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Sovereign Gold Bond : सोमवार से गोल्ड बॉन्ड योजना में निवेश का मौका, पढ़ें स्कीम से जुड़ी सभी खास बातें.

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Sovereign Gold Bond : सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना 2021-22 की अगली किश्त के लिए इश्यू प्राइस 5,109 रुपये प्रति ग्राम तय किया गया है स्कीम सब्सक्रिप्शन के लिए 28 फरवरी से 4 मार्च तक खुली रहेगी.

 

Sovereign Gold Bond : सोने की बढ़ती कीमतों के बीच कीमती धातु में कम कीमत के साथ निवेश का एक और मौका मिलने जा रहा है, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Gold bond ) योजना 2021-22 की अगली किस्त सोमवार से खुलने जा रही है. रिजर्व बैंक (RBI) ने आज बॉन्ड के लिये इश्यू प्राइस का ऐलान कर दिया है. गोल्ड बॉन्ड सोने में निवेश (Investment in Gold) का एक आकर्षक विकल्प बनता जा रहा है. इसमें सोने की कीमतों में बढ़त के साथ साथ ब्याज भी मिलता है जिससे इसका रिटर्न इसी अवधि के गोल्ड के रिटर्न से बेहतर हो जाता है. अगर आप भी गोल्ड में निवेश करना चाहते हैं तो गोल्ड बॉन्ड में पैसा लगा सकते हैं. पढ़िये गोल्ड बॉन्ड की अगली किस्त से जुड़ी सभी अहम बातें.

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gold bond Sovereign Gold Bond : सोमवार से गोल्ड बॉन्ड योजना में निवेश का मौका, पढ़ें स्कीम से जुड़ी सभी खास बातें.

 

गोल्ड बॉन्ड में निवेश से जुड़ी खास बातें :

भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को कहा कि सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना 2021-22 की अगली किश्त के लिए इश्यू प्राइस 5,109 रुपये प्रति ग्राम तय किया गया है स्कीम सब्सक्रिप्शन के लिए 28 फरवरी से 4 मार्च तक खुली रहेगी. इसके साथ ही रिटेल निवेशकों को सरकार छूट भी देगी. ऐसे निवेशक जो स्कीम के लिये ऑनलाइन तरीके से आवेदन करते हैं उनको इश्यू प्राइस में 50 रुपये प्रति ग्राम की छूट मिलेगी. आरबीआई ने कहा कि ऐसे निवेशकों के लिए गोल्ड बॉन्ड का इश्यू प्राइस 5,059 रुपये प्रति ग्राम होगा. पिछली सीरीज का इश्यू प्राइस, जो 10-14 जनवरी के दौरान सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था, 4,786 रुपये प्रति ग्राम रखा गया था. गोल्ड बॉन्ड की बिक्री भारत सरकार की तरफ से रिजर्व बैंक करता है. और इसमें बैंकों, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड , डाकघरों और मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों माध्यम से निवेश किया जा सकता है. यह योजना नवंबर 2015 में ठोस सोने की मांग को कम करने और सोने की खरीद के लिए उपयोग की जाने वाली घरेलू बचत को बॉन्ड में लगाने के उद्देश्य से की गई थी.

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क्या हैं नियम व शर्तें :

बॉन्ड एक ग्राम या एक ग्राम के गुणक में बिक्री के लिये उपलब्ध होते हैं. योजना के तहत आम निवेशक न्यूनतम एक ग्राम सोना और अधिकतम चार किलो ग्राम सोना का निवेश कर सकते हैं. इसकी निवेश अवधि आठ वर्ष है, जिसमें पांचवे साल के बाद निकलने का विकल्प भी है. गोल्ड बॉन्ड में निवेश सोने की कीमतों से जुड़ा होता है, ऐसे में सोने की कीमतों में बढ़त का फायदा मिलता है. वहीं बॉन्ड पर 2.5 प्रतिशत का अतिरिक्त ब्याज भी मिलता है. सोने की शुद्धता की पूरी गारंटी मिलती है. आपको 24 कैरेट सोने की कीमत मैच्योरिटी पर मिलेगी इसका गारंटी भारत सरकार देती है. गोल्ड बॉन्ड पर लोन भी लिया जा सकता है.


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