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Credit Card Rules : क्रेडिट कार्ड के नियमों में हुआ बदलाव ! 1 जुलाई 2022 से प्रभावी होंगे ये नियम, जानिए आप पर क्या पड़ेगा इसका असर.

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Credit Card New Rules : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने क्रेडिट और डेबिट कार्ड इश्यू करने को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की हैं. इनमें क्रेडिट कार्ड कार्ड बंद करने, बिल बनाने आदि से संबंधित नए नियम शामिल हैं.

 

Credit Card Rules : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 21 अप्रैल 2022 को क्रेडिट (Credit Card) और डेबिट कार्ड (Debit Card) इश्यू करने को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की हैं. इनमें क्रेडिट कार्ड कार्ड बंद करने, बिलबनाने आदि से संबंधित नए नियम शामिल हैं. आरबीआई के निर्देशों में मौजूद प्रावधान भारत में काम करने वाले हर शेड्यूल्ड बैंक और सभी नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) पर लागू होंगे. ये नियम 1 जुलाई 2022 से प्रभावी होंगे. आइए जानते हैं कि इनके लागू होने से आपके क्रेडिट कार्ड की बिलिंग से जुड़े क्या बदलाव होंगे.

 

क्रेडिट कार्ड की बिलिंग साइकिल :

बिलिंग साइकिल वह समयावधि होती है, जिसमें एक क्रेडिट कार्ड का बिल जनरेट होता है. अगर आपका क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट हर महीने की 10वीं तारीख को जनरेट होती है, तो आपकी बिलिंग साइकिल पिछले महीने की 11वीं तारीख को शुरू होगी और मौजूदा महीने की 10वीं तारीख को खत्म होगी.

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बिलिंग स्टेटमेंट में देरी नहीं :

कार्ड जारी करने वालों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बिल या स्टेटमेंट्स भेजी जाएं, तुरंत ईमेल किया जाए और ग्राहक के पास पर्याप्त संख्या में दिन मौजूद हों. इसके साथ ब्याज चार्ज किए जाने से पहले कम से कम एक पखवाड़े का समय होना चाहिए.

आरबीआई ने कहा कि देर से इनवॉयसिंग को लेकर शिकायतों से बचने के लिए, कार्ड जारी करने वाला बिल जारी करने और कार्डधारक की सहमति के साथ इंटरनेट या मोबाइल बैंकिंग के जरिए अकाउंट स्टेमेंट जारी करने का प्रस्ताव कर सकता है. कार्ड जारी करने वालों को एक सिस्टम सुनिश्चित करना चाहिए, जिससे यह सुनिश्चित हो कि कार्डधारक को बिलिंग स्टेटमेंट मिली है.

 

शिकायत की तारीख से 30 दिनों के भीतर मिलेगा रिप्लाई :

कार्ड जारी करने वालों को यह वेरिफाई करना चाहिए कि कोई भी गलत बिल जनरेट नहीं हों. अगर कार्डधारक बिल पर ऐतराज जताता है, तो कार्ड जारी करने वाले को सफाई देनी होगी और जरूरत पड़ने पर शिकायत की तारीख से 30 दिनों के अंदर कार्डधारक को प्रमाण के तौर पर दस्तावेज भी जमा कराने होंगे.

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मामला नहीं सुलझने तक कोई चार्ज नहीं :

जिन ट्रांजैक्शन को कार्डधारक फ्रॉड मानेगा, उसके सुलझने तक चार्ज नहीं लगाया जाएगा.

 

बिलिंग साइकिल बदलने का विकल्प :

सभी क्रेडिट कार्ड करने वालों के लिए, कार्ड जारी करने वालों को आम बिलिंग साइकिल को फॉलो नहीं करना है. इस क्षेत्र में कार्डधारकों को अपनी प्राथमिकता के आधार पर क्रेडिट कार्ड की बिलिंग साइकिल को बदलने का वन-टाइम ऑप्शन दिया जाएगा.

 

क्रेडिट कार्ड 7 दिन में बंद नहीं होने पर बैंक रोज देगा 500 रुपए

नए नियम के तहत अगर कोई कस्टमर अपने क्रेडिट कार्ड को बंद करना चाहता है तो वह क्लोजर का रिक्वेस्ट डालेगा. रिक्वेस्ट डालने के सात वर्किंग दिनों के भीतर क्रेडिट कार्ड कंपनी को इसे बंद करना होगा. ऐसा नहीं करने पर उसे 500 रुपए रोजाना के हिसाब से ग्राहक को पेनाल्टी के रूप में देना होगा. जब तक कार्ड बंद नहीं कर दिया जाता है, तब तक रोजाना आधार पर पेनाल्टी लगती रहेगी.


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