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Good News : अब एलआईसी भी बेचेगी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी ! सस्ता होगा प्रीमियम, LIC को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा.

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Health insurance Policy : इंश्योरेंस रेग्युलेटर IRDAI लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों को हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी बेचने की अनुमति देने पर विचार कर कर रहा है. माना जा रहा है कि इससे हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम में 5-10 फीसदी की गिरावट आएगी.

Good News : कोरोना महामारी के बाद लाइफ इंश्योरेंस (Life Insurance) और हेल्थ इंश्योरेंस के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ी है. इंश्योरेंस रेग्युलेटर, IRDAI लाइफ इंश्योरेंस बेचने वाली कंपनियों को हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance) बेचने की इजाजत दे सकता है. इस संबंध में बहुत जल्द ड्रॉफ्ट गाइडलाइन जारी की जा सकती है. माना जा रहा है कि बदले नियम के कारण हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम में गिरावट आएगी और ज्यादा से ज्यादा लोग इसका फायदा उठा पाएंगे. मिंट में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, लाइफ इंश्योरेंस का कस्टमर बेस हेल्थ इंश्योरेंस के मुकाबले ज्यादा है. ऐसे में जब इन कंपनियों को मेडिकल इंश्योरेंस बेचने की अनुमति मिल जाएगी तो ज्यादा से ज्यादा लोग हेल्थ इंश्योरेंस का लाभ उठा पाएंगे. इरडा की इंटर्नल कमिटी इस प्रस्ताव पर विचार कर रही है.

 

माना जा रहा है कि लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों को हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी बेचने की अनुमति मिलने पर सबसे ज्यादा फायदा LIC को मिलेगा. एलआईसी भारत की सबसे बड़ी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी है. प्रीमियम कलेक्शन के आधार पर इसका मार्केट शेयर 64 फीसदी, न्यू बिजनेस प्रीमियम के आधार पर मार्केट शेयर 66 फीसदी और नंबर ऑफ पॉलिसीज के आधार पर मार्केट शेयर 75 फीसदी के करीब है.

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LIC को होगा सबसे ज्यादा फायदा :

आईपीओ लिस्टिंग के बाद लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन के शेयर का हाल बुरा है. इश्यू प्राइस के मुकाबले यह शेयर 30 फीसदी से ज्यादा लुढ़क चुका है. एलआईसी के लिए इश्यू प्राइस 949 रुपए था जो घटकर 650 रुपए पर पहुंच गया था. पिछले दो कारोबारी सत्रों से इस शेयर में तेजी देखी जा रही है. इस समय यह शेयर 665 रुपए के स्तर पर ट्रेड कर रहा है.

 

लाइफ इंश्योरेंस का पेनेट्रेशन महज 3.2 फीसदी :

भारत में इंश्योरेंस सेक्टर के बाजार पर गौर करें तो स्थिति बुरी है. लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों का पेनेट्रेशन साल 2020 में 3.2 फीसदी था जो 2019 में महज 2.82 फीसदी था. यह डेटा इकोनॉमिक सर्वे 2021-22 के आधार पर है. नॉन-लाइफ इंश्योरेंस जिसमें हेल्थ, मोटर, फायर, इंडस्ट्रियल इंश्योरेंस शामिल हैं, उसका मार्केट पेनेट्रेशन तो महज 1 फीसदी है. ग्लोबल ऐवरेज 4.1 फीसदी है.

 

2 लाख के हेल्थ इंश्योरेंस के लिए प्रीमियम 7000 रुपए तक :

वर्तमान में अगर कोई 2 लाख रुपए का हेल्थ इंश्योरेंस खरीदता है तो उसका सालाना प्रीमियम 5000-7000 रुपए के बीच होता है. प्रीमियम की यह राशि उस कंडीशन में होगी, अगर इंश्योर्ड पर्सनल एडल्ट (18-50 साल) हो और पहले से कोई बीमारी नहीं हो. माना जा रहा है कि अगर जनरल इंश्योरेंस कंपनियों को हेल्थ इंश्योरेंस बेचने की इजाजत मिल जाती है तो प्रीमियम में 5-10 फीसदी तक की गिरावट आएगी.

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नॉन-लाइफ प्रीमियम में हेल्थ इंश्योरेंस का योगदान 33 फीसदी :

इंश्योरेंस की दुनिया में हेल्थ इंश्योरेंस का बहुत बड़ा योगदान है. नॉन-लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम में अकेले हेल्थ इंश्योरेंस का योगदान 33 फीसदी के करीब है. वित्त वर्ष 2021-22 में हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों का टोटल प्रीमियम अमाउंट 73578 करोड़ रुपए रहा था. पहले देश में लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों को हेल्थ इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स बेचने की इजाजत थी, लेकिन 2016 में इरडा ने इसपर रोक लगाने का आदेश जारी किया था.

 

वर्तमान में लाइफ इंश्योरेंस की 24 कंपनियां :

अप्रैल महीने में लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों के न्यू बिजनेस प्रीमियम में सालाना आधार पर 84 परसेंट का उछाल दर्ज किया गया और प्रीमियम की कुल राशि 17940 करोड़ रुपए रही. इसमें लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन का बड़ा योगदान रहा. वर्तमान में अपने देश में लाइफ इंश्योरेंस के क्षेत्र में 24 कंपनियां मौजूद हैं. अप्रैल 2021 में इन कंपनियों का टोटल न्यू बिजनेस प्रीमियम 9739 करोड़ रुपए था.

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लाइफ इंश्योरेंस में LIC का है दबदबा :

लाइफ इंश्योरेंस के क्षेत्र में LIC का बाजार पर दबदबा है. IRDAI के मुताबिक, अप्रैल महीने में उसके न्यू बिजनेस प्रीमियम में सालाना आधार पर 141 परसेंट का उछाल दर्ज किया गया और कुल रकम 11716 करोड़ रुपए रही. अप्रैल 2021 में कंपनी का कुल न्यू बिजनेस प्रीमियम 4856.76 करोड़ रहा था.

 

पांच स्टैंडअलोन हेल्थ इंश्योरेंस प्राइवेट कंपनियां :

देश में हेल्थ इंश्योरेंस बेचने वाली पांच प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनियां हैं. अप्रैल महीने में इन पांच स्टैंडअलोन हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों का प्रीमियम कलेक्शन 29.14 फीसदी के उछाल के साथ 1550.14 करोड़ रुपए रहा. अप्रैल 2021 में प्रीमियम इनकम 1200 करोड़ रुपए रही थी.

 

देश में 31 नॉन-लाइफ इंश्योरेंस कंपनियां :

इस समय देश में 31 नॉन- लाइफ इंश्योरेंस कंपनियां हैं. इनमें से 24 जनरल इंश्योरेंस कंपनियों का अप्रैल महीने में ग्रॉस डायरेक्ट प्रीमियम कलेक्शन 19705 करोड़ रुपए रहा. सालाना आधार पर इसमें 23.57 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है.


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