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7th Pay Commission: शिक्षकों-कर्मचारियों को मिलेगा 7वें वेतन आयोग का लाभ, मानदेय में वृद्धि, सीएम ने की घोषणा.

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7th Pay Commission: शिक्षक दिवस 2022 का दिन पंजाब के हजारों टीचर्स के लिए खुशियों की सौगात लेकर आया है. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस खास दिन पर शिक्षकों के लिए बड़ा ऐलान किया है. सीएम मान ने कहा कि अब प्रदेश में शिक्षकों की सैलरी बढ़ने वाली है. पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने राज्य के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पढ़ाने वाले टीचर्स को शिक्षक दिवस का बड़ा तोहफा देते हुए इन शिक्षकों के लिए यूजीसी 7th पे स्केल लागू करने का ऐलान किया है. यानी अब इन शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग के तर्ज पर सैलरी दी जाएगी. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि पंजाब के कॉलेज और यूनिवर्सिटी टीचर्स को अब 7th Pay Commission Salary दी जाएगी. इसे 01 अक्टूबर 2022 से ही लागू कर दिया जाएगा. 

शिक्षकों की मांग थी UGC 7th Pay : 7th Pay Commission

पंजाब सीएम भगवंत मान ने कहा कि यूजीसी 7th पे कमीशन की मांग ये शिक्षक लंबे समय से कर रहे थे. ये टीचर्स की बड़ी मांग थी, जिसे हम पूरा कर रहे हैं. 7वां वेतन आयोग लागू होते ही इन शिक्षकों की सैलरी अच्छी खासी बढ़ जाएगी. बेसिक पे के साथ-साथ अन्य सभी भत्ते भी बढ़ेंगे.

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गेस्ट फैकल्टी की सैलरी भी बढ़ी : 7th Pay Commission

Teacher’s Day पर सीएम मान ने गेस्ट फैकल्टी टीचर्स के लिए भी बड़ी खुशखबरी दी है. पंजाब में गेस्ट टीचर्स की सैलरी भी बढ़ा दी गई है. हालांकि इसमें एक शर्त है. मुख्यमंत्री ने कहा है कि जो Guest Faculty कॉलेजों में बीते 18 से 20 वर्षों से पढ़ा रहे हैं, उनकी सैलरी बढ़ाई जा रही है.

गौरतलब है कि पंजाब देश का एकमात्र ऐसा राज्य था जहां यूजीसी 7th पे स्केल लागू नहीं किया गया था. राज्य के करीब 20 हजार कॉलेजों के शिक्षक सालों से सैलरी बढ़ाने की मांग कर रहे थे. इनका वेतन आखिरी बार 2006 में रिवाइज किया गया था. वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर इन यूनिवर्सिटी टीचर्स ने कई बार विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल भी किए. करियर की खबरें यहां देखें.

PUTA अध्यक्ष ने की थी मांग : 7th Pay Commission

पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (PUTA) के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार ने कुछ महीने पहले एक इंटरव्यू में कहा था कि ‘चुनाव के मौसम में सरकार और पार्टियां उन समुदायों को प्राथमिकता देती हैं जो ज्यादा वोट ला सकते हों. इन सब में शिक्षक जो समाज की रीढ़ हैं, उन्हें परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं. पंजाब में शिक्षकों के ऐसे बुरे हालात कभी नहीं थे. हम 3 साल से ज्यादा समय से इंतजार कर रहे हैं. ये शिक्षक समुदाय के साथ बड़ी नाइंसाफी है.’


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