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Bank Rules: ‘गर्भवती महिलाएं Bank Job के योग्य नहीं, डिलीवरी के बाद दोबारा देनी होगी परीक्षा’, हर तरफ हो रही आलोचना

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Bank Rules: गर्भवती महिलाएं बैंक में नौकरी के लिए अयोग्य हैं. डिलीवरी के बाद मेडिकल टेस्ट में फिट होने के बाद ही दोबारा जॉब ज्वाइन कर सकेंगी. पहले एसबीआई और अब इंडियन बैंक ने यह अजीबोगरीब फैसला लिया है. पढ़ें पूरी खबर…

Bank Rules: देश के एक सरकारी बैंक को उनके अजीबोगरीब फैसले के कारण भारी आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है. मामला केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण तक पहुंच चुका है. दरअसल इंडियन बैंक (Indian Bank) ने अपने नए फैसले में गर्भवती महिलाओं को नौकरी के लिए अयोग्य बताया है. इतना ही नहीं, इस बैंक का कहना है कि बच्चे को जन्म देने के बाद भी ये महिलाएं सामान्य रूप से वापस नौकरी ज्वाइन (Bank Job) नहीं कर सकतीं. उन्हें मेडिकल टेस्ट से गुजरना होगा. डॉक्टर द्वारा पूरी तरह फिट करार दिए जाने के बाद ही वे अपने पोजिशन पर दोबारा बैंक ज्वाइन कर पाएंगी. कुछ समय पहले देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने भी ऐसा फैसला लिया था. लेकिन विरोध के बाद उन्हें ये फैसला वापस लेना पड़ा था.

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क्या है दिशानिर्देश

इंडियन बैंक ने अपने फैसले में कहा है कि ‘तीन महीने यानी 12 सप्ताह से ज्यादा की गर्भवती महिलाएं बैंक में नौकरी के लिए अस्थायी रूप से अयोग्य होंगी. बच्चे के जन्म यानी डिलीवरी के बाद भी नौकरी शुरू करने से पहले उन्हें रजिस्टर्ड डॉक्टर से जांच कराकर फिटनेस सर्टिफिकेट देना होगा.’

बैंक की नई गाइडलाइन के अनुसार, अगर कोई महिला 12 सप्ताह या ज्यादा समय से प्रेग्नेंट है, तो उसे बच्चे को जन्म देने तक नौकरी के लिए अस्थायी रूप से अस्वस्थ माना जाएगा. फिर बच्चे की डिलीवरी के 6 सप्ताह बाद ऐसी महिलाओं को फिर से पंजीकृत डॉक्टर से मेडिकल टेस्ट कराना होगा. डॉक्टर द्वारा नौकरी के लिए फिट घोषित किए जाने के बाद ही वे वापस अपने चयनित पद पर जॉब ज्वाइन कर पाएंगी.

जाहिर है कि बैंक के इस फैसले से महिलाएं नाखुश हैं. यह न सिर्फ उनकी क्षमता पर सवाल खड़े करता है और उनके सम्मान को ठेस पहुंचाता है, बल्कि नौकरी में भी उन्हें इसका भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. इस फैसले के कारण महिलाओं को नौकरी वापस ज्वाइन करने में देर हो सकती है और वे अपनी वरिष्ठता खो सकती हैं.

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एसबीआई ने भी बनाया था ऐसा ही नियम

इंडियन बैंक से पहले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने भी ऐसा फैसला लिया था. तब उसे भी भारी विरोध का सामना करना पड़ा था. तब महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने एसबीआई को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा था. आखिरकार एसबीआई को अपना फैसला वापस लेना पड़ा था.

अब इंडियन बैंक के इस फैसले के खिलाफ भी अखिल भारतीय कामकाजी महिला मंच ने आवाज उठाई है. उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) को पत्र लिखा है जिसमें इंडियन बैंक के इस फैसले को प्रतिगामी और महिला विरोधी बताया गया है.

(इनपुट- PTI)


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