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Aadhaar Card Link: जल्दी निपटा लें आधार से जुड़ा यह जरूरी काम, तभी मिलेगा सरकारी नौकरी में आरक्षण का फायदा

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जाति प्रमाण पत्र को आधार से लिंक करा लें तो एससी, एसटी या ओबीसी श्रेणियों से आने वाले उम्मीदवारों से सभी प्रकार की सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन पत्र के लिए कम चार्ज लिया जाएगा. विभिन्न सरकारी नौकरियों में पिछड़े वर्गों के लिए भी कुछ सीटें रिजर्व हैं.

Aadhaar Card Link: सरकार देश के हर नागरिक को आधार से जुड़ी कई सर्विस का लाभ दे रही है. यही वजह है कि सभी प्रमुख दस्तावेजों या सेवाओं के साथ आधार को लिंक करना जरूरी किया जा रहा है. इसी में एक कागजात जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate) भी है. सरकार हर नागरिक को उसके जाति प्रमाण पत्र को आधार से लिंक करने की सुविधा देती है. सरकार की तरफ से यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग में आने वाले छात्रों को अधिक से अधिक आरक्षण (Reservation) का लाभ दिया जा सके. आधार से जाति प्रमाण पत्र को लिंक करने से आरक्षण के हकदार छात्रों की असली पहचान हो जाती है. इससे भ्रष्टाचार को रोकने में मदद मिलती है. आधार से जाति प्रमाण पत्र जुड़ जाने से एससी या एसटी छात्रों का अधिकार अन्य वर्गों के द्वारा नहीं मारा जाता. यही वजह है कि सरकार हर हाल में जाति प्रमाण पत्र को आधार से जोड़ने पर जोर देती है.

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आधार की सरकारी एजेंसी यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने छात्रों को उनके जाति प्रमाण पत्र से आधार की लिंकिंग को आसान बनाया है. स्कूल प्रिंसिपल को इस काम का बड़ा जिम्मा दिया गया है क्योंकि उन्हें ही छात्रों से जाति प्रमाण पत्र लेना है और उसे संबंधित अधिकारियों के पास भेजना है. इन अधिकारियों के पास जाति प्रमाण पत्र को आधार से लिंक कर दिया जाता है. केंद्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों से अपने प्रदेश के छात्रों का जाति प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र जमा करने का आग्रह किया है ताकि उनके आधार से प्रमाण पत्रों को लिंक किया जा सके.

 

जाति प्रमाण पत्र-आधार लिंक करने के लाभ

अब आइए जानते हैं कि आधार को जाति प्रमाण पत्र से लिंक कराने का क्या फायदा है. लिंक नहीं कराने पर क्या घाटा होगा. जिन छात्रों के परिवार की सालाना आय 1 लाख रुपये से कम है और वे एससी, एसटी या ओबीसी वर्ग से ताल्लुक रखते हैं, तो जाति प्रमाण पत्र से आधार लिंक कराने पर उच्च शिक्षा के लिए स्कॉलरशिप दी जाएगी. ऐसे छात्रों का जाति प्रमाण पत्र आधार से लिंक नहीं होने पर स्कॉलरशिप का लाभ नहीं मिलेगा.

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इंडियन इस्टीट्यूट्स ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) और इंडियन इंस्टीट्यूट्स ऑफ मैनेजमेंट (IIM) के एडमिशन में आरक्षण का लाभ चाहिए तो एससी, एसटी या ओबीसी छात्रों को जाति प्रमाण पत्र आधार से जोड़ना जरूरी है. ऐसे छात्रों को आईआईटी और आईआईएम जैसे संस्थानों में 49 फीसद तक आरक्षण का लाभ दिया जाता है. लेकिन यह तभी होगा जब आधार को जाति प्रमाण पत्र से जोड़ा जाएगा. जाति प्रमाण पत्र को आधार से लिंक करा लें तो एससी, एसटी या ओबीसी श्रेणियों से आने वाले उम्मीदवारों से सभी प्रकार की सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन पत्र के लिए कम चार्ज लिया जाएगा. विभिन्न सरकारी नौकरियों में पिछड़े वर्गों के लिए भी कुछ सीटें रिजर्व हैं.

 

आधार कार्ड से कैसे जुड़ेगा जाति प्रमाण पत्र

जाति प्रमाण पत्र को ऑनलाइन आधार से नहीं जोड़ा जा सकता. यह पूरा काम राज्य सरकारों के हाथ में है. राज्य सरकार के ऑफिस या तहसिलदार के दफ्तर में जाकर ही जाति प्रमाण पत्र और आधार को लिंक कराना होगा. जाति प्रमाण पत्र को या तो सरकारी दफ्तरों से जारी किया जाता है, या स्कूलों में भी बनाया जाता है. ध्यान रहे कि जाति प्रमाण पत्र को आधार से जोड़ना जरूरी है, न कि एससी या एसटी सर्टिफिकेट को आधार से लिंक करना. जाति प्रमाण पत्र को आधार से जोड़ना इसलिए भी जरूरी हो जाता है क्योंकि आधार पर व्यक्ति की जाति का जिक्र नहीं होता.


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