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PM Mudra Card Yojana : पीएम मुद्रा कार्ड योजना क्या है? डेबिट या क्रेडिट कार्ड से कितना है अलग, कैसे करें इस्तेमाल.

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PM Mudra Card Yojana : पीएम मुद्रा योजना में 1 लाख रुपये तक के साथ मुद्रा कार्ड दिया जाता है, लेकिन लोन की राशि का 20 परसेंट ही कार्ड में डाला जाता है. आप इस लिमिट में जितना चाहें पैसे निकाल सकते हैं और खर्च कर सकते हैं. यह लोन इसलिए होता है ताकि आप अपने बिजनेस के लिए वर्किंग कैपिटल का इस्तेमाल कर सकें.

 

PM Mudra Card Yojana : पीएम मुद्रा कार्ड (PM Mudra Card) के बारे में आपने सुना होगा. यह भी सुना होगा कि जो लोग प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PM Mudra Scheme) के तहत बिजनेस आदि के लिए लोन लेते हैं, उन्हें यह मुद्रा कार्ड दिया जाता है. पीएम मुद्रा योजना दुकानदारों, व्यापारियों, विक्रेताओं और एमएसएमई में लगे कारोबारियों के लिए है. इस योजना में कृषि से जुड़े लोन छोड़कर अन्य तरह के कर्ज लिए जा सकते हैं. जो भी व्यक्ति मुद्रा योजना में लोन लेता है, उसे स्कीम का लाभ मुद्रा कार्ड के माध्यम से दिया जाता है. मुद्रा कार्ड एक डेबिट कार्ड (Debit Card) की तरह ही होता है, लेकिन खाते से पैसे निकालने का तरीका अलग होता है.

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कैसा होता है पीएम मुद्रा कार्ड :

पीएम मुद्रा कार्ड डेबिट या क्रेडिट कार्ड की तरह होता है. कार्ड के बाईं तरफ प्रधानमंत्री मुद्रा योजना लिखा होता है और स्कीम का लोगो लगा रहता है. दाहिनी ओर उस बैंक का लोगो होता है जिसने मुद्रा लोन या मुद्रा कार्ड जारी किया है. कार्ड के ठीक बीच में 16 अंकों का नंबर होता है जैसा कि डेबिट और क्रेडिट कार्ड पर होता है. उसके नीचे कार्ड की मियाद यानी शुरू होने और एक्सपायरी की तारीख होती है. ठीक नीचे बाईं और कार्डहोल्डर का नाम होता है और दाहिनी ओर कार्ड की एजेंसी जैसे की रुपे लिखा होता है. इस कार्ड से एटीएम से पैसे निकाले जाते हैं.

पीएम मुद्रा कार्ड और डेबिट कार्ड में अंतर :

मुद्रा कार्ड और एटीएम कार्ड में बड़ा अंतर ये है कि एटीएम कार्ड या डेबिट कार्ड आपके बैंक खाते से पैसे निकालता है, जबकि मुद्रा कार्ड से आप अपने लोन के पैसे को ही निकाल सकते हैं. जब तक लोन चलेगा, तब तक मुद्रा कार्ड की वैलिडिटी रहेगी. बैंक खाते के साथ भी यही बात है. जब तक खाता चलता है, तब तक एटीएम या डेबिट कार्ड चलता है. खाता बंद होते ही कार्ड भी बंद हो जाता है. लेकिन क्रेडिट कार्ड का नियम कुछ अलग है. क्रेडिट कार्ड, सेविंग अकाउंट या सैलरी अकाउंट बंद होने के बाद भी चलता है और उसका बैंक खाते से कोई लेना-देना नहीं.

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किसे मिलता है पीएम मुद्रा कार्ड :

मुद्रा कार्ड उस व्यक्ति को जारी किया जाता है जो मुद्रा लोन स्कीम में कर्ज लेता है. व्यक्ति लोन के लिए अप्लाई करता है और यदि लोन मंजूर हो जाता है तो उसका एक मुद्रा लोन अकाउंट खुलता है. खाता खुलने के साथ ही उसे मुद्रा कार्ड दिया जाता है. ठीक वैसे ही जैसे सेविंग खाता खुलते ही आपको डेबिट कार्ड दिया जाता है. अकाउंट खुलने और मुद्रा कार्ड जारी होने के बाद बैंक की तरफ से मुद्रा अकाउंट में लोन का पैसा डाला जाता है. इसके बाद लेनदार उस मुद्रा कार्ड से अपने मुद्रा अकाउंट से पैसा निकाल सकता है. जितने रुपये की जरूरत हो, वह एटीएम से पैसा निकाल सकता है.

 

पीएम मुद्रा कार्ड में कितना मिलता लोन :

मुद्रा योजना में 1 लाख रुपये तक के साथ मुद्रा कार्ड दिया जाता है, लेकिन लोन की राशि का 20 परसेंट ही कार्ड में डाला जाता है. आप इस लिमिट में जितना चाहें पैसे निकाल सकते हैं और खर्च कर सकते हैं. यह लोन इसलिए होता है ताकि आप अपने बिजनेस के लिए वर्किंग कैपिटल का इस्तेमाल कर सकें. यह ऐसी पूंजी होती है जिसे आप बिजनेस में लगाकर मुनाफा कमाते हैं. आप चाहें तो इस पैसे का इस्तेमाल माल खरीदने या अपने कर्मचारियों को सैलरी देने के लिए भी कर सकते हैं.


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