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EPFO Interest: ईपीएफओ देगा करोड़ों कर्मचारियों को बड़ी खुशखबरी! इस दिन जारी होगा ईपीएफओ का ब्‍याज.

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EPFO Interest: ईपीएफओ से जुड़े कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी हैं. ईपीएफओ साल 2022 करोड़ों सब्‍सक्राइबर को बड़ा तोहफा दे सकता है. ईपीएफओ की ओर से वित्‍तवर्ष 2021-22 का ब्‍याज का पैसा जल्‍द ही कर्मचारियों के खाते में ट्रांसफर किया जायेगा।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ईपीएफओ से जुड़े सूत्रों का कहना है कि हर साल की तरह इस साल भी कर्मचारियों को साल के अंत दिसंबर तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा. ईपीएफओ जल्‍द ब्‍याज का पैसा ट्रांसफर करने की तैयारी में है. इसका लाभ ईपीएफओ में पंजीकृत करीब 6 करोड़ कर्मचारियों को मिलेगा. केंद्र सरकार ने 2021-22 में पीएफ पर 8.1 फीसदी का ब्‍याज देने की घोषणा की है. वित्‍तवर्ष 2020-21 में पीएफ का पैसा दिसंबर में ट्रांसफर किया गया था.

 

दशहरा-दिवाली तक मिल जाएगा पैसा: EPFO Interest

मामले से जुड़े दो अधिकारियों का कहना है कि श्रम मंत्रालय के अधीन आने वाला ईपीएफओ इस साल दशहरा-दिवाली तक कर्मचारियों के खाते में ब्‍याज का पैसा भेज देगा. उन्‍होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि वित्‍त मंत्रालय को 8.1 फीसदी ब्‍याज दर के प्रस्‍ताव को मंजूरी देने में ज्‍यादा मुश्किल आएगी. साथ ही इस साल का ब्‍याज जल्‍दी खाते में भेजा जा सकता है. वैसे तो सरकारी सिस्‍टम में जब तक किसी चीज की ऑफिशियल घोषणा न हो जाए, उसे तय नहीं माना जाना चाहिए. फिर भी इस बात की पूरी उम्‍मीद है कि इस साल ब्‍याज की रकम दो-तीन महीने पहले ही मिल जाएगी.’

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दो कारणों से जल्‍द पैसे मिलने की उम्‍मीद: EPFO Interest

अधिकारियों ने बताया कि इस साल ब्‍याज का पैसा जल्‍द मिलने के पीछे दो बड़े कारण हैं. पहला ये कि पीएफ पर ब्‍याज दर अभी 8.1 फीसदी है, जो 43 साल का निचला स्‍तर है. ऐसे में वित्‍त मंत्रालय की ओर से इसकी समीक्षा किए जाने की संभावना काफी कम है. दूसरा कारण ये है कि जल्‍दी पैसे ट्रांसफर करने से ईपीएफओ की वित्‍तीय स्थिति को लाभ पहुंचेगा और पीएफ सेटलमेंट के दौरान उस पर कम बोझ पड़ेगा.

 

ईपीएफओ को ऐसे मिलेगा फायदा: EPFO Interest

दरअसल, 2021-22 के लिए तय किए गए ब्‍याज को जब तक वित्‍त मंत्रालय से अप्रूवल नहीं मिल जाता ईपीएफओ को हर क्‍लेम का सेटलमेंट पुरानी ब्‍याज दर पर करना पड़ता है. पुरानी ब्‍याज दर 8.5 फीसदी है और अगर हाल में तय किए गए 8.1 फीसदी ब्‍याज को कर्मचारियों के खाते में डाल दिया जाता है तो उनका क्‍लेम सेटलमेंट नई ब्‍याज दर पर होगा और ईपीएफओ को ज्‍यादा भुगतान नहीं करना पड़ेगा.

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ईपीएफओ अपने पास जमा कुल राशि में से 85 फीसदी को डेट विकल्‍पों जैसे सरकारी प्रतिभूतियों और बॉन्‍ड में निवेश करता है, जबकि 15 फीसदी राशि ETF के जरिये शेयर बाजार में लगाता है.

 

 

इनपुट: hindi.news18.com


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