Follow Us On Goggle News

Petrol Diesel Price Today : बड़ी खबर ! फिर बढ़ेगी पेट्रोल-डीजल की कीमत, सरकारी तेल कंपनी ने दिया ये बड़ा संकेत.

इस पोस्ट को शेयर करें :

IOC Petrol Diesel Price hike : इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) को अप्रैल-जून तिमाही में बड़ा घाटा हुआ है. इस तिमाही में कंपनी को पेट्रोल की बिक्री पर 10 रुपये प्रति लीटर वहीं डीजल की बिक्री पर 14 रुपये का नुकसान हुआ है.

 

Petrol Diesel Price Hike : देश में एक और जहां पेट्रोल-डीजल के दामों ने आसमान छू रखे हैं, वहीं सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) ने चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में पेट्रोल 10 रुपये प्रति लीटर के नुकसान पर बेचा है. इसके अलावा डीजल की बिक्री पर कंपनी को प्रति लीटर 14 रुपये का नुकसान हुआ है. यही वजह है कि कंपनी को सवा दो साल में पहली बार किसी तिमाही में नुकसान उठाना पड़ा है.

 

कंपनी को हुआ बड़ा घाटा :

देश की सबसे बड़ी तेल शोधन और ईंधन की खुदरा बिक्री करने वाली कंपनी को चालू वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही में 1,992.53 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है. इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 5,941.37 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था. वहीं इससे पिछली यानी जनवरी-मार्च की तिमाही में कंपनी को 6,021.9 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था.

यह भी पढ़ें :  Farming Business: शुरू करें इन 5 औषधीय पौधों की खेती ! हर महीने होगा बंपर कमाई, अच्छे मुनाफे से किसानों का बढ़ा रूझान.

 

EBITDA 88 फीसदी तक घटी :

IOC की सालाना आधार पर कर, ब्याज, मूल्यह्रास और परिशोधन से पूर्व एकल आय (EBITDA) 88 प्रतिशत घटकर 1,358.9 करोड़ रुपये रह गई. वहीं कंपनी को 1,992.5 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ. हालांकि तिमाही के दौरान कंपनी का सकल रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) ऊंचे स्तर पर यानी 31.8 डॉलर प्रति बैरल रहा है.

 

ये है इनकम में गिरावट की प्रमुख वजह  :

ICICI सिक्योरिटीज की रिपोर्ट में कहा गया है, ‘कंपनी की आय में गिरावट की प्रमुख वजह पेट्रोल और डीजल की खुदरा बिक्री पर मार्जिन में भारी गिरावट है. कंपनी को पेट्रोल पर प्रति लीटर 10 रुपये और डीजल पर 14 रुपये का नुकसान हुआ है. इसके अलावा उत्पाद शुल्क में कटौती की वजह से कंपनी को भंडारण पर भी 1,500 से 1,600 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है.’

सरकारी तेल कंपनियों ने नहीं बढ़ाए दाम :

रिपोर्ट में कहा गया है कि पेट्रोलियम कंपनियां लागत के हिसाब से प्रतिदिन पेट्रोल और डीजल कीमतों में संशोधन करती हैं, लेकिन IOC के साथ भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (HPCL) ने लागत बढ़ने के बावजूद वाहन ईंधन के दाम नहीं बढ़ाए हैं.

यह भी पढ़ें :  Post Office Savings Account : पोस्ट ऑफिस बचत खाता में घर बैठे जमा करें पैसे, ऐसे करें इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग एक्टिवेट.

 

109 डॉलर प्रति बैरल बिक रहा है कच्चा तेल :

इस समय भारत का कच्चे तेल का आयात औसतन 109 डॉलर प्रति बैरल बैठ रहा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में पेट्रोल पंप पर वाहन ईंधन कीमतें 85 से 86 डॉलर प्रति बैरल के भाव के हिसाब से तय की गई हैं. रिपोर्ट कहती है कि यह जनवरी-मार्च, 2020 की तिमाही के बाद से कंपनी का पहली तिमाही नुकसान है. उस समय कंपनी को महंगे कच्चे तेल के प्रसंस्करण की वजह से भंडारण पर नुकसान हुआ था.


इस पोस्ट को शेयर करें :

You cannot copy content of this page