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Career in Fisheries & Aquaculture : फिशरी में सरकारी नौकरी के साथ बिजनेस का स्कोप, जानें जॉब, कोर्स और सैलरी.

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Career in Fisheries & Aquaculture : मछली पालन यानी फिशरी और एक्वाकल्चर में करियर एक बेहतरीन आइडिया है. यह आपकी कमाई को कई गुना बढ़ा सकता है. जानें इस फील्ड में कोर्स, जॉब और कमाई के बारे में..

 

How to make career in Fisheries and Aquaculture – फिशरी साइंस और एक्वाकल्चर में करियर. सुनने में यह साधारण सा लगता है, लेकिन आजकल यह तेजी से उभरता करियर ऑप्शन (Career Options ) है. इस फील्ड से युवा अच्छी कमाई कर रहे हैं. आप फिशरी साइंस (Fishery Science) या मछली पालन के क्षेत्र में शानदार करियर बना सकते हैं. इस फील्ड में कमाई के बड़े अवसर मिलते हैं. फिशरी साइंस में डिप्लोमा से लेकर बैचलर और पीजी लेवल पर कई प्रकार के कोर्स उपलब्ध हैं जो रोजगार (Jobs) दिलाने में मददगार होते हैं. पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में बड़ी तेजी से बदलाव हुए हैं. पहले इस फील्ड के प्रति लोगों का प्रोफेशनल नजरिया नहीं था, लेकिन अब भारतीय तथा मल्टीनेशनल कंपनियां इसमें भारी इंवेस्टमेंट कर रही हैं. इस वजह से प्रोफेशनल्स की मांग बढ़ गई है.

 

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अगर आपकी रुचि है तो आप इसे अपना करियर बना सकते हैं. फिशरी साइंस के कोर्स के बाद सरकारी और प्राइवेट दोनों क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाएं बढ़ जाती है. आप बिज़नेस भी शुरू कर सकते हैं.

 

Career in Fisheries Science: फिशरी में करियर कैसे बनाएं :

अगर आप इस फील्ड में करियर बनाना चाहते हैं तो बैचलर ऑफ साइंस इन फिशरीज (Bachelor of Fisheries Science- BFSc) में एडमिशन ले सकते हैं. इसके लिए उम्मीदवार का 12वीं की परीक्षा विज्ञान विषयों के साथ न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों से पास होना अनिवार्य है. फिशरीज से संबंधित कुछ जॉब ओरिएंटेड शॉर्ट-टर्म कोर्सेज (job oriented short term courses in fisheries) भी हैं. कोर्स करने के बाद जल्द ही नौकरी मिल जाती है.

फिशरीज में डिप्लोमा से लेकर बैचलर और पीजी लेवल पर कई प्रकार के कोर्स उपलब्ध हैं. फिशरी साइंस में मछली पकड़ने से लेकर उनकी प्रोसेसिंग और सेलिंग तक की जानकारी दी जाती है. इसमें मछलियों का जीवन, इकोलॉजी, उनकी ब्रीडिंग और दूसरे तमाम विषय भी शामिल हैं. स्टूडेंट्स को फ्रेश वॉटर और सलाइन वॉटर मछलियों के बारे में बताया जाता है.

Job Prospects: करियर संभावनाएं :

फिशरीज और एक्वाकल्चर राइजिंग स्टार की तरह है जो निकट भविष्य में देश की इकोनॉमी में बड़ी भूमिका निभाने की क्षमता रखता है. 2019-20 में 14.16 मिलियन मीट्रिक टन उत्पादन के साथ, भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक है. एक्सपोर्ट के मामले में देश का चौथा स्थान है. इस क्षेत्र में प्रशिक्षित युवाओं की पहले से ज्यादा आवश्यकता है.

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फिशरीज एक्सपर्ट रिसर्च, ट्रेनिंग और टीचिंग के अलावा प्रोसेसिंग एंड प्रोडक्शन, प्रिजर्वेशन, मरीनकल्चर, फिश फार्म से संबंधित सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में जॉब कर सकते हैं. अपना रोजगार शुरू करने वालों को सरकारी एवं गैर सरकारी बैंकों से लोन आसानी से मिल जाता है. फिशरीज से संबंधित कोर्स करने के बाद असिस्टेंट फिशरीज डेवलपमेंट ऑफिसर, डिस्ट्रिक्ट फिशरीज डेवलपमेंट ऑफिसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, रिसर्च असिस्टेंट, टेक्निशियन तथा बायोकेमिस्ट आदि पदों पर काम किया जा सकता है.

Top Courses – टॉप कोर्सेज :

1. बैचलर कोर्स: – बैचलर ऑफ फिशरीज साइंस (BFSc) – 4 साल – बैचलर ऑफ साइंस (Industrial Fish and Fisheries) – 3 साल -बीएससी (फिशरीज) – 3 वर्ष -बीएससी (एक्वाकल्चर) – 3 साल

2. मास्टर कोर्स: – मास्टर ऑफ़ ऑफ फिशरीज साइंस (MFSc) – 2 वर्ष – मास्टर ऑफ साइंस (M.Sc) – 2 साल

Top Institutes – प्रमुख संस्थान :

– गोविंद वल्लभ पंत यूनिवर्सिटी ऑफ़ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी, पंतनगर – श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी, तिरुपति, आंध्र प्रदेश – आचार्य नागार्जुन यूनिवर्सिटी, गुंटूर, आंध्र प्रदेश – विद्यासागर यूनिवर्सिटी, वेस्ट बंगाल – कॉलेज ऑफ फिशरीज, ढोली, बिहार – फिशरीज कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, तमिलनाडु – कोचीन यूनिवर्सिटी ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, केरल – सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फिशरीज एजुकेशन, मुंबई, महाराष्ट्र – नेशनल ब्यूरो ऑफ फिश जेनेटिक रिसोर्सेज, लखनऊ, यूपी – सेंट्रल इनलैंड फिशरीज रिसर्च इंस्टीट्यूट, पश्चिम बंगाल – राजस्थान एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, बीकानेर, राजस्थान – पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, लुधियाना, पंजाब – सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फ्रेशवॉटर एक्वाकल्चर, भुवनेश्वर, उड़ीसा – असम एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, जोरहाट, असम

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Salary in Fisheries & Aquaculture – कितनी होगी कमाई?

इस फील्ड में वेतन उम्मीदवार की विशेषज्ञता पर निर्भर करता है. प्राइवेट सेक्टर में सालाना वेतन ₹3,00,000 से शुरू हो सकता है. गवर्नमेंट जॉब में वेतन सरकारी नियमों के आधार पर तय होता है. एजुकेशन और एक्सपीरियंस के आधार इनकम बढ़ती जाती है. इस फील्ड में बिज़नेस करने वाले को हर महीने लाखों रुपये की इनकम हो सकती है.


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