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RBI ने 0.5% बढ़ाया रेपो रेट ! फिर बढ़ेंगी आपके लोन की EMI, जानिए अब कितने रुपये बढ़ जाएगी आपकी EMI.

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RBI Repo Rate Hikes : रिजर्व बैंक ने रेपो दरों में की 0.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी किया है. रेपो दरों में बढ़त के साथ आने वाले समय में कर्ज दरें बढ़ना तय है. बैंक अपने हिसाब से तय करेंगे कि वो किस तरह से बढ़ोतरी का असर ग्राहकों तक पहुंचाते हैं. आज की बढ़त के साथ दरें महामारी से पहले के स्तर से ऊपर पहुंच गई हैं.

 

RBI Repo Rate Hikes : रिजर्व बैंक ने एक बार फिर आर्थिक ग्रोथ के मुकाबले महंगाई पर नियंत्रण को प्राथमिकता दी है. देश के केंद्रीय बैंक ने रेपो दरों में आधा प्रतिशत की तेज बढ़त की है. इसके साथ ही रेपो दरें बढ़कर 5.4 प्रतिशत के स्तर पर आ गई हैं. यानि प्रमुख दरें अब कोरोना के स्तर से पहले के स्तर पर पहुंच चुकी हैं. आज के इस फैसले से ईएमआई में बढ़त होना तय है और संभव है कि अगले कुछ दिनों में बैंकों की तरफ से इसके ऐलानों की शुरुआत हो जाएगी. आज रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने एमपीसी बैठक के नतीजों की जानकारी दी है.

 

जानिए क्या होता रेपो रेट :

रेपो दर वो दर होती है जिस पर रिजर्व बैंक अन्य बैंकों को छोटी अवधि का कर्ज देता है. रेपो दरें बढ़ने से साफ है कि बैकों के द्वारा पैसे उठाने की लागत भी बढ़ जाएगी और वो इसे आगे अपने ग्राहकों को पास कर देंगे. यानि जल्द ही आपके लोन की ईएमआई बढ़ने वाली है. आप तौर पर बैंक ये खुद फैसला लेते हैं कि वो इस बढ़ोतरी को कैसे आगे बढ़ाएंगे लेकिन संभावना है कि एक से ज्यादा बढ़ोतरी के साथ कुछ समय में रेपो दरों में इस बढ़ोतरी का असर ग्राहकों तक पहुंच जाएगा. चलिए हम आपको बताते हैं कि अगर आपकी कर्ज दरें आधा प्रतिशत बढ़ती हैं तो आपकी ईएमआई कितनी बढ़ जाएगी.

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आधा प्रतिशत बढ़ने का क्या होगा असर :

20 साल के लिए 30 लाख रुपये के होम लोन पर ग्राहकों की EMI 1680 रुपये बढ़ जाएगी. एचडीएफसी के द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार इस लोन पर 7.55 प्रतिशत की दर पर ईएमआई 24260 रुपये होगी जिसमें 28 लाख रुपये का ब्याज है. अगर कोई शख्स दरों में आधा प्रतिशत की बढ़त के बाद लोन उठाता है तो उसे इसी लोन पर उसे 25940 की ईएमआई देनी होगी और उसका लोन का हिस्सा बढ़कर 32 लाख पर पहुंच जाएगा. यानि नई दरों पर ईएमआई 1680 रुपये प्रति माह बढ़ेगा और 20 साल में नई ग्राहक को 4 लाख रुपये का अतिरिक्त ब्याज देना होगा.

 

क्या मौजूदा ग्राहकों पर भी पड़ेगा असर :

मौजूदा ग्राहकों पर नई दरों का असर इस बात से पड़ेगा कि उन्होने कौन सा इंट्रेस्ट रेट चुना है. दरअसल लोन दो तरह के इंट्रेस्ट रेट पर जारी होंते हैं. एक फिक्स्ड रेट लोन होते हैं यानि आगे कोई भी उतार-चढ़ाव हो दरों में बदलाव नहीं होता. वहीं दूसरे वेरिएबल रेट्स होते हैं जो प्रमुख दरों में बदलाव के साथ बदल जाते हैं. आप तौर पर जब ब्याज दरें निचले स्तरों पर होती हैं और लोन लंबी अवधि के होते हैं तो ग्राहकों को फिक्स्ड रेट पर लोन की सलाह दी जाती है वहीं लोन अगर बेहद ऊंची दरों पर उठाया गया है तो वेरिएबल रेट्स की सलाह दी जाती है, आज कल लोग फिक्स्ड रेट पर लोन उठाने के प्राथमिकता देते हैं.अगर आपकी ब्याज दरें फिक्स्ड हैं तो आपको चिंता करने की जरूरत नहीं, हालांकि आपने वेरिएबल रेट पर लोन उठाया है तो आपको रीव्यू की जरूरत है क्योंकि रिजर्व बैंक ने संकेत दिए हैं कि आगे भी दरों में बढ़ोतरी हो सकती है.

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क्या है RBI पॉलिसी की अहम बातें :

  • रिजर्व बैंक ने रेपो दरों को आधा प्रतिशत बढ़ाकर 5.4 प्रतिशत कर दिया है. नई दरें तुरंत प्रभाव से लागू .
  • एसडीएफ रेट्स 4.65 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.15 प्रतिशत किया
  • एमएसएफ दरें 5.15 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.65 प्रतिशत किया
  • दूसरी और तीसरी तिमाही में भी महंगाई दर ऊपर रहने का अनुमान
  • साल 2022-23 में 7.2 प्रतिशत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान
  • मौजूदा वित्त वर्ष के लिए महंगाई दर का अनुमान 6.7 प्रतिशत पर स्थिर

 

महंगाई और मंदी को लेकर चिंता :

रिजर्व बैंक गवर्नर ने अपने संबोधन में दुनिया भर में बढ़ती महंगाई और मंदी को लेकर चिंता जताई हैं. उन्होने कहा की उभरती हुई अर्थव्यवस्था कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रही हैं जिसमें कमजोर घरेलू करंसी और विदेशी फंड का बाहर निकलना और घटता विदेशी मुद्रा भंडार शामिल है. गवर्नर के मुताबिक भारत भी ऐसी चुनौतियां का सामना कर रहा है. हालांकि उन्होने कहा कि हालांकि आने वाले समय में भारत के लिए स्थितियां बेहतर होंगी और और महंगाई भी नीचे आएगी. गवर्नर शक्तिकांत दास के मुकाबले अर्थव्यवस्था से जुड़े कई संकेतक बेहतर संकेत दे रहे हैं. फिलहाल विदेशी मुद्रा भंडार और सिस्टम में लिक्विडिटी की स्थिति मजबूत है.

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लगातार तीसरी बार बढ़ीं रेपो दरें :

रिजर्व बैंक ने रेपो दरों में आज लगातार तीसरी बार बढ़ोतरी की है, इससे पहले जून पॉलिसी में दरें आधा प्रतिशत बढ़ाई गई थीं. वहीं मई में एक अप्रत्याशित फैसले के साथ दो पॉलिसी समीक्षा के बीच में दरें 0.4 प्रतिशत बढ़ी थीं. आज की बढ़त के साथ रेपो दरें 1.4 प्रतिशत बढ़ चुकी हैं इससे पहले कोरोना के काल में रिजर्व बैंक ने लगातार 11 बार दरों में कोई बदलाव नहीं किया. अपने संबोधन में रिजर्व बैंक ने संकेत दिए हैं कि आगे भी दरों में बढ़ोतरी होगी.


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