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Interest Rate Hike : अक्टूबर में PPF, सुकन्या समृद्धि की बढ़ेगी ब्याज दर? सरकारी कमाई बढ़ने से जगी उम्मीद.

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Interest Rate Hike of PPF -SSY Scheme : छोटी बचत योजनाओं के लिए ब्याज दरें 30 सितंबर को बदल सकती हैं. वित्त वर्ष 2022-23 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए लागू दरें समीक्षा के बाद बदल सकती हैं अन्यथा मौजूदा दरें जारी रहेंगी. इसमें पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि जैसी स्कीम शामिल है.

 

Interest Rate Hike :  सरकारी बॉन्ड यील्ड में इजाफा देखा जा रहा है. इससे उम्मीद बन रही है कि छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में वृद्धि देखी जा सकती है. पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ), सुकन्या समृद्धि योजना और सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम जैसी योजनाओं की ब्याज दरों पर इस महीने के अंत में फैसला होना है. इसी में नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट या एनएससी भी है. इस तरह की छोटी बचत की योजनाओं को पोस्ट ऑफिस स्कीम भी कहते हैं.

 

क्यों बढ़ सकते हैं रेट?

बेंचमार्क 10 साल का बॉन्ड यील्ड 7 फीसद से ऊपर बना हुआ है. यह बढ़ोतरी अप्रैल 2022 से ही जारी है. जून से अगस्त 2022 तक बॉन्ड यील्ड का एवरेज 7.31 परसेंट देखा गया है. इस आधार पर वित्त मंत्रालय की ब्याज गणना का फार्मूला लगाएं तो पीपीएफ की दर अगली तिमाही में 7.56 फीसद पर जा सकती है. इसमें जी सेक के तीन महीने का एवरेज यील्ड और साथ में 25 बेसिस पॉइंट का इजाफा शामिल है. पीपीएफ पर अभी 7.1 फीसद ब्याज मिल रहा है.

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इसी आधार पर सुकन्या समृद्धि योजना का ब्याज 8.3 परसेंट पर जा सकता है जो अभी 7.6 फीसद है. इसमें तीन महीने का एवरेज जी सके यील्ड प्लस 75 बेसिस पॉइंट की दर शामिल है. इस महीने के अंत में इन योजनाओं की दरों की समीक्षा होनी है. इसलिए उम्मीद की जा रही है कि बॉन्ड यील्ड के आधार पर ब्याज दरें बढ़ सकती हैं. एक बात ध्यान रखना होगा कि सरकार हमेशा बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के हिसाब से ब्याज दरों में वृद्धि नहीं करती.

 

इससे पहले कब बढ़े थे रेट :

छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में इजाफा अप्रैल-जून 2020 में देखा गया था. तब से लेकर सितंबर 2022 तक ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. हालांकि हाल के महीनों में बॉन्ड यील्ड में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है. इससे उम्मीद बंधी है भविष्य में स्मॉल सेविंग स्कीम की दरों में इजाफा संभव है.

 

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कैसे होती है ब्याज की गणना :

जी-सेक यानी कि सरकारी सिक्योरिटी के यील्ड के आधार पर स्मॉल सेविंग्स स्कीम के रिटर्न की गणना की जाती है. यील्ड और स्मॉल सेविंग्स स्कीम की मैच्योरिटी समान होनी चाहिए. जी-सेक यील्ड के आधार पर वित्त मंत्रालय हर तिमाही छोटी बचत योजनाओं के दरों की समीक्षा करता है. इसमें जी-सेक यील्ड का रिटर्न पिछली तिमाही का देखा जाता है. ब्याज की गणना के लिए श्मामला गोपीनाथ कमेटी, 2011 का गठन किया गया था जिसने ब्याज की गणना का फार्मूला दिया था. कमेटी ने साल में एक बार रेट की समीक्षा का सुझाव दिया था, लेकिन सरकार ने इसे हर तिमाही लागू कर दिया.

 

30 सितंबर को दरों की समीक्षा :

छोटी बचत योजनाओं के लिए ब्याज दरें 30 सितंबर को बदल सकती हैं. वित्त वर्ष 2022-23 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए लागू दरें समीक्षा के बाद बदल सकती हैं अन्यथा मौजूदा दरें जारी रहेंगी. वित्त वर्ष 2022-23 की तीसरी तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं के लिए ब्याज दर 30 सितंबर के आसपास घोषित होने की उम्मीद है. यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या केंद्र सरकार ब्याज निर्धारित करने के लिए गोपीनाथ फार्मूले का पालन करेगी.


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