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Credit- Debit card Rules : क्रेडिट और डेबिट कार्ड के लिए RBI ने जारी किया नए नियम, क्रेडिट कार्ड होल्डर इन बातों को जरूर जानें.

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Credit- Debit card Rules : रिजर्व बैंक ने क्रेडिट और डेबिट कार्ड को लेकर नया मास्टर सर्कुलर जारी किया है. अगर आप भी क्रेडिट कार्ड रखते हैं तो आपको इसकी जानकारी जरूरी है. अब रूरल बैंक और अर्बन को-ऑपरेटिव भी क्रेडिट कार्ड जारी कर सकते हैं.

 

Credit- Debit card Rules : रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India) ने क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड (Credit/Debit card) के लिए मास्टर सर्कुलर जारी किया है. इस सर्कुलर के मुताबिक, अब रूरल बैंक भी क्रेडिट कार्ड जारी कर सकते हैं. हालांकि इसके लिए रूरल बैंक को स्पॉन्सर बैंक के साथ करार करना होगा. अगर अर्बन को-ऑपरेटिव का फाइनेंशियल कंडिशन मजबूत है तो वे भी क्रेडिट कार्ड जारी कर सकते हैं. जानकारों का कहना है कि मास्टर सर्कुलर इस बात का संकेत दे रहा है कि रिजर्व बैंक आने वाले दिनों में नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनीज यानी NBFCs को भी क्रेडिट कार्ड जारी करने की अनुमति दे सकता है. अगर कोई एनबीएफसी क्रेडिट कार्ड जारी करना चाहता है तो उसे रिजर्व बैंक की मंजूरी जरूरी है.

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रिजर्व बैंक का नया सर्कुलर सभी शेड्यूल कमर्शियल बैंक, स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक्स, डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक्स, नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनीज (NBFCs) पर लागू होता है. हालांकि, पेमेंट बैंक पर रिजर्व बैंक का यह नियम लागू नहीं होगा.

 

RBI की अनुमित बिना NBFC डेबिट कार्ड भी जारी नहीं कर सकते :

रिजर्व बैंक ने 21 अप्रैल को जारी सर्कुलर में कहा कि एनबीएफसी को क्रेडिट कार्ड बिजनेस शुरू करने से पहले आरबीआई से अनुमति लेनी होगी. इसके लिए एनबीएफसी के पास अपना 100 करोड़ का फंड होना जरूरी है. रिजर्व बैंक की अनुमति के बिना एनबीएफसी क्रेडिट कार्ड तो दूर की बात है, डेबिट कार्ड भी जारी नहीं कर सकते हैं.

 

ग्रामीण बैंक भी क्रेडिट कार्ड जारी कर सकते हैं :

क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक स्पॉन्सर बैंक के साथ मिलकर क्रेडिट कार्ड जारी कर सकते हैं. अगर अर्बन को-ऑपरेटिव की वित्तीय स्थिति मजबूत है तो वे भी क्रेडिट कार्ड जारी कर सकते हैं. हालांकि, इसके लिए 100 करोड़ का मिनिमम नेटवर्थ जरूरी है. इसके अलावा भी कुछ शर्तों को मानना जरूरी है.

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मल्टीपल चार्ज के बारे में विस्तार से बताना होगा :

क्रेडिट कार्ड यूजर्स की एक शिकायत हमेशा होती है कि उन्हें चार्ज संबंधी उचित जानकारी नहीं मिल पाती है. ऐसे में ग्राहकों के हितों की रक्षा करते हुए रिजर्व बैंक ने पारदर्शित बढ़ाने पर फोकस किया है. सर्कुलर के मुताबिक, क्रेडिट कार्ड जारी करने वालों को सालाना चार्ज के बारे में विस्तार से जानकारी शेयर करनी होगी. रिटेल पर्चेज, बैलेंस ट्रांसफर, कैश एडवांस, मिनिमम पेमेंट नहीं करने पर, लेट पेमेंट फीस समेत अन्य तरह के चार्जेज के बारे में कार्ड इश्यूअर को विस्तृत जानकारी शेयर करनी होगी.

 

कार्ड होल्डर को धमकाने की इजाजत नहीं :

क्रेडिट कार्ड इश्यूअर से ये भी कहा गया कि वे कस्टमर की मर्जी के बिना कार्ड की लिमिट नहीं बढ़ाएंगे. इसके अलावा कार्ड को भी अपग्रेड नहीं किया जाएगा. क्रेडिट कार्ड कंपनी उगाही के लिए जब थर्ड पार्टी को हायर करती है तो वह कस्टमर को धमका नहीं सकता है.

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केवल 2 NBFC क्रेडिट कार्ड जारी करता है :

जानकारों का कहना है कि वर्तमान में केवल दो एनबीएफसी ऐसे हैं जिनका क्रेडिट कार्ड बिजनेस है. ये हैं- एसबीआई कार्ड्स और बॉबकार्ड लिमिटेड. रिजर्व बैंक के नए आदेश के बाद बजाज फाइनेंस जैसे एनबीएफसी अपना खुद का क्रेडिट कार्ड जारी कर सकते हैं. फिलहाल बजाज फाइनेंस को-ब्रांड क्रेडिट कार्ड जारी करता है. वर्तमान में ये एनबीएफसी बाय नाउ पे लेटर विकल्प के जरिए क्रेडिट कार्ड जैसी सुविधाएं दे रहे हैं.


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