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RBI Governor on Inflation : RBI गर्वनर का बड़ा दावा, अब चंद महीनों में महंगाई से म‍िल जाएगी राहत.

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RBI Governor on Inflation : आरबीआई गर्वनर ने कहा कि केद्रीय बैंक महंगाई पर न‍ियंत्रण करने के ल‍िए सभी तरह के मौद्रिक उपाए जारी रखेगा. आरबीआई गर्वनर ने उम्‍मीद जताई क‍ि आने वाले समय में महंगाई से राहत म‍िल जाएगी.

 

RBI Governor on Inflation : महंगाई के मोर्चे पर आम आदमी को आने वाले कुछ महीनों में राहत म‍िल सकती है. रिजर्व बैंक ऑफ इंड‍िया (RBI) के गर्वनर शक्तिकांत दास (Shaktikant Das) ने भरोसा जताया कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में महंगाई में नरमी आने की उम्‍मीद है. आरबीआई गर्वनर ने कहा कि केद्रीय बैंक महंगाई पर न‍ियंत्रण करने के ल‍िए सभी तरह के मौद्रिक उपाए जारी रखेगा. इससे मजबूत और स्थाई वृद्धि हासिल की जा सकेगी. उन्‍होंने कहा ग्रोथ को लेकर अच्‍छे संकेत द‍िखाई दे रहे हैं.

 

दूसरी छमाही में महंगाई कम होने के आसार :

कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में बोलते हुए आरबीआई गर्वनर ने कहा कि मुद्रास्फीति देश के आर्थिक संस्थानों में जनता के विश्वास का मापक है. गवर्नर ने कहा, इस समय आपूर्ति का परिदृश्य अनुकूल दिखाई दे रहा है. कई उच्च आवृत्ति संकेतक (High Frequency Indicator) 2022-23 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में सुधार के लचीलेपन की ओर इशारा कर रहे हैं. ऐसे में हमारा आकलन है कि 2022-23 की दूसरी छमाही में मुद्रास्फीति धीरे-धीरे कम हो सकती है.

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वित्तीय स्थिरता के लिए मूल्य स्थिरता अहम :

उन्होंने कहा कि वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए मूल्य स्थिरता महत्वपूर्ण है. इसलिए केंद्रीय बैंक व्यापक आर्थिक स्थिरता को बनाए रखने और बढ़ावा देने के उपाय करेगा. दास ने कहा हालांकि, हमारे नियंत्रण से परे कारक छोटी अवध‍ि में महंगाई पर असर डाल सकते हैं, लेकिन मध्यम अवधि में इसकी चाल मौद्रिक नीति द्वारा निर्धारित होगी. इसलिए, मौद्रिक नीति को मुद्रास्फीति को स्थिर करने के लिए समय पर कार्रवाई करनी चाहिए. इससे अर्थव्यवस्था को मजबूत स्थिति में और सतत वृद्धि की राह पर कायम रखा जा सके.

 

उन्होंने आगे कहा हम व्यापक आर्थिक स्थिरता बनाए रखने और उसे बढ़ावा देने के लक्ष्य के साथ अपनी नीतियों की समीक्षा जारी रखेंगे. दास ने यह भी बताया क‍ि मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने अपनी अप्रैल और जून की बैठकों में 2022-23 के लिए मुद्रास्फीति के अनुमान को संशोधित कर 6.7 प्रतिशत कर दिया.


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