Follow Us On Goggle News

SBI ने ग्राहकों को दिया झटका ! होम-ऑटो-पर्सनल लोन हुआ महंगा, MCLR में 0.10 फीसदी की बढ़ोतरी.

इस पोस्ट को शेयर करें :

SBI New Rules : एमसीएलआर में बढ़ोतरी से एसबीआई बैंक के होम लोन (Home Loan), ऑटो लोन (Auto Loan) और पर्सनल लोन (Personal Loan) महंगे हो जाएंगे. ग्राहकों की ईएमआई (EMI) बढ़ जाएगी.

SBI New Rules : देश के सबसे बड़ा सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India) ने अपने ग्राहकों जोरदार झटका दिया है. एसबीआई (SBI) ने सोमवार को मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट (MCLR) में 10 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी की है. एमसीएलआर में बढ़ोतरी से एसबीआई बैंक के होम लोन (Home Loan), ऑटो लोन (Auto Loan) और पर्सनल लोन (Personal Loan) महंगे हो जाएंगे. ग्राहकों की ईएमआई (EMI) बढ़ जाएगी. नई दरें 15 अप्रैल से लागू हो गई हैं. आपको बता दें कि बैंकों के एमसीएलआर में उसकी फंड की लागत दी होती है, जिसे बैंक हर महीने घोषित करते हैं. कोई भी बैंक एमसीएलआर पर उधार देता है लेकिन इससे कम पर बैंक उधार नहीं दे सकता है. होम लोन की ब्याज दरें या तो एमसीएलआर के बराबर होंगी या उससे ज्यादा होंगी.

यह भी पढ़ें :  Free Business Ideas : अब नौकरी करने की जरूरत नहीं, शुरू करें यह काम हर महीने होगी मोटी कमाई.

 

SBI की वेबसाइट के मुताबिक, ग्राहकों के लिए एक रात की अवधि से लेकर 3 महीने तक वाले मार्जिनल कॉस्ट लेंडिंग रेट (MCLR) के लिए 6.65 फीसदी के बजाए 6.75 फीसदी रेट होगा. वहीं 6 महीने के लिए 6.95 फीसदी के बजाए 7.05 फीसदी. एक साल का MCLR बढ़कर 7.10 फीसदी हो गया. वहीं दो साल के लिए 7.30 फीसदी और तीन साल के लिए 7.40 फीसदी एमसीएलआर होगा.

 

इस सरकारी बैंक का भी लोन हुआ महंगा :

इसके पहले, बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) ने भी एमसीएलआर में 5 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी की थी. 12 अप्रैल, 2022 से बेंचमार्क एक साल की अवधि एमएलसीआर अब 7.35 फीसदी है.

 

लगातार 11वीं बार नहीं बदला रेपो रेट :

बता दें कि इस महीने की शुरुआत में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी मॉनिटरी पॉलिसी में रेपो रेट (Repo Rate) में कोई बदलाव नहीं किया था. हालांकि, केंद्रीय बैंक ने महंगाई पर चिंता जताई थी और महंगाई का टारगेट बढ़ा दिया. रिजर्व बैंक ने कहा, जियो-पॉलिटिकल टेंशन की वजह से दुनियाभर में कीमतों में बढ़ोतरी हुई है.

यह भी पढ़ें :  Gold Price Today : लोहड़ी पर सोना खरीदारों के लिए खुशखबरी, आज इतने रुपये में अपने घर ले जाएं 10 ग्राम गोल्ड.

 

MCLR बढ़ाने असर :

MCLR बढ़ने से आम आदमी को नुकसान होता है. उसका मौजूदा लोन महंगा हो जाता है और पहले की तुलना में ज्यादा EMI देनी पड़ती है. जब आप किसी बैंक से लोन लेते हैं तो बैंक द्वारा लिए जाने वाले ब्याज की न्यूनतम दर को बेस रेट कहा जाता है. बेस रेट से कम दर पर बैंक किसी को लोन नहीं दे सकता. इसी बेस रेट की जगह पर अब बैंक एमसीएलआर का इस्तेमाल कर रहे हैं. इसकी गणना धनराशि की सीमांत लागत, आवधिक प्रीमियम, संचालन खर्च और नकदी भंडार अनुपात को बनाए रखने की लागत के आधार पर की जाती है.

SBI शेयर टूटा :

बाजार में कमजोरी के चलते सोमवार को एसबीआई के शेयरों में गिरावट का रुख है. बीएसई पर शेयर 1.57 फीसदी टूटकर 509.35 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा है.


इस पोस्ट को शेयर करें :
You cannot copy content of this page