI) के पास जमा कर द‍िया है. लेक‍िन सेबी का कहना है क‍ि अब तक महज 81.70 करोड़ रुपये के लिए 53,642 ओरिजिनल बॉन्ड सर्टिफिकेट / पास बुक से जुड़े 19,644 आवेदन म‍िले हैं.

Sahara India Refund सहारा इंड‍िया में 2014 में क‍िया था न‍िवेश:

इस बीच सहारा इंड‍िया के चेयरमैन सुब्रत राय और सहारा के 10 बड़े अध‍िकार‍ियों के ख‍िलाफ मेरठ के ब्रह्मपुरी थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज क‍िया गया है। उन पर आरोप लगाया गया है क‍ि 25 लाख 5 हजार रुपये का न‍िवेश क‍िया गया था। लेक‍िन समय पूरा होने के बाद भी पैसा वापस नहीं लौटाया गया है। पुल‍िस को दी गई श‍िकायत में बताया गया क‍ि राजेश्‍वरी गोयल ने 2014 में सहारा इंड‍िया में 25 लाख 5 हजार रुपये का न‍िवेश क‍िया था।

यह भी पढ़ें :  Sahara India Refund: कोर्ट ने दिया आदेश: हर्जाना के साथ पूरा पैसा लौटाएगा सहारा इंडिया.

Sahara India Refund हर महीने 5 साल तक म‍िले 25 हजार:

न‍िवेश के समय हर साल 25 हजार रुपये बतौर ब्‍याज म‍िलने की बात कही गई थी और पांच साल बाद मूल राश‍ि लौटाने की भी बात थी। श‍िकायत में बताया गया क‍ि कंपनी की तरफ से 25 हजार रुपये हर महीने 5 साल यानी 2019 तक द‍िए गए। लेक‍िन उसके बाद 25 लाख 5 हजार रुपये को नहीं लौटाया जा रहा है। इस बारे में जब श‍िकायतकर्ता ने सहारा के अध‍िकार‍ियों से संपर्क क‍िया तो रकम वापस नहीं की गई।

Sahara India Refund झारखंड हाईकोर्ट की कार्रवाई:

इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट ने 85 एकड़ जमीन पर सहारा के दावे को खार‍िज कर द‍िया है. इसके अलावा कोर्ट ने इस मामले में एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. झारखंड में सरकार ने साल 2019 में 11 एकड़ जमीन अस्‍पताल को दी थी. अदालत ने अस्‍पताल से कहा कि वह राज्‍य सरकार से क्षत‍िपूर्त‍ि मांग सकते हैं. पूरे मामले में हाईकोर्ट ने अपना फैसला पहले ही सुरक्ष‍ित रख ल‍िया था. इस मामले में सहारा ने न‍िचली अदालत के आदेश के ख‍िलाफ अपील की थी.

यह भी पढ़ें :  Agriculture law back : पीएम मोदी ने 'कृषि कानून वापस' लिया, इन 3 प्वाइंट्स में समझें आखिर सरकार ने क्यों लिया ये फैसला.

 

Sahara India Refund सरकार ने दी जानकरी : 

सरकार ने सहारा इंडिया के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अब तक सेबी (SEBI) सहारा के न‍िवेशकों को इंटरेस्ट समेत कुल 138.07 करोड़ रुपये ही वापस कर पाया है. सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (SIRECL) ने 232.85 लाख निवेशकों से 19400.87 करोड़ रुपये और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड ने 75.14 लाख निवेशकों से 6380.50 करोड़ रुपये एकत्र‍ित किए. यानी अब भी निवेशकों के करोड़ों रुपये फंसे हैं.

Sahara India Refund अब तक कितने मिले रिफंड? 

सुप्रीम कोर्ट ने 31 अगस्त 2012 को आदेश दिया था, जिसके बाद सहारा इंडिया ने निवेशकों से जमा की गई 25,781.37 करोड़ की मूल राशि के  बदले 31 दिसंबर, 2021 तक ‘सेबी-सहारा रिफंड’ खाते में 15,503.69 करोड़ रुपये जमा किए हैं. वित्त राज्यमंत्री की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार, सेबी को 81.70 करोड़ रुपये की कुल मूल राशि के लिए 53,642 ओरिजिनल बॉन्ड सर्टिफिकेट / पास बुक से जुड़े 19,644 आवेदन मिले हैं. इनमें से सेबी ने 138.07 करोड़ रुपये की कुल राशि 48,326 ओरिजिनल बॉन्ड सर्टिफिकेट / पासबुक वाले 17,526 एलिजिबल बॉन्डहोल्डर्स को रिफंड किया है.

यह भी पढ़ें :  LPG Gas Subsidy: रसोई गैस सिलेंडर पर फिर शुरू हुई सब्सिडी! खाते में आये इतने रुपये, ऐसे करें चेक.

Sahara India Refund निवेशकों को कब मिलेगा उनका पैसा? 

सहारा इंडिया के निवेशकों को उनका पैसा कब वापस मिलेगा के सवाल के जवाब में वित्त मंत्रालय ने कहा कि सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया ने सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉर्पोरेशन लिमिटेड और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड नाम की दो विशेष सहारा कंपनियों से संबंधित आदेश जारी किए हैं. इसके अलावा सरकार ने कहा क‍ि बाकी आवेदन या तो SIRECL और SHICLकी तरफ से दिए गए दस्तावेजों और डाटा में उनका रिकॉर्ड ट्रेस नहीं हो पा रहा, जिसके बाद सेबी से पूछे गए सवालों का बांडहोल्डर्स की तरफ से कोई रिप्लाई न आने के चलते बंद कर दिए गए.


इस पोस्ट को शेयर करें :

You cannot copy content of this page