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Bank Privatization Alert: बिकने जा रही हैं ये दो सरकारी बैंक! कर्मचारियों एवं ग्राहकों में हलचल.

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Bank Privatization Alert: इस साल पेश किए गए बजट में वित्त मंत्री ने दो सरकारी बैंकों और एक जनरल इंश्योरेंस कंपनी का निजीकरण करने की घोषणा की थी, लेकिन मामले से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक सरकार की योजना सभी सरकारी बैंकों में अपनी हिस्सेदारी बेचकर उनका निजीकरण करने की है। इसके लिए मानसून सत्र में सरकार द्वारा संशोधन विधेयक लाया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस विधेयक में एक प्रावधान यह भी होगा कि जिन बैंकों में निजी हिस्सेदारी हो, उनसे सरकार अपनी हिस्सेदारी पूरी तरह से वापस ले ले। बैंकिंग अधिनियम 1970 के मुताबिक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में सरकार की 51 फीसदी की हिस्सेदारी जरूरी है। सरकार ने इससे पहले प्रस्ताव रखा था कि उसकी हिस्सेदारी 51 की बजाय 26 ही रहेगी और वह भी धीरे-धीरे कम होती जाएगी। वित्त मंत्रालय फिलहाल रिजर्व बैंक से निजीकरण के मुद्दे पर बात कर रहा है।

 

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Bank Privatization Alert: सरकारी बैंकों के प्राइवेटाइजेशन की प्रक्रिया लगभग शुरू हो चुकी है. बताया जा रहा है कि प्राइवेटाइजेशन सितंबर तक शुरू हो सकता है. सरकार बैंकिंग विनियमन अधिनियम में संशोधन करके पीएसयू बैंकों (PSB) में विदेशी स्वामित्व पर 20% की सीमा को हटाने की तैयारी में है. सूत्रों के अनुसार, इनमें दो सरकारी बैंक शॉर्ट लिस्टेड हो चुके हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सितंबर तक इन बैंकों का निजीकरण के हाथों में सौंप दिया जाएगा। वहीं दूसरी ओर सरकारी कर्मचारी भी इसके विरोध में लगातार हड़ताल कर रहे हैं।

दरअसल, सरकार के द्वारा बैंकों को निजीकरण हाथों में सौंपने को लेकर इसके खिलाफ और सरकारी कर्मचारी भी लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार 2 सरकारी अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि इन बड़े बदलावों की तैयारी पूरी हो चुकी है।

वहीं कैबिनेट की मंजूरी में कुछ समय लग सकता है। सरकार का लक्ष्य है कि सितंबर तक कम से कम एक बैंक का निजीकरण सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही पीएसयू बैंकों में विदेशी स्वामित्व पर 20% की सीमा को हटाने के लिए तैयार है। यूपी में इससे पहले कॉरपोरेट बैंक होने का बड़ी झटका ग्राहकों को मिल चुका है। इसलिए उत्तर प्रदेश के ग्राहकों में इसका अलर पहले ही देखने को मिल रहा है।

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कौन सी बैंक होंगी प्राइवेट: Bank Privatization Alert

सरकार ने 2 सरकारी बैंकों को प्राइवेट करने के लिए तैयारी पूरी कर ली है, जल्द ही इन्हें निजी हाथों में सौंपा जाएगा। विधेयक की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। विनिवेश पर मंत्रियों का समूह निजी करण के लिए बैंकों के नाम को अंतिम रूप देगा। इसके लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए आईडीबीआई बैंक के साथ सार्वजनिक क्षेत्र के 2 बैंकों के निजीकरण की घोषणा की थी। जानकारी मिली है कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक को निजीकरण के हाथों में सौंपा जाएगा। ये दो ऐसे बैंक है जिन्हें पहले निजीकरण किया जाना है।

 

सरकारी कर्मचारियों पर पड़ेगा असर: Bank Privatization Alert

अगर ऐसा होता है तो सरकारी बैंक प्राइवेट हो जाएगी और इसका नुकसान सरकारी कर्मचारियों को भुगतना पड़ सकता है। सरकारी कर्मचारी कई दिनों से बैंक को निजीकरण करने के विरोध में उतरे हुए हैं। लगातार विरोध में प्रदर्शन काली पट्टी बांध रहे। अब देखना यह होगा कि सरकार कब तक इन बैंकों को निजीकरण हाथों में सौंपती है। इसके साथ ही जमाधन पर भी संशय है। इसलिए लोग निकालने का प्रयास कर रहे।

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