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Sahara India Helpline: सहारा इंडिया में फंसे हैं पैसे ? सरकार द्वारा जारी इस नंबर पर करें कॉल.

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Sahara India Helpline: देश की सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार रही सहारा इंडिया Sahara India Helpline में देश के करोड़ों लोगो ने निवेश किया था, परन्तु कंपनी के कामकाज में पारदर्शिता ना होने और वित्तीय अनियमितता के कारण लोगो के पैसे फँस गए हैं। अब पटना हाईकोर्ट ने सहारा इंडिया के कई स्कीमों में निवेशकों द्वारा जमा किये गए पैसों के भुगतान को लेकर हाईकोर्ट में दायर याचिकाओं पर बुधवार को सुनवाई करते हुए सहारा ग्रुप के संस्थापक सुब्रत राय को 11 मई को हाजिर होने का आदेश दिया है।

 

कंपनी के कामकाज में पारदर्शिता ना होने और वित्तीय अनियमितता के कारण लोगो के पैसे फँस गए थे। अब झारखण्ड सरकार द्वारा इन सभी लोगो को राहत देते हुये हेल्पलाइन नंबर Sahara India Helpline जारी कर दिया गया है। इस नंबर पर ना सिर्फ सहारा परिवार बल्कि दूसरी वित्तीय कंपनियों और सहकारी संगठनो के धोखाधड़ी के खिलाफ भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।

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सरकार द्वारा लोगो के रिफंड को लेकर कड़े कदम उठाये जा रहे है ऐसे में सभी निवेशकों को भी अपनी रकम को वापस मिलने की आस जगी है। झारखंड सरकार के वित्त विभाग ने नॉन बैंकिंग कंपनियों और कॉर्पोरेटिव सोसाइटी के विरुद्ध शिकायत दर्ज करवाने के लिए एक पुलिस हेल्प लाइन नंबर 112  Sahara India Helpline जारी किया है। जिसके तहत जिन लोगों ने सहारा इंडिया परिवार में पैसा जमा किया है और वह अब शिकायत करना चाहते हैं तो वह इस हेल्पलाइन नंबर Sahara India Helpline पर कॉल करके इसका लाभ उठा सकते हैं।

 

यदि आप भी झारखंड के रहने वाले हैं और सहारा में आपका भी पैसा फंसा है तो अब निराश होने की जरूरत नहीं है। सरकार अब सहारा इंडिया के रिफंड को लेकर एक्शन मोड में है। आपको बता दें कि सहारा के पीड़ित निवेशकों से शिकायत मिलने के पश्चात राज्य वित्त विभाग सीआईडी (आर्थिक अपराध शाखा, झारखंड) के साथ मिलकर इस शिकायत की जांच करेगा एवं शिकायतों के निस्तारण में सहायता करेगा।

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बता दें, सहारा इंडिया में लोगों के करोड़ों रुपये फंसे हैं। स्थानीय लोगों के दबाव को देखते हुए उनके निवेश की राशि लौटाने से जुड़ा यह मामला विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं में भी उठ चुका है। बीते 10 मार्च, 2022 को झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में विधायक नवीन जायसवाल ने नॉन बैंकिंग कंपनियों में झारखंड के लोगों का करीब 2500 करोड़ फंसे होने की बात उठाई थी।

 

उन्होंने कहा था कि तीन लाख लोग अपने पैसों को लेकर चिंतिंत हैं, इसलिए सरकार को हेल्प लाइन नंबर जारी करना चाहिए। नवीन जायसवाल ने कहा था कि इस हेल्पलाइन नंबर के जरिए पता लगेगा कि किसका कितना पैसा फंसा है। विधायक ने कहा था कि सहारा में काम करने वाले 60 हजार लोग बेहाल हैं। विधायक ने यहां तक कहा था कि इन लोगों की हालत ऐसी हो गई है कि किसी की जान जा सकती है। इसके बाद वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने इस पर माना था कि सहारा में गांव देहात के लोगों का पैसा फंसा है। और लोग इसमें फंसे पैसे से परेशान हैं।


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