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LPG गैस एजेंसी कैसे खोलें? क्या है Indane, Bharat या HP की डीलरशिप लेने का प्रोसेस, जानिए पूरी प्रक्रिया.

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How to Open New LPG Gas Agency : इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड Indane गैस की डिस्‍ट्रीब्‍यूटरशिप देती है. वहीं Bharat Petroleum भारत गैस और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (Hindustan Petroleum) एचपी गैस के लिए डिस्‍ट्रीब्‍यूटरशिप देती है.

 

LPG Gas Agency : खाना बनाने के लिए अब चूल्हा फूंकने का युग लगभग खत्म हो चला है. अब तो एलपीजी का जमाना है. खासकर प्रधानमंत्री उज्जवला योजना (PM Ujjwala Yojana) के जरिये देश के करोड़ों गरीब परिवारों के पास भी अब एलपीजी गैस कनेक्शन हो गया है. करोड़ों नए एलपीजी गैस कनेक्शन होने के कारण अब गैस सिलेंडर की खपत (LPG Consumption in India) भी कई गुना ज्यादा बढ़ गई है.

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में उज्जवला योजना 2.0 लॉन्च किया है और इसके तहत वित्तीय वर्ष 2021-22 में 1 करोड़ नये LPG गैस कनेक्शन बांटे जाने का लक्ष्य है. यानी अब पहले की अपेक्षा और ज्यादा गैस सिलेंडर की जरूरत होगी. पहले से संचालित हो रहीं गैस एजेंसियों पर भी बोझ बढ़ेगा और इस वजह से नई गैस एजेंसियों की भी जरूरत होगी.

 

ऐसे में गैस एजेंसी खोलना एक बेहतरीन बिजनेस साबित होगा. बहुत सारे लोग गैस एजेंसी खोलना चाहते हैं, लेकिन उन्हें इस बारे में बेसिक जानकारी नहीं होती. ऐसे में हम यहां बताने जा रहे हैं कि आप गैस एजेंसी कैसे खोल सकते हैं… कैसे इंडेन, भारत या एचपी वगैरह कंपनियों की डिस्ट्रीब्यूटरशिप आपको मिल सकती है.

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सबसे पहले जान लीजिए गैस एजेंसी के लिए योग्यता :

  • एलपीजी गैस एजेंसी खोलने या डिस्ट्रीब्यूटरशिप के लिए भारतीय नागरिक होना जरूरी है.
  • आपको कम से कम 10वीं पास होना बहुत जरूरी है.
  • आपकी उम्र 21 साल से लेकर 60 साल के बीच होनी चाहिए.
  • आपके परिवार का कोई भी सदस्य ऑयल मार्केटिंग कंपनी में कार्यरत नहीं होना चाहिए.
  • आपके पास गैस सिलेंडर के भंडारन के लिए एक बड़ी जगह यानी गोदाम होना जरूरी है.
  • इसके साथ ही आपके पास ऑफिस के लिए स्पेस होना भी जरूरी है.

 

 

तीन सरकारी कंपनियां देती हैं डिस्‍ट्रीब्‍यूटरशिप :

देश में एलपीजी की तीन सरकारी कंपनियां हैं. इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (Indian Oil Corporation Ltd) इंडेन गैस की डिस्‍ट्रीब्‍यूटरशिप देती है. वहीं भारत पेट्रोलियम (Bharat Petroleum) भारत गैस के लिए और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (Hindustan Petroleum) एचपी गैस के लिए डिस्‍ट्रीब्‍यूटरशिप देती है. तीनों कंपनियां समय-समय पर नए डिस्‍ट्रीब्‍यूटर बनाने के लिए आवेदन आमंत्रित करती हैं.

वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार की राजीव गांधी ग्रामीण एलपीजी डिस्ट्रीब्यूशन योजना (RGGLV) के तहत भी आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं. इसमें गैस कंपनियां विज्ञापन या नोटिफिकेशन में एजेंसी और गोदाम की जमीन के लिए वार्ड, मुहल्‍ला या निश्चित स्‍थान बताती हैं.

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आवेदन के बाद इंटरव्यू और वेरिफिकेशन है जरूरी :

कंपनियां ऑनलाइन या ऑफलाइन एप्‍लीकेशन आमंत्रित कर सकती हैं. आवेदन करने के बाद निर्धारित तिथि पर कैंडिडेट का इंटरव्‍यू किया जाता है. इसमें विभिन्न पैरामीटर्स के आधार पर नंबर दिए जाते हैं. इन्हीं आधारों पर कैंडिडेट का इवैल्‍युएशन किया जाता है. इंटरव्यू के बाद इसका रिजल्‍ट जारी किया जाता है.

मैरिट लिस्ट में नाम आने के बाद एलपीजी गैस कंपनी का एक पैनल सभी कैंडिडेट्स द्वारा आवेदन में भरी गई डिटेल्स के बारे में फील्‍ड वैरिफिकेशन करता है. इसमें जमीन, गोदाम वगैरह से लेकर अन्‍य मानकों की पड़ताल की जाती है. सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सफल होने पर आवेदक को क्षेत्र के अनुसार गैस एजेंसी अलॉट की जाती है. सफल कैंडिडेट को गैस एजेंसी शुरू करने के लिए एक समय सीमा दी जाती है, जिसके भीतर उसे काम शुरू करना होता है.

 

 

इन लोगों को दी जाती है प्राथमिकता :

गैस एजेंसी के लिए सरकार द्वारा तय मानकों के आधार पर प्राथमिकता दी जाती है. सामान्य श्रेणी के कैंडिडेट्स के लिए 50 फीसदी रिजर्वेशन होता है. वहीं अनुसूचित जाति, जनजाति के लोगों के लिए भी नियमानुसार आरक्षण होता है. स्‍वतंत्रता सेनानी, भूतपूर्व सैनिक, सशस्‍त्र बल, पुलिस सेवा, राष्ट्रीय खिलाड़ियों और सामाजिक रूप से अक्षम लोगों को नियमानुसार प्राथमिकता दी जाती है.

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इन बातों का रखें ध्यान :

गैस एजेंसी या डीलरशिप लेने के लिए परमानेंट एड्रेस यानी स्थाई पता सबसे जरूरी शर्त होती है. इसके अलावा आपको वेरिफिकेशन से पहले गैस एजेंसी के लिए ऑफिस स्पेस और गोदाम के लिए पर्याप्‍त जमीन या स्‍थान तैयार रखना चाहिए. कंपनियों की ओर से निकाले गए विज्ञापन में इसकी डिटेल होती है कि किस गांव, मुहल्ले, वार्ड या जगह पर जमीन होनी चाहिए.

इसके अलावा कंपनी के मानक के अनुसार आपके पास डिपॉजिट राशि और बैंक बैलेंस भी होना चाहिए. मोटी कमाई के लिए सबसे जरूरी चीज है नेट​वर्किंग. नए ग्राहक बनाने के​ लिए आपकी यह क्वालिटी बड़े काम आएगी. इसके साथ ही सिलेंडर डिलीवरी के लिए आपके पास पर्याप्‍त स्‍टाफ होने चाहिए. समय-समय पर कंपनियां आवेदन जारी करती हैं, जिसके लिए आपको कंपनियों की वेबसाइट विजिट करते रहने की जरूरत है. ज्‍यादा जानकारी के लिए इस लिंक (https://www.lpgvitarakchayan.in/index.php) पर क्लिक कर पता किया जा सकता है.


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