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Axis Bank Loan Hike : SBI के बाद एक्सिस बैंक से कर्ज लेना हुआ महंगा, जानिए कितनी बढ़ जाएगी अब आपके लोन की EMI.

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Axis Bank Loan Hike : स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के बाद निजी सेक्टर के बैंक एक्सिस बैंक का कर्ज भी महंगा हो गया है. एक्सिस बैंक ने सोमवार को मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट (MCLR) में 10 फीसदी की बढ़ोतरी का ऐलान किया है. बढ़ी हुई दरें 18 अप्रैल से लागू होंगी.

 

Axis Bank Loan Hike : स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के बाद निजी सेक्टर के बैंक एक्सिस बैंक (Axis Bank) का कर्ज भी महंगा हो गया है. एक्सिस बैंक ने सोमवार को मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट (MCLR) में 10 फीसदी की बढ़ोतरी का ऐलान किया है. बढ़ी हुई दरें (New Rates) 18 अप्रैल से लागू होंगी. MCLR बेंचमार्क ब्याज दर है, जिस न्यूनतम दर पर बैंकों (Banks) को कर्ज लेने की इजाजत होती है. इससे पहले देश के सबसे बड़े बैंक SBI ने सभी अवधि में एमसीएलआर में 10 बेसिस प्वॉइंट्स की बढ़ोतरी की है. एसबीआई की बढ़ी हुई ब्याज दरें 15 अप्रैल 2022 से प्रभावी हैं. एमसीएलआर में बढ़ोतरी से एक्सिस बैंक के होम लोन (Home Loan), ऑटो लोन (Auto Loan) और पर्सनल लोन (Personal Loan) महंगे हो जाएंगे. इससे ग्राहकों की ईएमआई (EMI) बढ़ जाएगी.

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बैंकों के एमसीएलआर में उसकी फंड की लागत दी होती है, जिसे बैंक हर महीने घोषित करते हैं. कोई भी बैंक एमसीएलआर पर उधार देता है लेकिन इससे कम पर बैंक उधार नहीं दे सकता है. होम लोन की ब्याज दरें या तो एमसीएलआर के बराबर होंगी या उससे ज्यादा होंगी.

MCLR बढ़ने से क्या होगा?

MCLR बढ़ने से आम आदमी को नुकसान होता है. उसका मौजूदा लोन महंगा हो जाता है और पहले की तुलना में ज्यादा EMI देनी पड़ती है. जब आप किसी बैंक से लोन लेते हैं तो बैंक द्वारा लिए जाने वाले ब्याज की न्यूनतम दर को बेस रेट कहा जाता है. बेस रेट से कम दर पर बैंक किसी को लोन नहीं दे सकता. इसी बेस रेट की जगह पर अब बैंक एमसीएलआर का इस्तेमाल कर रहे हैं. इसकी गणना धनराशि की सीमांत लागत, आवधिक प्रीमियम, संचालन खर्च और नकदी भंडार अनुपात को बनाए रखने की लागत के आधार पर की जाती है.

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इससे पहले, बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) ने भी एमसीएलआर में 5 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी की थी. 12 अप्रैल, 2022 से बेंचमार्क एक साल की अवधि एमएलसीआर अब 7.35 फीसदी है.

 

इसके अलावा आपको बता दें कि एक्सिस बैंक ने हाल ही में कई तरह के सेविंग्स अकाउंट के लिए न्यूनतम बैलेंस की जरूरतों को बढ़ा दिया है. मुफ्त कैश ट्रांजैक्शन की सीमा को 2 लाख रुपये से घटाकर 1.5 लाख रुपये प्रति महीना कर दिया गया है. ये चार्ज 1 अप्रैल 2022 से लागू हो गए हैं. इजी सेविंग्स और मेट्रो, शहरी इलाकों में समान प्रोग्राम के लिए न्यूनतम बैलेंस की जरूरत को 10,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये कर दिया गया है.


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