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ITR Filing : कितने प्रकार के होते हैं इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म, जानिए कब है अंतिम तारीख और क्या है लेट फाइलिंग फीस.

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ITR Return Filing Rules : टैक्सपेयर के हिसाब से टैक्स रिटर्न का फॉर्म भी अलग-अलग होता है. इसलिए रिटर्न भरने चलें तो एक बार जरूर पता कर लें आपको कौन सा आईटीआर फॉर्म भरना है. टैक्स रिटर्न का सही फॉर्म भरना बेहद जरूरी होता है. इसमें गलती का मतलब टैक्स रिटर्न फाइलिंग में गलती है.

 

ITR Filing Rules : इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) ऐसा फॉर्म होता है जिसे टैक्सपेयर आयकर विभाग के पास जमा कराता है. इस फॉर्म में टैक्स और कमाई से जुड़ी जानकारियां होती हैं. साल भर (वित्तीय वर्ष) में कितनी कमाई हुई और कहां, किस मद में टैक्स दिया गया, ये सभी बातें टैक्स रिटर्न में शामिल होती हैं. टैक्सपेयर के हिसाब से टैक्स रिटर्न का फॉर्म भी अलग-अलग होता है. इसलिए रिटर्न भरने चलें तो एक बार जरूर पता कर लें आपको कौन सा आईटीआर फॉर्म भरना है. टैक्स रिटर्न का सही फॉर्म भरना बेहद जरूरी होता है. इसमें गलती का मतलब टैक्स रिटर्न फाइलिंग में गलती है. जो फॉर्म आपके लिए लागू हो, उसे ही भरें.

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आइए जान लेते हैं कि कितने तरह के आईटीआर फॉर्म होते हैं, टैक्स रिटर्न भरने की डेडलाइन क्या है और देर से टैक्स रिटर्न भरने पर कितना जुर्माना देना होगा.

आईटीआर-1 सहज

जिन लोगों की कुल इनकम 50 लाख रुपये तक है, वे इस फॉर्म को भर सकते हैं. इनकम में सैलरी, एक घर की प्रॉपर्टी, अन्य सोर्सेज और 5,000 रुपये तक कृषि आय शामिल है.

आईटीआर-2

जो लोग म्यूचुअल फंड, स्टॉक को बेचकर कैपिटल गेन्स लेते हैं, जिनके पास एक से अधिक हाउस प्रॉपर्टी है, वे आईटीआर-2 फॉर्म भरते हैं.

आईटीआर-3

जिन लोगों को बिजनेस से प्रॉफिट और गेन होता है, वे आईटीआर-3 फॉर्म भर सकते हैं.

आईटीआर-4

आईटीआर फॉर्म-4 वे लोग या एचयूएफ भरते हैं जिनकी कमाई 50 लाख रुपये तक हो और बिजनेस से भी आय होती है.

आईटीआर-5

इंडिविजुअल, एचयूएफ, कंपनी और आईटीआर-7 भरने के अलावा वाली श्रेणी के लोग आईटीआर-5 भर सकते हैं.

आईटीआर-6

आईटीआर-6 कंपिनयों को भरता होता है. हालांकि आईटीआर-7 फॉर्म भरने वाली कंपनियां यह फॉर्म नहीं भर सकतीं.

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आईटीआर-7

वैसे लोग और कंपनियां आईटीआर-7 भर सकती हैं जिन्हें धारा 139(4A) या धारा 139(4B) या सेक्शन 139(4D) के तहत रिटर्न दाखिल करना होता है.

 

टैक्स फाइलिंग की डेडलाइन :

अलग-अलग टैक्सपेयर के लिए आईटीआर फाइलिंग की तारीख अलग है. जिन लोगों का अकाउंट ऑडिट नहीं होना है, उनके लिए आईटीआर भरने की अंतिम तारीख 31 जुलाई है. जिन लोगों के खाते की ऑडिटिंग होनी है, उनके लिए डेडलाइन 31 अक्टूबर है.

 

देर से टैक्स फाइलिंग की फी :

डेडलाइन बीतने के बाद भी टैक्स रिटर्न फाइल करने का प्रावधान है. लेकिन इसके लिए जुर्माना देना होगा. सैलरी क्लास के लोग अगर 31 जुलाई तक आईटीआर फाइल नहीं करते हैं तो उन्हें 1000 रुपये से 5000 रुपये के बीच जुर्माना भरना पड़ सकता है.


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