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Old Pension Scheme: आखिरकार सरकारी कर्मचारियों के लिए लागू हुई पुरानी पेंशन योजना.

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Old Pension Scheme: राजस्थान सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना Old Pension Scheme को लेकर बड़ी खुशखबरी दी है. राज्य सरकार ने राज्य के 5.50 लाख सरकारी कर्मचारियों की नई पेंशन योजना को खत्म करके पुरानी पेंशन योजना Old Pension Scheme लागू करने की घोषणा कर दी है.

 

जिसको लेकर अब 1 अप्रैल से कर्मचारियों की वेतन से कटौती खत्म कर दी गयी हैं. जनवरी 2004 से भर्ती हुए कर्मचारियों के मूल वेतन से हर माह होने वाली ₹10 की कटौती को अगले महीने से खत्म कर दिया गया. इसके साथ ही शनिवार को राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने सभी अखबारों में अधिसूचना जारी कर इस योजना की घोषणा करते हुए पुरानी पेंशन योजना Old Pension Scheme के फायदे गिनाया है.

 

साथ ही उन्होंने नई पेंशन योजना की कमियां भी बताई है. जिसके बाद अब विभिन्न राज्यों की सरकार पर पुरानी पेंशन योजना Old Pension Scheme लागू करने का दबाव बढ़ता ही जा रहा है. विभिन्न राज्यों में आए दिन कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना की मांग कर रहे हैं. अब देखना यह होगा कि कब तक देश के विभिन्न राज्य की राज्य सरकार एवं केंद्र की मोदी सरकार पुरानी पेंशन योजना Old Pension Scheme पर विचार करती है एवं उसे कब तक लागू करती है.

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d12079 1 Old Pension Scheme: आखिरकार सरकारी कर्मचारियों के लिए लागू हुई पुरानी पेंशन योजना.

 

 

मिलेगा बढ़ा हुआ वेतन: Old Pension Scheme

सीएम गहलोत ने कहा कि 1 अप्रैल से सरकारी कर्मचारियों को बढ़ा हुआ वेतन मिलेगा कटौती खत्म करने से हर कर्मचारी को प्रति माह 2000 से लेकर ₹10000 तक का बढ़ा हुआ वेतन मिलेगा. सीएम गहलोत ने बजट में 2004 और उसके बाद भर्ती कर्मचारियों पर लागू हुई पेंशन स्कीम खत्म कर इसी साल 1 अप्रैल से पूर्ण पेंशन स्कीम लागू करने की घोषणा की थी. न्यू पेंशन स्कीम में कर्मचारियों का वेतन काटा जाता था उतना ही रुपया सरकार मिलाती थी.

 

अब यह समझिए कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की यह घोषणा वित्त मंत्रालय से आरबीआई तक का सिरदर्द क्यों बनी है? Old Pension Scheme

1. पहला सवाल- 1 अप्रैल से राज्य सरकार के कर्मचारियों की सैलरी में से कटौती बंद हो जाएगी? अगर हां तो हर माह शेयर बाजार और बॉण्ड बाजार में आने वाला कॉन्ट्रिब्यूशन भी बंद हो जाएगा. जैसे-जैसे राज्य बढ़ते जाएंगे हर माह आने वाली राशि घटती जाएगी. यानी सरकार के कर्ज का एक स्रोत बंद होगा.

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2. दूसरा बड़ा सवाल- NPS में जमा पैसे का क्या होगा? क्या सरकार एनपीएस से अपना और कर्मचारियों का कॉन्ट्रिब्यूशन वापस लेगी? ऐसा करने पर क्या शेयर और बॉण्ड दोनों से बिकवाली की जाएगी? आपको बता दें कि राज्य सरकार के कर्मचारियों के कुल 55 लाख (5514516) से ज्यादा खाते एनपीएस में खुले हैं. जिनके कॉन्ट्रिब्यूशन से कुल 3.54 लाख करोड़ का एयूएम यानी एसेट अंडर मैनेजमेंट तैयार हो चुका है. आसान भाषा में समझें तो कुल इतना पैसा शेयर और बांड बाजार में निवेशित है.

3. तीसरा सवाल- राज्य सरकारें इसके लिए पैसा कहां से लाएंगी? नए कर्ज लेकर या नए टैक्स लगाकर? दोनों ही स्थितियां जनता पर बोझ बढ़ाएंगी. चुनावी अंगीठी पर नई पेंशन स्कीम को सेकने से पहले राज्य सरकारों को इन सवालों के जवाब तलाशने होंगे.


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