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MBBS INTERNSHIP: मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप को लेकर सरकार ने जारी किया नया नियम.

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MBBS INTERNSHIP: राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने अपने नए निर्देशों में कहा है कि निजी कॉलेजों में इंटर्नशिप करने वाले मेडिकल छात्रों को इस दौरान मिलने वाली राशि का पूरा भुगतान करना होगा। यह राशि राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दी जाने वाली राशि के अनुरूप होगी। अभी तक इस बाबत कोई स्पष्ट नियम नहीं होने के कारण निजी मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप के दौरान छात्रों को भुगतान नहीं होता था।

जबकि सरकारी मेडिकल कॉलेजों के छात्रों को इंटर्नशिप के दौरान भुगतान होता था। अगले सत्र से नए आदेश लागू होने के बाद अभी कोई भी छात्र (सरकारी या निजी मेडिकल कॉलेज) अस्पताल में कहीं भी इंटर्नशिप करे तो उसे इस दौरान राशि मिलेगी। यह करीब 40-55 हजार प्रतिमाह के बीच होती है। नए निर्देशों के अनुसार, विदेशों से मेडिकल डिग्री लेकर आने वाले छात्रों को भी देश में फिर से एक साल इंटर्नशिप करनी होगी। उन्हें राज्य एमसीआई के समक्ष पंजीकरण कराना होगा। जिस भी कॉलेज में उन्हें सीट मिलेगी, वहां उन्हें इंटर्नशिप के दौरान तय राशि का भुगतान किया जाएगा। MBBS INTERNSHIP

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वार्षिक खर्च में जोड़ सकते हैं कॉलेज: MBBS INTERNSHIP

नए नियमों में कहा गया है कि निजी मेडिकल कॉलेज इंटर्नशिप की राशि को अपने वार्षिक खर्च में जोड़ सकता है, जिसका लाभ वे फीस निर्धारण करते समय अपने वास्तविक खर्च के आकलन के लिए कर सकते हैं। बता दें कि केंद्र सरकार ने हाल में इंटर्नशिप को लेकर भी नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसमें मेडिकल छात्रों के कौशल को निखारने के लिए व्यापक रूपरेखा तैयार की गई है।

देश में एमबीबीएस की करीब 90 हजार सीटें: MBBS INTERNSHIP

देश में एमबीबीएस की करीब 90 हजार सीटें हैं, जिनमें से तकरीबन 40-42 हजार सीटें निजी क्षेत्र में हैं। मेडिकल का कोर्स पूरा करने के बाद एक साल की इंटर्नशिप हर छात्र को करनी होती है, जिसके पूरा होने के बाद ही उसे डिग्री मिलती है तथा एनएमसी द्वारा पंजीकरण नंबर प्रदान किया जाता है।


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