Follow Us On Goggle News

IT Jobs 2022 : इंफोसिस में बड़े पैमाने पर होगी भर्तियां, 55 हजार से ज्यादा फ्रेशर्स को रोजगार की तैयारी.

इस पोस्ट को शेयर करें :

IT Jobs 2022 : इंफोसिस सीईओ ने कहा कि कंपनी वित्त वर्ष 22 के लिये 55 हजार कॉलेज ग्रेजुएट्स की भर्ती करेगी और अनुमान है कि अगले वित्त वर्ष में इससे अधिक संख्या में भर्ती की जायेगी.

 

IT Jobs 2022  : देश की प्रसिद्द आईटी कंपनी इंफोसिस (Infosys) बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की भर्ती करने जा रही है. कंपनी ने कहा है कि साल 2022-23 में रिकवरी तेज होने के साथ ये साल आने वाले समय में ग्रोथ के लिये काफी अहम साबित होगा इसलिये कंपनी अवसरों का फायदा उठाने के लिये जरूरी कदम उठा रही है . कंपनी के सीईओ सलिल पारेख (Salil Parekh) ने जानकारी दी कि अगले वित्त वर्ष में कंपनी 55 हजार से ज्यादा फ्रेशर्स को मौका (Jobs) दे सकती है. उन्होने साथ ही कहा कि आने वाले समय में इंजीनियरिंग और विज्ञान के छात्रों के लिये टेक सेक्टर में बड़े अवसर मौजूद होंगे. हालांकि उन्होने ये भी कहा कि तेजी से हो रहे बदलावों को देखते हुए टेक सेक्टर में आने वाले छात्रों को कम समय में नई तकनीकों को सीखने की खासियत विकसित करनी पड़ेगी.

यह भी पढ़ें :  Career in Floriculture : रंग-बिरंगे फूलों की दुनिया में है ब्राइट करियर, जानिए क्या है स्कोप, कोर्स, जॉब, सैलरी.

 

नये रोजगार को लेकर क्या कहा सीईओ ने :

उद्योग संस्था नैस्कॉम के सालाना एनटीएलएफ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पारेख ने कहा कि हम वित्त वर्ष 22 के लिये 55 हजार कॉलेज ग्रेजुएट्स की भर्ती करेंगे और अनुमान है कि इससे अगले वित्त वर्ष में इससे अधिक संख्या में भर्ती करेंगे.उन्होंने कहा कि इंफोसिस वित्त वर्ष 2022 में वार्षिक राजस्व में 20 प्रतिशत की तेजी का लक्ष्य लेकर चल रही है और यह एक नए व्यक्ति के लिए कंपनी में शामिल होने और बढ़ने का एक शानदार अवसर प्रस्तुत करता है. पारेख का कहना है कि कंपनी कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने पर बहुत ध्यान देती है, जिसमें वह एक फ्रेशर काम की जिम्मेदारी देने से पहले छह से 12 सप्ताह के लिए प्रशिक्षित करती है.

 

इसके अतिरिक्त, यह सुनिश्चित करने के लिए कि मौजूदा कर्मचारी लगातार अपनी क्षमता को विकसित करते रहें कंपनी उन्हें लगातार प्रशिक्षित करती रहती है. उन्होने कहा कि युवाओं के लिये इस क्षेत्र में कई अवसर हैं हालांकि बदलती परिस्थितियों के हिसाब से उन्हें बेहद कम समय में नई क्षमताओं को विकसित करना होगा. भारत में सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (सास) को मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया के बीच, पारेख ने कहा कि इंफोसिस ने अपनी बैंकिंग पेशकश फिनेकल को बदल दिया है और उम्मीद है कि यह आय बढ़ाने की दिशा में कंपनी के लिए काफी मददगार साबित होगा.

यह भी पढ़ें :  बिहार के स्‍कूलों में होगी भोजपुरी, मगही, अंगिका जैसी भाषाओं की पढ़ाई, नई शिक्षा नीति के तहत लिया गया फैसला | New Education Policy

कैसे रहे इंफोसिस के नतीजे :

दिसंबर तिमाही में इंफोसिस का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट 12 प्रतिशत की बढ़त के साथ 5809 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है. वहीं आय 23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 31,867 करोड़ रुपये रही है कंपनी ने अपनी रेवेन्यू गाइडेंस को 16.5-17.5 से बढ़ाकर 19.5 से 20 प्रतिशत कर दिया है. कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन 23.5 प्रतिशत पर रहा है.


इस पोस्ट को शेयर करें :

You cannot copy content of this page