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ATM Service Charge : क्या आप बैंक के सर्विस चार्ज से परेशान हैं? अपनायें ये तरीका नहीं लगेगा सर्विस चार्ज, ना ही देना पड़ेगा जुर्माना.

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ATM Service Charge Saving Tips : क्या आप बैंक के सर्विस चार्ज (Service Charge) से परेशान हैं? बिना वजह कटने वाले सर्विस चार्ज से आप छुटकारा पाना चाहते हैं? तो आइए कुछ जरूरी टिप्स के बारे में जान लेते हैं जिन्हें आजमा कर आप बैंक के सर्विस चार्ज, यहां तक कि ब्याज और जुर्माने से भी राहत पा सकते हैं.

 

ATM Service Charge : क्या आप बैंक के सर्विस चार्ज (Service Charge) से परेशान हैं? बिना वजह कटने वाले सर्विस चार्ज से आप छुटकारा पाना चाहते हैं? तो आइए कुछ जरूरी टिप्स के बारे में जान लेते हैं जिन्हें आजमा कर आप बैंक के सर्विस चार्ज, यहां तक कि ब्याज और जुर्माने से भी राहत पा सकते हैं. असल में जब हम खाता खोलते हैं, तो उस वक्त पता नहीं करते कि बैंक किन-किन ट्रांजैक्शन और सेवाओं पर चार्ज वसूलते हैं. उस वक्त खाता खोलने की जल्दी होती है, इसलिए हम गौर नहीं कर पाते. बाद में जब बैंक का स्टेटमेंट आता है या रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, ईमेल पर मैसेज आता है, तो हमें पता चलता है कि बिना किसी उपयोग के भी बैंक की सर्विस पर चार्ज कट गया. आप इसमें कुछ कर भी नहीं सकते क्योंकि यह कानूनी बाध्यता होती है. बैंक आपसे सर्विस चार्ज का पैसा लेने नहीं आता बल्कि खाते से तुरंत काट लेता है. ऐसे में ग्राहक के सामने लाचारी के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं.

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इन सभी बातों के बावजूद आप चाहें तो कुछ टिप्स अपना कर बैंक के सर्विस चार्ज से छुटकारा पा सकते हैं. आप कुछ टिप्स को अपनाकर ब्याज और जुर्माना देने से आसानी से बच सकते हैं. आइए इन तरीकों के बारे में जानते हैं.

 

1-एटीएम से बार-बार पैसे न निकालें :

एटीएम से बार-बार पैसे निकालने वाली आदत ठीक नहीं. एटीएम को रोज के खर्चे की मशीन न मानें और जब मर्जी तभी उससे 50-100 रुपये न निकालें. यह आदत आपकी जेब पर भारी पड़ती है. कई बार लोग सोचते हैं कि पास में अधिक पैसे रहने पर अधिक खर्च होगा. इसलिए कम-कम पैसे एटीएम से निकालते हैं. इस आदत के चलते आपको भारी सर्विस चार्ज भरना होता है. बैंकों ने एटीएम ट्रांजैक्शन की लिमिट तय की है. उसके बाद पैसे निकालने पर 20-25 रुपये तक देने होते हैं. इससे बचने का यही उपाय है कि एटीएम से पैसे निकालें जरूर, लेकिन एकमुश्त खर्च का हिसाब लगाकर. इस विधि से 10,000 रुपये तक की निकासी पर 50 रुपये तक बचा सकते हैं.

 

2-चेकबुक से बचें :

आप बैंक से अतिरिक्त चेकबुक लेते हैं तो इससे भी बचना चाहिए. अतिरिक्त चेकबुक के लिए बैंक 20 रुपये या इससे भी ज्यादा चार्ज वसूलते हैं. जरूरी नहीं कि बड़े ट्रांजैक्शन के लिए चेक का ही सहारा लिया जाए. आजकल नेट बैंकिंग या यूपीआई का चलन जोरों पर है जो बेहद फायदेमंद है. इसमें जल्द पैसे का निपटारा होता है और यह सस्ता भी है. सबसे बड़ी बात कि इस फंड ट्रांसफर को आप ट्रैक भी कर सकते हैं.

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3-ऑटो पेमेंट का सहारा लें :

अगर आप बिल पेमेंट की तारीख याद नहीं रखते तो यह आपकी गलती है. इस मुसीबत में आपको जुर्माना या ब्याज भी भरना पड़ता होगा. जबकि सच्चाई है कि इसे एक छोटे प्रयास से बचाया जा सकता है. बैंक इसके लिए ऑटो पेमेंट की सुविधा देते हैं. बस आपको इसकी तारीख तय करनी होती है और उस खास तारीख को आपके खाते से अपने आप पैसे कट जाएंगे. आपको बिल की तारीख याद रखने की टेंशन नहीं. अगर बैंक का मोबाइल ऐप इस्तेमाल करते हैं तो ऑटो पेमेंट की तारीख निर्धारित करना और भी आसान है. घर बैठे यह काम हो जाएगा.

 

4-क्रेडिट कार्ड के खर्च से सावधान :

क्रेडिट कार्ड रखते हैं इसका मतलब यह नहीं कि बिना काम की भी शॉपिंग करते चलें. फालतू का खर्च आपको कर्ज के जंजाल में फंसाएगा. क्रेडिट कार्ड स्वाइप करें, लेकिन सोच-समझ कर. अपने बजट का खयाल रखते हुए क्रेडिट कार्ड से खर्च करें. क्रेडिट कार्ड का भी पैसा आपको ही भरना होता है, बस इसमें महीना या 50 दिन की मोहलत मिल जाती है. अगर बिलिंग साइकिल का ध्यान न रहे, पैसे की तंगी हो जाए और बिल न भर सके तो 30 परसेंट तक जुर्माना लगेगा. यह जुर्माना आपको गहरे घाटे में धकेल देगा. सिबिल स्कोर खराब होने का झंझट अलग से मोल लेना होगा.

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5-खाते में जरूर रखें मिनिमम बैलेंस :

कोई भी खाता हो, किसी बैंक का खाता हो, उसका मिनिमम बैलेंस का एक नियम होता है. इस नियम को याद करके रख लें. ध्यान में रखें कि किसी भी सूरत में मिनिमम बैलेंस के नियम की अवहेलना नहीं हो. आप जैसे ही इस नियम को तोड़ते हैं, बैंक आपसे सर्विस चार्ज वसूल लेता है. जितने महीने या दिन तक आप मिनिमम बैलेंस को नहीं बनाए रखेंगे, बैंक उतने दिनों या महीने का चार्ज जोड़ कर लेगा. ब्याज भी लग सकता है और खाता भी बंद हो सकता है. इसलिए मिनिमम बैलेंस को हर हाल में बनाए रखें.


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