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Health Insurance : अब सिर्फ 300 रुपए में मिलेगा 5 लाख का हेल्थ इंश्योरेंस, 40 करोड़ लोगों को होगा फायदा.

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Health Insurance : इस समय आयुष्मान भारत योजना के लिए सरकार प्रति परिवार की ओर से करीब 1,052 रुपए का सालाना प्रीमियम देती है. अब योजना का लाभ उठाने के लिए हर व्यक्ति को 250 रुपए से 300 रुपए तक का सालाना प्रीमियम देना होगा.

 

Health Insurance : अब गरीबी अभिशाप नहीं कहलाएगी. कम से कम इलाज के मामले में तो नहीं. जो लोग सरकारी या निजी स्वास्थ्य बीमा योजना में कवर नहीं हैं, उनके लिए ये शानदार खबर है. आयुष्मान भारत (Ayushman Bharat) स्वास्थ्य कवर का विस्तार 40 करोड़ से अधिक परिवारों तक करने की है. इस तरह भारत दुनिया की पहली व्यापक स्वास्थ्य बीमा (Health insurance) योजना शुरू करने की दिशा में बढ़ रहा है. इस समय 50 करोड़ से अधिक लोग यानी 10.74 करोड़ परिवार पहले से ही आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में कवर्ड हैं. यह योजना हर परिवार को 5 लाख रुपए का मुफ्त वार्षिक स्वास्थ्य कवर (medical cover) देती है.

 

300 रुपये सालाना पर मिलेगी स्वास्थ्य सुविधाएं :

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दरअसल, सरकार अब इस कवरेज का विस्तार एक छोटे से प्रीमियम पर उन लोगों तक करने की योजना बना रही है, जो रिटेल प्राइस पर स्वास्थ्य बीमा का खर्च वहन नहीं कर सकते. नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (NHA) ने नीति आयोग के सहयोग से इस योजना का रोडमैप तैयार किया है. इस समय आयुष्मान भारत योजना के लिए सरकार प्रति परिवार की ओर से करीब 1,052 रुपए का सालाना प्रीमियम देती है. अब योजना का लाभ उठाने के लिए हर व्यक्ति को 250 रुपए से 300 रुपए तक का सालाना प्रीमियम देना होगा.

 

5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिलेगा :

सरकार का मानना है कि एक परिवार में औसतन 5 सदस्य हैं. इस हिसाब से एक परिवार का सालाना प्रीमियम 1200 से 1500 रुपए तक होगा. इसमें हर व्यक्ति को 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिलेगा. राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के गवर्निंग बोर्ड ने इस महीने की शुरुआत में एक बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी दी है. एनएचए अब अगले कुछ महीनों में चुनिंदा राज्यों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की योजना बना रहा है, जिसके बाद पूरे भारत में इसका विस्तार किया जाएगा.

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यह कदम इसलिए महत्व रखता है क्योंकि इसका मतलब यह होगा कि सरकारी और निजी क्षेत्र में प्रीमियम स्वास्थ्य सुविधाएं जल्द ही बिना किसी आय सीमा के लोगों के लिए सुलभ होंगी. इस समय आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना और राज्य सरकार की विस्तार योजनाएं आबादी के निचले 51% लोगों यानी लगभग 69 करोड़ व्यक्तियों को व्यापक हॉस्पिटलाइजेशन कवर प्रदान करती हैं. इसके अलावा लगभग 19% आबादी यानी 25 करोड़ व्यक्ति सामाजिक स्वास्थ्य बीमा और निजी स्वैच्छिक स्वास्थ्य बीमा से कवर्ड हैं. बाकी 30% आबादी स्वास्थ्य बीमा से वंचित है. इलाज के कुल खर्च का 40 फीसदी राज्य सरकार को वहन करना होगा. वहीं 60 फीसदी खर्च का वहन केंद्र सरकार करेगी. दरअसल, योजना में मरीज सरकारी व निजी अस्पताल में 5 लाख रुपए तक का इलाज मुफ्त में करा सकते हैं.

 

मिलेंगे कई फायदे :

एक सीमा से महंगी जांच कराने के लिए लोगों को अपनी जेब से भुगतान करना पड़ता था. ऐसे में बीमारी के हिसाब से रेडियोलॉजी की जांच के शुल्क को भी इसी में जोड़ दिया गया है. बता दें कि अकेले उत्तर प्रदेश में 6 करोड़ कार्डधारक हैं जो इस योजना का लाभ ले रहे हैं. आयुष्मान योजना के तहत पहले जांचों के लिए 5 हजार रुपये शुल्क तय था. इस कारण न्यूरो, हृदय संबंधित बीमारी से जूझ रहे लोगों को इलाज में दिक्कत का सामना करना पड़ता और अतिरिक्त पैसे अपनी जेब से देने पड़ते थे. वहीं, योजना के तहत अब एमआरआई और पेट स्कैन जैसी महंगी जांच भी मुफ्त में होगी. साल भर में अब तक रेडियोलॉजी के लिए 5 हजार रुपये की सीमा तय की गई थी लेकिन अब इलाज के कुल पैकेज में सभी तरह की रेडियोलॉजी जांच के शुल्क को भी जोड़ दिया जाएगा. केंद्र सरकार ने योजना में संशोधन की जो योजना बनाई है, उससे अब भारत का मध्यम वर्ग भी लाभान्वित हो सकेगा.


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