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IT Returns : इनकम टैक्स विभाग का बड़ा फैसला, ऐसे लोगों को ITR फाइल करने से मिली छूट, इन शर्तों को करना होगा पूरा.

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IT Return : इसमें शर्त है कि संपत्तियों का ट्रांसफर विदेशी करंसी में होना चाहिए और इस वर्ग के लोगों की भारत में कोई और कमाई नहीं होनी चाहिए. इनकम टैक्स विभाग के बताए गए दोनों केस में गैर-निवासी नागरिकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि पैन कार्ड लेने से छूट मिली हो.

IT Return : इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने कुछ गैर-निवासी और विदेशी निवेशकों को 2020-21 के बाद का इनकम टैक्स रिटर्न ( IT Returns)  दाखिल करने से छूट दे दी है. एक नोटिफिकेशन में सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) ने कहा है कि गैर-निवासी (कॉरपोरेट या कोई और नागरिक) जो ‘स्पेसिफाइड फंड’ में निवेश के अलावा किसी और जरिये से कमाई नहीं करते, वे इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर्स (IFSC) या गिफ्ट सिटी के ऑल्टरनेट इनवेस्टमेंट फंड कैटगरी iii की श्रेणी में आते हैं, उन्हें आईटीआर फाइल करने की जरूरत नहीं.

इसके अलावा, वैसे विदेशी निवेशक (गैर निवासी जो सेबी के दिशा-निर्देशों के तहत काम करते हैं) जिन्होंने वित्तीय वर्ष के दौरान ग्लोबल डिपॉजिटरी रिसीट, रुपी डॉमिनेटेड बॉन्ड, डेरिवेटिव या अन्य अधिसूचित सिक्योरिटीज कैपिटल एसेट में ट्रांजेक्शन किया है, आईएफएससी के मान्यताप्राप्त स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड हों, उन्हें आईटीआर फाइल ( IT Returns) करने से राहत दी गई है. इसमें शर्त है कि संपत्तियों का ट्रांसफर विदेशी करंसी में होना चाहिए और इस वर्ग के लोगों की भारत में कोई और कमाई नहीं होनी चाहिए. ऊपर बताए गए दोनों केस में गैर-निवासी नागरिकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि पैन कार्ड लेने से छूट मिली हो.

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क्या कहता है नियम : आईटी रूल्स के मुताबिक, यदि गैर-निवासी लोगों की आय पर टैक्स ( IT Returns) कटौती की गई है और ‘स्पेसिफाइड फंड’ द्वारा सरकार को भेजा गया है, तो पैन की आवश्यकता नहीं है. इसके अलावा, जरूरी विवरण और दस्तावेज जैसे कि संपर्क की जानकारी, टिन और आवासीय स्थिति की घोषणा उस अनिवासी नागरिक द्वारा ‘स्पेसिफाइड फंड’ में जमा किए जाने चाहिए. नांगिया एंडरसन एलएलपी की निदेशक नेहा मल्होत्रा ने ‘पीटीआई’ से कहा कि चूंकि सरकार के पास आईटीआर दाखिल ( IT Returns) करने से छूट प्राप्त टैक्सपेयर के संबंध में टैक्स से जुड़ी सभी जानकारी है और उनकी कमाई भी टीडीएस के अंतर्गत आती है, इसलिए इस कदम से सरकार के राजस्व पर कोई असर नहीं पड़ता.

क्यों मिली छूट : मल्होत्रा ने कहा, ऐसे अनिवासियों को आय रिटर्न दाखिल ( IT Returns )  करने की शर्तों से छूट देने से उनका अनुपालन बोझ (compliance burden) आसान हो जाता है. टैक्सपेयर्स पर अनुपालन बोझ कम करना देश के सफल टैक्स प्रबंधन को दर्शाता है, जिससे निवेशकों का विश्वास और बेहतर होगा. टैक्स और कंसल्टिंग फर्म एकेएम ग्लोबल के टैक्स पार्टनर अमित माहेश्वरी ने कहा कि अधिसूचना में यह प्रावधान किया गया है कि विदेशी निवेशक जो गिफ्ट सिटी में काम कर रहे फंड में निवेश करते हैं और ऐसे फंड से आय प्राप्त करते हैं, उन्हें भारत में टैक्स रिटर्न दाखिल ( IT Returns) करने की आवश्यकता नहीं होगी, बशर्ते उनकी भारत में कोई अन्य आय नहीं होनी चाहिए.

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क्या कहते हैं एक्सपर्ट : माहेश्वरी ने कहा, वैसे भी, ऐसे निवेशकों को भारत में पैन रखने की आवश्यकता नहीं है और छूट मिलने से बिना किसी परेशानी के निवेश करना आसान हो जाता है और इससे गिफ्ट सिटी की स्थिति को एक बेहतर निवेश का स्थान बनाने में मदद मिलेगी. बीडीओ इंडिया एसोसिएट पार्टनर (टैक्स एंड रेगुलेटरी सर्विसेज) रघुनाथन पार्थसारथी ने कहा कि दोनों मामलों में जहां आईटीआर दाखिल ( IT Returns) करने में छूट दी गई है, कर अधिकारी संस्थाओं के रिकॉर्ड को देख सकते हैं क्योंकि लेनदेन पूरी तरह से सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स के अधीन हैं और ये ट्रांजेक्शन स्टॉक एक्सचेंज में में किए जाते हैं.


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