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Business Ideas : 50 हजार में ही लगाएं इस चीज का प्‍लांट, कमाई भी होगी अंधाधुंध, सब्सिडी भी देती है सरकार.

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Business Ideas : सरकार की तरफ से इस ब‍िजनेस को करने के ल‍िए प्रोत्साहित क‍िया जाता है. इस बिजनेस के ल‍िए सरकार से सब्सिडी मिल जाती है. ऐसे में आपको ज्‍यादा से ज्‍यादा 50 हजार रुपये इनवेस्‍ट करने की जरूरत होती है.

 

Business Ideas : हर दूसरे शख्‍स का सपना होता है अपना ब‍िजनेस शुरू करना. कुछ लोग तो मन नहीं होने पर मजबूरी में नौकरी करते हैं. शायद आपके साथ भी ऐसा हो. अगर आप भी ब‍िजनेस शुरू करना चाहते हैं तो यहां हम आपको बेहद कम लागत में शुरू होने वाले ब‍िजनेस के बारे में बताएंगे.

 

50 हजार से शुरू होगा यह ब‍िजनेस :

इस ब‍िजनेस से आपको कमाई भी अंधाधुंध होने वाली है. हम ज‍िस ब‍िजनेस आइड‍िया की बात कर रहे हैं वो LED बल्‍व बनाने का बिजनेस है. जगह की कमी है तो इसे आप अपने घर में भी शुरू कर सकते हैं. इसे महज 50 हजार रुपये की लागत से शुरू क‍िया जा सकता है.

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सब्सिडी भी देती है सरकार :

सरकार की तरफ से इस ब‍िजनेस को करने के ल‍िए प्रोत्साहित क‍िया जाता है. इस बिजनेस के ल‍िए सरकार से सब्सिडी मिल जाती है. ऐसे में आपको ज्‍यादा से ज्‍यादा 50 हजार रुपये इनवेस्‍ट करने की जरूरत होती है.

 

 

रोज होगी इतनी कमाई :

एक एलईडी बल्‍व को तैयार करने में 40 से 50 रुपये की लागत आती है. बाजार में इसे बल्‍व को 80 से 100 रुपये में आसानी से बेचा जा सकता है. आपने काम छोटे लेवल पर शुरू क‍िया है. ऐसे में मान लीज‍िए आप प्रत‍िद‍िन 100 बल्‍व बेच लेते हैं तो आपको 4 से 5 हजार की इनकम हो जाएगी.

 

कंपनियां देती हैं ट्रेनिंग :

एलईडी बल्‍व का कैसे बनाया जाए, इसके ल‍िए सरकार से मान्यता प्राप्त कई संस्थान ट्रेनिंग देते हैं. एलईडी बल्व बनाने वाली कंपनियां भी ट्रेनिंग देती हैं. इसकी ट्रेन‍िंग में प्रेक्‍ट‍िकल और थ्‍योरी दोनों की जानकारी दी जाती है.

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लगातार बढ़ रही ड‍िमांड :

एलईडी बल्व की ड‍िमांड शहर और गांव में द‍िन पर द‍िन बढ़ रही है. इसकी रोशनी अच्‍छी रहती है और ब‍िजली की खपत भी कम होती है. प्लास्टिक से तैयार होने के कारण यह बल्‍व ट‍िकाऊ रहता है.


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