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Aadhaar Voter Card Link: अब आधार के साथ वोटर आईडी कार्ड करना होगा लिंक, 1 अगस्त से शुरू होगी प्रक्रिया.

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Aadhaar Voter Card Link: सरकार ने वोटर आईडी कार्ड को लेकर 4 अहम फैसले लिए हैं। इन चारों फैसले के बारे में कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने ट्वीट कर जानकारी दी। अब वोटर आईडी कार्ड को आधार से लिंक करवाना जरूरी हो गया है। सरकार ने यह फैसला फर्जी वोटर आईडी कार्ड को लेकर किया है। ऐसे में देखा जाता था कि एक ही व्यक्ति के कई वोटर आईडी कार्ड होते थे। जिसका गलत इस्तेमाल होता था। सरकार के इस फैसले से अब एक व्यक्ति के पास एक ही वोटर आईडी कार्ड होगा। यदि किसी के पास एक से ज्यादा वोटर आईडी कार्ड पाए जाते हैं तो उन वोटर आईडी कार्ड को रद्द कर दिया जाएगा। इसके साथ ही सरकार ने वोटर आईडी कार्ड से जुड़े 3 और अहम फैसले लिए हैं। 

 

 

 

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सरकार ने आधार कार्ड को मतदाता पहचान पत्र (voter id card) से जोड़ने के नियम जारी कर दिए हैं। मतदाताओं के लिए अपने आधार कार्ड की जानकारी साझा करना उनकी इच्छा पर निर्भर होगा, लेकिन ऐसा न करने वाले लोगों को कोई ठोस वजह बतानी होंगी। आपको बता दें कि चुनाव आयोग से चर्चा के बाद कानून मंत्रालय ने शुक्रवार को नोटिफिकेशन जारी कर इस संबंध में जानकारी दी है।

सरकार ने इसके साथ ही पिछले साल पारित चुनाव सुधारों को लागू करने की भी बात कही है। जिसके नए नियमों के तहत, 1 अप्रैल 2023 या उससे पहले तक वोटर लिस्ट में जिनके भी नाम हैं, उन्हें अपना आधार नंबर बताना होगा। इसके लिए फॉर्म 6B का इस्तेअमाल होगा। अगर मतदाता अपना आधार नंबर न देना चाहे, तो उन्हें लिखकर देना होगा कि उनके पास आधार कार्ड या इससे जुडी जानकारी उबलब्ध नहीं है।

 

1 अगस्त से आधार लिंक के साथ और क्या बादलाव होंगे: Aadhaar Voter Card Link

फर्स्टस-टाइम वोटर के लिए रजिस्ट्रेवशन की चार क्वारलिफाइंग तारीख होंगी यानि कि पहली बार वोट देने वाला व्यक्ति साल में चार बार रजिस्ट्रेशन करा सकेगा।

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अभी तक केवल पुरुष के सर्विस में होने पर पत्नी को पति के सर्विस क्षेत्र में वोट डालने का अधिकार था, लेकिन अब यह जेंडर न्यूट्रल हो गया है।

नए वोटर रजिस्ट्रेशन के इलेक्ट्रॉ्निक फॉर्म्स में आधार कार्ड अनिवार्य नहीं होगा और ना ही पते में बदलाव वगैरह के लिए आधार को अनिवार्य बनाया जाएगा।

 

युवाओं को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए 4 अवसर दिए गए: Aadhaar Voter Card Link 

नए फैसले के मुताबिक 1 जनवरी को 18 साल की आयु पूरी करने वाले युवा मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा वोटर आईडी कार्ड में नाम जुड़वाने के लिए वे साल में कुल 4 बार आवेदन दे सकते हैं। पहले यह व्यवस्था साल में एक बार के लिए थी जिससे वोटर आईडी कार्ड में नाम जुड़वाने के लिए युवाओं को पूरे 1 साल इंतजार करना पड़ता था। सरकार के इस फैसले से वोटर्स की संख्या बढ़ेगी।

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चुनावी संबंधी कानून को लैंगिक रूप से न्यूट्रल बनाना: Aadhaar Voter Card Link

वोटर आईडी कार्ड को लेकर सरकार का एक और महत्वपूर्ण फैसला ये है कि अब वोटर आईडी कार्ड में पत्नी शब्द हटाकर जीवनसाथी शब्द का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे सर्विस वोटर के पत्नी या पति को वोट डालने के लिए सुविधा होगी। उन्हें वोट डालने के लिए आम आदमी से अलग हट कर विशेष सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। बता दें कि सर्विस वोटर उसे कहा जाता है जो दूर-दराज के इलाके में तैनात सैनिक हो या विदेश में स्थित भारतीय मीशन का हिस्सा हों।

 

चुनाव कराने के लिए आयोग किसी भी परिसर को ले सकता है: Aadhaar Voter Card Link

इस फैसले के तहत चुनाव आयोग चुनाव में लगे कर्मचारियों और सुरक्षाबलों को ठहराने के लिए या फिर चुनाव संबंधित सामग्री रखने के लिए किसी भी परिसर की मांग कर सकता है। इससे चुनाव में ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों को सुविधा होगी।


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