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ATM Card पर फ्री में मिलता है 10 लाख तक का इंश्योरेंस, जानिए कैसे और किसे मिलता है लाभ.

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ATM Card Insurance : क्या आप जानते हैं कि आपके डेबिट और क्रेडिट कार्ड पर फ्री इंश्योरेंस मिलता है. अलग-अलग तरह के कार्ड पर यह इंश्योरेंस 10 लाख रुपए तक का होता है. यह एक्सिडेंटल इंश्योरेंस होता है.

 

ATM Card Insurance : आज के समय में गिने-चुने लोग ही होंगे, जो एटीएम कार्ड (ATM Card) का इस्तेमाल नहीं करते हैं. प्रधानमंत्री जन-धन योजना (Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana) और रूपे कार्ड (RuPay Card) की बदौलत अब एटीएम हर किसी के रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा बन चुका है. इसने न सिर्फ कैश पर निर्भरता कम की है, बल्कि पैसों को सुरक्षित भी बनाया है और लेन-देन करना आसान हो गया है. अब कुछ खरीदना हो तो उसके लिए मोटा कैश लेकर जाने की जरूरत नहीं होती. सारा काम एक छोटा सा एटीएम कार्ड कर देता है. एटीएम कार्ड के साथ इनके अलावा भी कुछ ऐसे फायदे (ATM Card Benefits) मिलते हैं, जिनकी जानकारी लोगों को नहीं होती है. जानकारी के अभाव में लोग फ्री में मिल रही जरूरी सुविधाओं का इस्तेमाल करने से वंचित रह जाते हैं.

 

बैंक भी ग्राहकों को नहीं देते हैं जानकारी :

एटीएम कार्ड के साथ मिलने वाली सेवाओं में सबसे अहम है फ्री इंश्योरेंस (ATM Card Insurance). जी हां…बैंक जैसे ही किसी ग्राहक को एटीएम कार्ड इश्यू करता है, उसके साथ ही ग्राहक को दुर्घटना (Accidental Insurance) या असमय मौत का इंश्योरेंस (Life Insurance) मिल जाता है. हालांकि इसकी जानकारी लोगों को नहीं होने के कारण गिने-चुने लोग ही यह इंश्योरेंस क्लेम कर पाते हैं. इसका एक बड़ा कारण लोगों के बीच वित्तीय साक्षरता की कमी है. गांव के लोगों की बात छोड़िए, पढ़े-लिखे शहरी लोग भी एटीएम के साथ जुड़ी नियम-शर्तों पर ध्यान नहीं देते हैं. बैंक भी अपने ग्राहकों को एटीएम के साथ मिलने वाले इंश्योरेंस की जानकारी नहीं देते हैं.

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अलग-अलग कार्ड के हिसाब से  मिलता है कवरेज :

तरह के कार्ड पर यह इंश्योरेंस 10 लाख रुपए तक का होता है. यह एक्सिडेंटल इंश्योरेंस होता है. यह इंश्योरेंस कवर या तो कार्ड प्रोवाइडर जैसे मास्टरकार्ड, रूपे कार्ड, वीजा कार्ड कंपनी की तरफ से दिया जाता है या फिर ये कंपनियां बैंकों के साथ मिलकर फ्री इंश्योरेंस कवर देती हैं. इंश्योरेंस का लाभ तभी मिलता है जब कार्ड होल्डर की मौत एक्सिडेंट की वजह से होती है या फिर कोई परमानेंट डिसएबिलिटी होती है.

बैंक ग्राहकों को कई प्रकार के एटीएम कार्ड इश्यू करते हैं. एटीएम कार्ड की कैटेगरी के हिसाब से उसके साथ मिलने वाले इंश्योरेंस की राशि तय होती है. ग्राहकों को क्लासिक कार्ड (Classic Card) पर 01 लाख रुपये, प्लेटिनम कार्ड (Platinum Card) पर 02 लाख रुपये, सामान्य मास्टर कार्ड (Master Card) पर 50 हजार रुपये, प्लेटिनम मास्टर कार्ड (Platinum Master Card) पर 05 लाख रुपये और वीजा कार्ड (Visa Card) पर 1.5-02 लाख रुपये तक इंश्योरेंस कवरेज (Insurance Coverage) मिलता है. प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत खुले खातों पर मिलने वाले रूपे कार्ड (RuPay Card Insurance) के साथ ग्राहकों को 01 से 02 लाख रुपये तक का बीमा मिलता है.

 

90 दिनों के भीतर कार्ड का इस्तेमाल किया गया हो :

अगर कोई व्यक्ति किसी राष्ट्रीयकृत और गैर राष्ट्रीयकृत बैंक के एटीएम का कम-से-कम 45 दिनों से उपयोग कर रहा है, तो वह एटीएम कार्ड के साथ मिलने वाले इंश्योरेंस का दावा करने का हकदार हो जाता है. नियम और शर्त की बात करें तो जिस दिन एक्सिडेंट हुआ है उसके 90 दिन के अंदर कार्ड का इस्तेमाल किया गया हो. अगर ऐसा नहीं होता है तो इंश्योरेंस का लाभ नहीं मिलेगा. ऊपर इंश्योरेंस कवर को लेकर जितनी जानकारी दी गई है वह नॉन-एयर एक्सिडेंट को लेकर है. अगर कार्ड होल्डर की मौत हवाई दुर्घटना में हुई है तो इंश्योरेंस कवर लगभग दोगुना होगा. हालांकि इसके लिए यह जरूरी है कि एयर टिकट बुकिंग में उस कार्ड का इस्तेमाल किया गया हो.

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दुर्घटना बीमा की क्या है प्रक्रिया और  कैसे मिलता है मुआवजा :

  • बैंक में अकाउंट खुलने के बाद जैसे ही एटीएम आपको मिलता है बीमा पॉलिसी लागू हो जाती है. बैंक की तरफ से बीमा करवाया जाता है जिससे एटीएम धारक की मौत होने के बाद परिवार को मदद मिल सके.

 

  • स्कीम के मुताबिक अगर किसी एटीएम धारक की दुर्घटना में मौत हो जाती है तो उसके परिवार के सदस्य को 2 महीने से लेकर 5 महीने के भीतर बैंक की उस ब्रांच में जाना होगा जहां उस शख्स का खाता था और वहां पर मुआवजे को लेकर एक एप्लीकेशन देनी होगी.

 

  • अगर आपके पास किसी एक बैंक में एक ही अकाउंट हो या फिर उस बैंक की दूसरी ब्रांच में भी अकाउंट हो तो भी मुआवजा आपको किसी एक एटीएम पर ही मिलेगा जिससे पैसे का लेन-देन किया जा रहा हो. मुआवजा देने के पहले बैंक ये देखेंगे कि मौत से पहले पिछले 45 दिन के भीतर उस एटीएम से किसी तरह का वित्तीय लेन-देन हुआ था या नहीं.
 

इस तरह क्लेम करें एटीएम इंश्योरेंस :

अगर एटीएम कार्डधारक (ATM Card Holder)  किसी दुर्घटना का शिकार हो जाता है और उसमें वह एक हाथ या एक पैर से दिव्यांग हो जाता है, तो उसे 50 हजार रुपये का कवरेज मिलता है. इसी तरह दोनों हाथ या दोनों पैर का नुकसान होने पर 01 लाख रुपये का बीमा लाभ मिलता है. मौत होने की स्थिति में कार्ड के हिसाब से 01 लाख रुपये से 05 लाख रुपये तक का कवरेज मिलता है. एटीएम कार्ड के साथ मिलने वाले इंश्योरेंस को क्लेम करने के लिए कार्डहोल्डर के नॉमिनी (Nominee) को संबंधित बैंक में जाकर आवेदन करना पड़ता है. बैंक में एफआईआर की कॉपी, अस्पताल में इलाज का प्रमाणपत्र आदि जैसे कागजात जमा करने पर बीमा का क्लेम मिल जाता है. वहीं मौत की स्थिति में कार्डहोल्डर के नॉमिनी को मृत्यु प्रमाण पत्र, एफआईआर की कॉपी, आश्रित का प्रमाण पत्र, मृतक के प्रमाण पत्र की मूल कॉपी आदि जमा करने पड़ते हैं.

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पर्चेज प्रोटेक्शन का भी मिलता है लाभ :

इसके अलावा डेबिट कार्ड पर पर्चेज प्रोटेक्शन का भी लाभ मिलता है. इसका लाभ तब मिलता है जब आपने उस कार्ड से शॉपिंग की हो और 90 दिनों के भीतर वह सामान आपकी गाड़ी से या फिर आपके घर से चोरी हो गया हो. एसबीआई गोल्ड के लिए पर्चेज प्रोटेक्शन 5000 रुपए, प्लैटिनिम कार्ड के लिए 50 हजार रुपए, एसबीआई प्राइड पर 5000 रुपए, प्रीमियम कार्ड्स पर 50 हजार रुपए और वीजा सिग्नेचर डेबिट कार्ड पर 1 लाख रुपए का पर्चेज प्रोटेक्शन मिलता है.


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