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Dollar vs Rupee Today : डॉलर के मुकाबले एक बार फिर लुढ़का रुपया, जानें आप पर क्या होगा इसका असर ?

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Dollar vs Rupee Today 20 August 2022 : अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया शुक्रवार को 20 पैसे की गिरावट के साथ 79.84 (अस्थायी) के भाव पर बंद हुआ है. विदेशी बाजारों में डॉलर की मजबूती से रुपये में गिरावट आई है.

 

Dollar vs Rupee Today  : अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया शुक्रवार को 20 पैसे की गिरावट के साथ 79.84 (अस्थायी) के भाव पर बंद हुआ है. विदेशी बाजारों में डॉलर की मजबूती से रुपये में गिरावट आई है. अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 79.75 के स्तर पर खुला. कारोबार के दौरान रुपया 79.73 से 79.84 के दायरे में घटबढ़ के बाद आखिर में अपने पिछले बंद भाव के मुकाबले 20 पैसे की गिरावट दिखाता 79.84 प्रति डॉलर पर बंद हुआ.

 

इससे पिछले कारोबारी सत्र में रुपया 79.64 प्रति डॉलर के भाव पर बंद हुआ था. बाजार सूत्रों ने कहा कि फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) की बैठक का ब्योरा सामने आने के बाद अमेरिकी डॉलर सूचकांक में तेजी देखी गई.

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इस बीच दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के सामने डॉलर की मजबूती को आंकने वाला डॉलर सूचकांक 0.18 फीसदी बढ़कर 107.67 हो गया है. अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.02 फीसदी घटकर 95.60 डॉलर प्रति बैरल रह गया है. इसके अलावा बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 651.85 अंक के नुकसान के साथ 59,646.15 अंक पर बंद हुआ. शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे. उन्होंने गुरुवार को शुद्ध रूप से 1,706 करोड़ रुपये के शेयर बेचे.

 

dollar rate Dollar vs Rupee Today : डॉलर के मुकाबले एक बार फिर लुढ़का रुपया, जानें आप पर क्या होगा इसका असर ?

 

 

क्या होगा आप पर असर?

रुपये में कमजोरी से अंतरर्राष्ट्रीय बाजार से आयात की गई कमोडिटी में किसी भी कमी का असर घट जाएगा. ऐसे में कच्चे तेल में गिरावट का फायदा पाने में और समय लगेगा क्योंकि कीमतों में गिरावट के बीच रुपये में कमजोरी से आयात बिल बढ़ जाएगा और इससे सरकारी खजाने पर बोझ बना रहेगा. भारत के लिए अच्छी स्थिति तब होगी जब अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कमोडिटी की भाव गिरे वहीं रुपया भी मजबूत बना रहे. अगर ऐसा नहीं होती है तो कमोडिटी कीमतों में कमी का भारत को पूरा फायदा नहीं मिलेगा.

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रुपये में गिरावट का सबसे ज्यादा असर आयातित सामान पर या ऐसे सामान पर पड़ेगा जिनमें आयातित घटकों का इस्तेमाल होता है. इस श्रेणी में जिस वस्तु की सबसे ज्यादा मांग होती है वह है मोबाइल फोन. इंडिया सेल्यूलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA) के अध्यक्ष पंकज मोहिंद्रु ने कहा कि रुपये के मूल्य में एक फीसदी की गिरावट से मोबाइल फोन सप्लाई चैन पर 0.6 फीसदी असर पड़ता है और इसकी वजह आयात किए जाने वाले घटक हैं. पांच फीसदी की गिरावट से कुल लाभ पर तीन फीसदी असर पड़ता है. ऐसे में कीमतें बढ़ेंगी.

 

 


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