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Delhi Excise Policy: दिल्ली अब फिर पुराने रेट पर मिलेगी शराब, वही रेट पर डबल मजा.

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Delhi Excise Policy: 1 सितंबर से पुरानी एक्साइज पॉलिसी फिर से लागू कर दी जाएगी. 500 सरकारी शराब की दुकानें शराब बेचेंगी. अब पुरानी 250 प्राइवेट दुकानों को 300 नई दुकानों से रिप्लेस किया जाएगा. जानकारी के मुताबिक नई शराब नीति (2021-22) के तहत करीब 250 लाइसेंस बांटे गए थे.

Delhi Excise Policy: शराब की बिक्री व्यवस्था में बदलाव की घड़ी करीब आते ही एक्साइज विभाग भी एक्शन में आ गया है. एक्साइज विभाग में बैठकों का दौर शुरू हो गया है. एक्साइज विभाग के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक शुरूआत में सरकारी शराब की करीब 500 दुकानें खोलने की तैयारी है. आने वाले दिनों में दुकानों की संख्या बढ़ाकर 700 करने की तैयारी है. एक्साइज विभाग के सूत्रों की मानें तो अब तक करीब 80 होलसेलर और उत्पादकों ने करीब 500 अलग-अलग ब्रांड्स भी रजिस्टर करा लिए हैं. इससे शराब के शौकीनों को उनकी पसंद का ब्रांड मिल सकेगा.

नियम बदलने से पहले दिल्ली की उन दुकानों पर काफी भीड़ देखी गई, जहां एक बोतल शराब खरीदने पर दूसरी मुफ्त देने जैसी स्कीम चलाई जा रही थीं. आबकारी विभाग निजी लाइसेंसधारियों को पहले ही सूचित कर चुका है कि उन्हें 31 अगस्त के बाद रिटेल शराब की की बिक्री करने की अनुमति नहीं होगी. ऐसा ही नजारा वेलकम मेट्रो स्टेशन के पास देखने को मिला, जहां एक के साथ एक मुफ्त शराब की बोतल खरीदने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही.

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आबकारी विभाग के अधिकारियों के मुताबिक नई सरकारी दुकानों पर किसी तरह की छूट या स्कीम नहीं दी जाएगी. इतना ही नहीं IGI एयरपोर्ट के टर्मिनल पर संचालित की जा रही 6 दुकानें भी गुरुवार से बंद हो गई हैं.

आबकारी नीति 2021-22 के चलते एक समय ऐसा भी आया था, जब दिल्ली में शराब दुकानों की संख्या करीब 650 पहुंच गई थी. लेकिन बाद में कई लाइसेंस धारकों ने अपने लाइसेंस सरेंडर कर दिए. इसमें प्रतिबंधित क्षेत्र में स्टोल खोलने की मनाही जैसे कई कारण शामिल थे.

नई शराब नीति में कथित अनियमितताओं के बाद दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने सीबीआई जांच की सिफारिश की. इसके बाद दिल्ली सरकार ने आबकारी नीति 2021-22 को वापस ले लिया था. कई सरकारी ठेके मॉल और मेट्रो स्टेशनों के पास भी खोले जाएंगे.

दिल्ली सरकार के उपक्रम – दिल्ली पर्यटन और परिवहन विकास निगम लिमिटेड (DTTDC), दिल्ली राज्य औद्योगिक और बुनियादी ढांचा विकास निगम (DSIIDC), दिल्ली राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड (DSCSC) विभाग और दिल्ली उपभोक्ता सहकारी थोक स्टोर लिमिटेड (DCCWS) के अधिकारियों के मुताबिक इस साल के अंत तक शहर में 700 शराब की दुकानें खोलने का लक्ष्य रखा गया है.

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सरकार लोगों की सहूलियत के लिए एक मोबाइल एप भी चालू करने जा रही है. जो ग्राहकों को उनकी नजदीकि शराब की दुकान के बारे में बताएगा.

सरकारी एजेंसियों ने नई दिल्ली नगर परिषद क्षेत्रों में दुकानें खोलने में भी कामयाबी हासिल की है, क्योंकि नगर निकाय ने पहले वहां दुकानें खोलने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था. धिकारियों ने कहा कि सरकारी उपक्रम जी ब्लॉक कनॉट प्लेस, गोले मार्केट, खान मार्केट, यशवंत प्लेस में किराए के परिसर में शराब की दुकान स्थापित करने में कामयाब रहे हैं.

एक वरिष्ठ आबकारी अधिकारी ने कहा कि पुरानी आबकारी व्यवस्था के अनुसार 360 से अधिक शराब ब्रांड पंजीकृत किए गए थे, जो 17 नवंबर, 2021 से पहले भी थे, जब आबकारी नीति 2021-22 कार्यात्मक हो गई थी.

आबकारी विभाग के अधिकारी ने कहा कि शुरुआती दौर में कुछ परेशानियां सामने आ सकती हैं, क्योंकि निजी से सरकारी दुकानों पर स्विच किया जा रहा है, लेकिन आने वाले दिनों में और अधिक ब्रांड पंजीकरण और अधिक दुकानें खुलने से स्थिति स्थिर होने की उम्मीद है.

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दिल्ली के पुराने आबकारी नीति शासन में लौटने के साथ, शहर में ड्राट बियर का प्रचार भी होगा. आबकारी विभाग ने तीन से चार माइक्रो ब्रेवरीज को भी लाइसेंस जारी किए हैं, जो सितंबर के पहले सप्ताह से काम करना शुरू कर देंगे.

एक आबकारी अधिकारी ने कहा, ‘दिल्ली में माइक्रो ब्रेवरीज स्थापित कर ड्राट बियर को बढ़ावा देने की योजना है क्योंकि इस सेगमेंट में काफी मांग है. निकट भविष्य में और माइक्रो ब्रेवरीज खुलेंगे.

कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन एल्कोहलिक बेवरेज कंपनीज (सीआईएबीसी) के महानिदेशक विनोद गिरी ने कहा कि अधिकारियों और उद्योग के बेहतरीन प्रयासों के बावजूद पुरानी आबकारी नीति पर वापस जाने के शुरुआती दिन आसान नहीं होंगे.

सकारात्मक पक्ष पर, कई एल 1 लाइसेंस मौजूद हैं, लगभग 240-260 आउटलेट पहले दिन से शुरू होने की संभावना है, जो एक महीने के भीतर 500 तक पहुंच जाएगा.


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